चंडीगढ़ में 14 जगह छठ पूजा की तैयारी, घरों के नजदीक होंगे कार्यक्रम; जानें कहां-कहां हो सकते हैं आयोजन
चंडीगढ़ में इस बार छठ पूजा के लिए 14 नए स्थानों पर व्यवस्था की जा रही है, जिससे पूर्वांचल समुदाय ...और पढ़ें

पूर्वांचल समुदाय के लोग घरों के नजदीक छठ पूजा कर सकेंगे। (सांकेतिक फोटो)
HighLights
सेक्टर-42 न्यू लेक पर भीड़ कम करने की योजना।
पूर्वांचल एसोसिएशनों का प्रतिनिधिमंडल मेयर से मिला।
घरों के नजदीक पूजा से श्रद्धालुओं को मिलेगी राहत।
जागरण संवाददाता, चंडीगढ़। इस बार पूर्वांचल समुदाय के लोग अपने घरों के नजदीक छठ पूजा कर सकेंगे। नगर निगम की ओर से शहर में 14 स्थानों पर छठ पूजा के आयोजन के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं करवाने की तैयारी है।
मेयर सौरभ जोशी ने पूर्वांचल एसोसिएशनों के प्रतिनिधियों को इन स्थानों पर व्यवस्था करवाने के लिए नगर निगम कमिश्नर के समक्ष प्रस्ताव रखने और आवश्यक कदम उठाने का आश्वासन दिया है।
पूर्वांचल एसोसिएशनों का प्रतिनिधिमंडल पार्षद सुमन शर्मा और बिमला दुबे के साथ मेयर से मिला। भाजपा नेता अनिल दुबे के नेतृत्व में पहुंचे प्रतिनिधिमंडल ने अपने-अपने क्षेत्रों में छठ पूजा के आयोजन के लिए आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध करवाने की मांग की।
प्रतिनिधियों ने बताया कि शहर की काॅलोनियों, गांवों और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (ईडब्ल्यूएस) के आवासीय क्षेत्रों में रहने वाले श्रद्धालुओं को छठ पूजा के लिए सेक्टर-42 स्थित न्यू लेक तक लंबी दूरी तय करनी पड़ती है।
इससे व्रत रखने वाली महिलाओं, बुजुर्गों और उनके परिवारों को परेशानी होती है। घरों के नजदीक पूजा की व्यवस्था होने से श्रद्धालुओं को राहत मिलेगी।
इन क्षेत्रों में प्रस्तावित हैं पूजा स्थल
छठ पूजा के लिए मालोया और धनास की ईडब्ल्यूएस कालोनियों के स्माल फ्लैट्स, धनास की कच्ची कालोनी, रामदरबार और बापूधाम की ईडब्ल्यूएस कालोनियों, मनीमाजरा की इंदिरा काॅलोनी और शिवालिक गार्डन, मौली जागरां, विकास नगर, सुंदर नगर, मौली गांव, हल्लोमाजरा, दरिया, पीजीआई के पास खुड्डा लाहौरा में रामशरणम मंदिर के पीछे का क्षेत्र, खुड्डा अलीशेर, कैंबवाला और गांव फैदां सहित विभिन्न स्थानों के प्रस्ताव दिए गए हैं।
सेक्टर-42 में भीड़ कम करने की योजना
मेयर ने कहा कि अलग-अलग क्षेत्रों में छठ पूजा की व्यवस्था होने से सेक्टर-42 न्यू लेक पर एक साथ उमड़ने वाली भीड़ को कम करने में मदद मिलेगी। इससे यातायात जाम और अन्य लोगों को होने वाली असुविधा भी कम हो सकती है।
उन्होंने आश्वासन दिया कि प्रस्तावित स्थानों पर त्योहार से पहले आवश्यक व्यवस्थाएं करवाने के लिए नगर निगम कमिश्नर के साथ मामला उठाया जाएगा। इसका उद्देश्य पूर्वांचल समुदाय की धार्मिक और सांस्कृतिक परंपराओं का सम्मान करते हुए श्रद्धालुओं को सुविधाजनक माहौल उपलब्ध करवाना है।
