जेएनएन, चंडीगढ़। लुधियाना के RTI कार्यकर्ता कुलदीप सिंह खैहरा ने शिरोमणि अकाली दल के अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल सहित 18 अकाली नेताओं को हिरासत में लेकर कानूनी कार्रवाई की मांग की है। खैहरा ने मुख्य चुनाव आयुक्त सुनील अरोड़ा और पंजाब के मुख्य चुनाव अधिकारी डॉ. एस करुणा राजू को भेजी शिकायत में कहा है कि पुलिस ने 8 दिसंबर 2017 को नेशनल हाईवे पर यातायात रोकने के आरोप मे केस दर्ज किए थे।

खैहरा ने RTI एक्ट के तहत प्राप्त सूचना के आधार पर की शिकायत में कहा है कि पुलिस ने पूर्व उपमुख्यमंत्री सुखबीर बादल, पूर्व मंत्री बिक्रम सिंह मजीठिया, सांसद रंजीत सिंह ब्रह्मपुरा, लखबीर सिंह लोधीनंगल, पवन कुमार टीनू, गुरप्रताप सिंह वडाला, सहित 18 नेताओं पर केस दर्ज किए थे। खैहरा के अनुसार सियासी दबाव के कारण पुलिस ने उक्त नेताओं को गिरफ्तार नहीं कर रही और अदालत में चालान भी पेश नहीं कर रही। उन्होंने कहा कि उक्त नेताओं ने अदालत से जमानत भी नहीं ली है।

शिकायतकर्ता का कहना है कि इस संबंध में कई बार पुलिस प्रमुख और संबंधित जिलों के पुलिस अधिकारियों से भी संपर्क किया गया है, लेकिन पुलिस ने कोई नहीं कार्रवाई की। उधर, मुख्य चुनाव अधिकारी डॉ. एस करुणा राजू का कहना है कि केस दर्ज करने के बाद आरोपितों को हिरासत में लेना पुलिस का काम है।

दस अधिकारियों की गृह जिले में तैनाती पर आप ने आयोग से की शिकायत

आम आदमी पार्टी पंजाब ने चुनावी ड्यूटी पर तैनात आरओ, एआरओ के तबादलों पर सवाल खड़े करते हुए पंजाब के मुख्य चुनाव अधिकारी के पास शिकायत दर्ज करवाई है। आप के प्रवक्ता व लीगल सेल के प्रदेश अध्यक्ष जसतेज सिंह अरोड़ा ने सरकार के इस कदम को चुनाव आचार संहिता का उल्लंघन करार देते हुए मुख्य चुनाव अधिकारी के पास शिकायत दर्ज करवाई। शिकायत में कहा गया है कि एसडीएम व डिप्टी कमिश्नर स्तर के 10 अधिकारियों की उनके गृह जिले में तैनाती कर आचार संहिता का उल्लंघन किया गया है। जसतेज सिंह अरोड़ा ने अधिकारियों का विवरण भी दिया है।

बैंकों से होने वाले लेनदेन पर चुनाव आयोग की नजर

चुनाव आयोग ने आदर्श चुनाव आचार संहिता लागू रहने के दौरान बैंक खातों के द्वारा होने वाली संदिग्ध अदायगियों की सूचना प्राप्त करने के लिए दिशा-निर्देश जारी किए हैं। पंजाब के मुख्य चुनाव अधिकारी डा. एस करुणा राजू ने बताया कि जिला चुनाव अधिकारी बैंक खातों के द्वारा एक लाख रुपये से अधिक की संदिग्ध अदायगियों या पैसे जमा करवाने की जानकारी संबंधित बैंक से हासिल कर सकता हैं।

इसके अलावा जि़ला चुनाव अधिकारी बीते दो महीनों के दौरान हुई पैसे जमा करवाने या निकलवाने की भी सूचना ले सकता हैं। दिशा निर्देशों के अनुसार किसी एक बैंक खाते में से आरटीजीएस के द्वारा एक ही जिले, विधानसभा हलके के कई व्यक्तियों के खातों में चुनाव प्रक्रिया के दौरान एक लाख रुपये से ज्यादा के लेन-देन की जानकारी जिला चुनाव अधिकारी ले सकता है। कार्यालय मुख्य चुनाव अधिकारी की वेबसाइट पर उपलब्ध जो हलफनामा उम्मीदवार द्वारा दायर किया जाएगा उसमें दर्ज उसके पति या पत्नी अथवा आश्रित के खातों की भी जानकारी ली जा सकती है।

डॉ. राजू ने बताया कि किसी भी राजनीतिक पार्टी के खाते में चुनाव प्रक्रिया के दौरान पैसों का लेन-देन पर शक होने पर एफएसटी टीम को पड़ताल के उपरांत ज़रूरी कदम उठाने के लिए कहा जा सकता है। यदि किसी खाते में दस लाख रुपये से अधिक का लेन-देन हो तो इसकी सूचना इनकम टैक्स विभाग के नोडल अधिकारी को देनी होगी।

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Posted By: Kamlesh Bhatt

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