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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jun 29, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Punjab News: लोकसभा के बाद उपचुनाव की तैयारी में जुटी कांग्रेस, जालंधर में कार्यकर्ताओं की फौज उतारने का किया एलान

Published: Sat, 29 Jun 2024 03:08 PM (GMT+05:30)

पंजाब में लोकसभा के बाद कांग्रेस अब विधानसभा चुनाव की तैयारी में जुट गई है। लोकसभा चुनाव में कांग्रेस को ...और पढ़ें

छह जिलों के कार्यकर्ताओं को जालंधर में डेरा जमाने के दिए निर्देश
छह जिलों के कार्यकर्ताओं को जालंधर में डेरा जमाने के दिए निर्देश

HighLights

  1. प्रताप सिंह बाजवा पहले ही जालंधर में जमा चुके हैं डेरा
  2. लोकसभा चुनाव में 13 में से 7 सीटें जीत चुकी कांग्रेस

कैलाश नाथ, चंडीगढ़। लोकसभा चुनाव में पंजाब की 13 में से 7 सीटें जीतने से उत्साहित हो कांग्रेस ने जालंधर पश्चिमी विधानसभा क्षेत्र में हो रहे उप चुनाव में कार्यकर्ताओं की फौज उतारने का निर्णय लिया है। इसके लिए छह जिलों के कार्यकर्ताओं और नेताओं को जालंधर भेजा जा रहा है। विपक्ष के नेता प्रताप सिंह बाजवा पहले ही जालंधर में डेरा जमा चुके हैं।

उपचुनाव को लेकर गंभीर कांग्रेस

कांग्रेस इसलिए भी इस उपचुनाव को लेकर गंभीर है, क्योंकि लोकसभा चुनाव में इस सीट से चरणजीत सिंह चन्नी चुनाव जीते हैं और मुख्यमंत्री भगवंत मान उपचुनाव को देखते हुए जालंधर में बाकायदा किराये का घर ले चुके हैं।

इन जिलों में लगाई गर्ठ ड्यूटी

पंजाब कांग्रेस की तरफ से बाकायदा लुधियाना, अमृतसर, होशियारपुर, मोगा, कपूरथला, फगवाड़ा आदि के कार्यकर्ताओं की जालंधर में ड्यूटी लगाई गई है। इसके अलावा पूर्व मंत्री बलबीर सिद्धू, विजय इंदर सिंगला, संगत सिंह गिलजियां, रणदीप नाभा, पूर्व विधायक हरमिंदर गिल आदि की ड्यूटियां लगाई गई हैं।

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अमृतसर के सांसद गुरजीत औजला, पूर्व सांसद जसबीर डिंपा भी उपचुनाव में पार्टी की जिम्मेदारी निभाएंगे। कांग्रेस ने जालंधर पश्चिमी विधानसभा के 23 वार्डों में वरिष्ठ नेताओं की ड्यूटी लगा दी है। कमोवेश, यही स्थिति आम आदमी पार्टी की भी है। मुख्यमंत्री भगवंत मान जहां सीधे रूप से यहां पर चुनाव की कमान संभाले हुए हैं।

विधायकों और मंत्रियों को सौंपा गया प्रचार का जिम्‍मा

वहीं, सरकार ने अपने विधायकों व मंत्रियों को प्रचार की जिम्मेदारी सौंप रखी है। लोकसभा चुनाव में कांग्रेस को इस विधानसभा क्षेत्र में 44,394 वोट मिले थे, जबकि भारतीय जनता पार्टी के सुशील रिंकू को 42,837 वोट मिले थे।

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आम आदमी पार्टी के पवन टीनू को 15,629 वोट मिले थे। यह उपचुनाव सभी के लिए साख का सवाल बन गया है। आप जहां इस उप चुनाव को जीत कर लोकसभा चुनाव में मिली हार का गम भुलाना चाहती है तो भारतीय जनता पार्टी चुनाव जीत कर लोक सभा चुनाव में कोई भी सीट नहीं जीत पाने के दर्द पर मरहम लगाना चाहती है।

आप के लिए साख का सवाल

कांग्रेस यह चुनाव जीत कर सत्तारूढ़ आप को यह संकेत देना चाहती है कि उनके दिन अब खत्म होने वाले हैं। आप के लिए यह चुनाव इसलिए भी साख का सवाल हैं क्योंकि शीतल अंगुराल जोकि भाजपा के प्रत्याशी हैं, ने आप के विधायक पद से इस्तीफा देकर भाजपा में शामिल हुए थे। आप हर कीमत पर इस चुनाव को जीतना चाहती है।