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ससुर को भी मरवाना चाहती थी अमरीन, चंडीगढ़ में चिन्नी हत्याकांड की साजिशकर्ता को लेकर बड़ा खुलासा

By Ravi Atwal Edited By: Sohan Lal
Published: Sat, 29 Aug 2026 07:00 AM (IST)

चिन्नी हत्याकांड की चार्जशीट में बड़ा खुलासा हुआ है कि आरोपित अमरीन कौर राय अपने ससुर त्रिलोक सिंह राय को ...और पढ़ें

हत्याकांड की साजिशकर्ता अमरीन और मारा गया प्रॉपर्टी डीलर चमनप्रीत उर्फ चिन्नी।

हत्याकांड की साजिशकर्ता अमरीन और मारा गया प्रॉपर्टी डीलर चमनप्रीत उर्फ चिन्नी।

HighLights

  1. ससुर के साथ जमीन-जायदाद को लेकर विवाद चल रहा था।

  2. संपत्ति विवाद के कारण दोनों को रास्ते से हटाना चाहती थी।

  3. गैंगस्टर लक्की पटियाल से संपर्क साधा गया था।

रवि अटवाल, चंडीगढ़। मुल्लांपुर निवासी प्राॅपर्टी डीलर चमनप्रीत सिंह नागरा उर्फ चिन्नी कुबाहेड़ी की हत्या के मामले में पुलिस की चार्जशीट में बड़ा खुलासा हुआ है। चिन्नी की हत्या की साजिश रचने वाली सेक्टर-35 निवासी अमरीन कौर राय अपने ससुर त्रिलोक सिंह राय को भी मरवाना चाहती थी।

ससुर की हत्या के लिए अमरीन ने गैंगस्टर लक्की पटियाल को सुपारी देने की कोशिश की थी। पुलिस को दिए अमरीन के कबूलनामे और चिन्नी की हत्या करने वाले शूटर राजन उर्फ पीयूष पहलवान के बयान में भी इसका जिक्र है।

राजन ने पुलिस को बताया कि अमरीन ने लक्की पटियाल से कहा था कि या तो चिन्नी को मरवा दे या फिर उसके ससुर को। अमरीन का अपने ससुर के साथ जमीन-जायदाद को लेकर विवाद चल रहा था।

इसी बीच अमरीन ने चिन्नी से मुल्लांपुर में साढ़े आठ एकड़ जमीन खरीदी थी। बाद में इस जमीन को लेकर उसकी चिन्नी से भी अनबन हो गई। उधर, चिन्नी ने अमरीन के ससुर त्रिलोक सिंह से संपर्क किया और उन्हें बातों में फंसा लिया।

अमरीन के ससुर ने उस पर यह जमीन वापस चिन्नी को ही बेचने का दबाव बनाना शुरू कर दिया। अब अमरीन को डर था कि यह जमीन उसके हाथ से निकल जाएगी।

इसलिए उसने चिन्नी और ससुर दोनों को रास्ते से हटाने के लिए गैंगस्टर से संपर्क साधा। इस काम में हर्षप्रीत सिंह उर्फ हर्ष सोहाणा ने उसकी मदद की और इंटरनेट मीडिया के जरिये लक्की पटियाल से संपर्क कराया।

ससुर से प्राॅपर्टी को लेकर था विवाद

अमरीन ने पुलिस को बताया कि उसके ससुर कहते थे कि प्रापर्टी उन्होंने बनाई है और जब तक जिंदा हैं, किसी को नहीं देंगे। वर्ष 2024 में ससुर ने जीरकपुर में रमाडा होटल के पास डेढ़ एकड़ जमीन 34-35 करोड़ रुपये में बेची थी।

दोनों बेटों को नौ-नौ करोड़ रुपये दिए गए। अमरीन ने अपने पति के हिस्से के नौ करोड़ रुपये से मुल्लांपुर में साढ़े आठ एकड़ जमीन खरीदी गई थी। उसको यह जमीन चिन्नी ने दिलवाई थी। बाद में जमीन की रजिस्ट्री को लेकर दोनों में विवाद हो गया।

उसे इतना पता लग चुका था कि चिन्नी ने उसे मुल्लांपुर वाली जमीन मार्केट रेट से कहीं महंगे दाम पर बेची थी। चिन्नी ने उसके साथ पहले ही बड़ा धोखा कर दिया था।

18 मार्च को जिम के बाहर करवा दी चिन्नी की हत्या

अमरीन ने चिन्नी और अपने ससुर दोनों को रास्ते से हटाने के लिए गैंगस्टर लक्की पटियाल से संपर्क किया। हर्षप्रीत सिंह उर्फ हर्ष सोहाणा ने इंटरनेट मीडिया के जरिए राजन उर्फ पीयूष पहलवान से बात की। उसी ने डब्बा काल के जरिए स्पीकर आन कर लक्की पटियाल की अमरीन से बात करवाई।

इस तरह राजन ने लक्की और अमरीन के बीच हुई बातचीत सुन ली थी। 18 मार्च को लक्की पटियाल ने राजन और नवांशहर निवासी प्रीतम शाह को भेजकर सेक्टर-9 की जिम के बाहर चिन्नी की हत्या करवा दी।

वारदात के अगले दिन पंजाब पुलिस ने दोनों शूटरों को गिरफ्तार कर लिया था। बाद में शूटरों की मदद करने और उन्हें पनाह देने वाले जानू मलिक, कमलप्रीत उर्फ कमू, राहुल शर्मा और विक्की को भी गिरफ्तार किया गया। इनके बाद पुलिस ने अमरीन और हर्ष को गिरफ्तार किया।