सफाईकर्मियों और कूड़ा बीनने वालों के बच्चों को मिलेगी स्कॉलरशिप, केंद्र का बड़ा फैसला, पंजाब सरकार से सत्यापन की मांग
भाजपा नेता विजय सांपला ने सफाई कर्मचारियों और कूड़ा बीनने वालों के बच्चों के लिए प्री-मैट्रिक छात्रवृत्ति योजना के विस्तार का स्वागत किया है।

सफाई कर्मचारियों और कूड़ा बीनने वालों के बच्चों को मिलेगी प्री-मैट्रिक स्कॉलरशिप।
HighLights
विजय सांपला ने सफाई कर्मचारियों के बच्चों की छात्रवृत्ति योजना का स्वागत किया
पंजाब सरकार से पात्र विद्यार्थियों के विवरण सत्यापन की मांग की
यह योजना बच्चों को शिक्षा जारी रखने में आर्थिक मदद देगी
रोहित कुमार, चंडीगढ़। सफाई कर्मचारियों और कूड़ा बीनने वालों के बच्चों की पढ़ाई को लेकर केंद्र सरकार के फैसले का भाजपा के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व केंद्रीय मंत्री विजय सांपला ने स्वागत किया है।
उन्होंने पंजाब सरकार और शिक्षा विभाग से केंद्र की ओर से साझा किए गए पात्र विद्यार्थियों के विवरण का तत्काल सत्यापन कर सभी योग्य बच्चों की सूची तैयार करने और उनके छात्रवृत्ति आवेदन करवाने की मांग की है।
सांपला ने कहा कि केंद्र सरकार की ओर से प्री-मैट्रिक छात्रवृत्ति योजना का विस्तार सफाई कर्मचारियों और कूड़ा बीनने वालों के बच्चों तक करना महत्वपूर्ण कदम है। इससे ऐसे परिवारों के बच्चों को शिक्षा जारी रखने में आर्थिक मदद मिलेगी, जो लंबे समय से आर्थिक और सामाजिक चुनौतियों का सामना कर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय ने नेशनल एक्शन फॉर मैकेनाइज्ड सैनिटेशन इकोसिस्टम (नमस्ते) के तहत सत्यापित सफाई कर्मचारियों और कूड़ा बीनने वालों के बच्चों को प्री-मैट्रिक छात्रवृत्ति योजना में शामिल करने की प्रक्रिया शुरू की है।
मंत्रालय की ओर से पात्र बच्चों का विवरण राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के साथ साझा किया गया है, ताकि योग्य विद्यार्थियों तक योजना का लाभ पहुंचाया जा सके।
सांपला ने पंजाब सरकार से कहा कि वह केंद्र से प्राप्त विवरण के आधार पर पात्र बच्चों की पहचान कर आवेदन की प्रक्रिया पूरी करवाए। उन्होंने कहा कि जानकारी के अभाव या विभागीय प्रक्रिया में देरी के कारण कोई भी पात्र विद्यार्थी छात्रवृत्ति के लाभ से वंचित नहीं होना चाहिए।
अब तक करीब 90 हजार सीवर और सेप्टिक टैंक कर्मचारियों तथा 2.5 लाख से अधिक कूड़ा बीनने वालों का सत्यापन किया जा चुका है। योजना के अगले चरण में ग्रामीण क्षेत्रों में कार्यरत सफाई कर्मचारियों और नालियों की सफाई से जुड़े कर्मचारियों को भी शामिल किया जा रहा है।
सांपला ने कहा कि शिक्षा अगली पीढ़ी के लिए बेहतर अवसर तैयार करने का महत्वपूर्ण माध्यम है। सफाई कर्मचारियों के बच्चों की शिक्षा के लिए आर्थिक सहायता मिलने से उन्हें पढ़ाई जारी रखने में मदद मिलेगी और परिवारों पर आर्थिक बोझ भी कम होगा।
