जागरण संवाददाता, मोहाली : ओमेक्स कैसिया रेजिडेंट्स वेलफेयर एसोसिएशन (ओसीआरडब्ल्यूए), मुल्लांपुर, न्यू चंडीगढ़ ने मूलभूत सुविधाएं देने व समस्याओं को हल करने की मांग की है। निवासियों का आरोप है कि 10 वर्षो से ओमेक्स प्राइवेट लिमिटेड और उसके समूह की कंपनियां को पूर्ण भुगतान किया है, लेकिन अभी तक मूलभूत सुविधा उपलब्ध नहीं कराई गई। ओमेक्स के उदासीन और गैर-जिम्मेदार रवैये पर निवासियों ने संघर्ष की चेतावनी दी है। निवासियों ने कहा कि अगर मांगें न मानी तो अगले महीने पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिदर सिंह का घेराव करेंगे। एसोसिएशन के अध्यक्ष भूपिदर सिंह ने दिसंबर 2018 में निवासी प्रतिनिधियों के साथ समझौते पर हस्ताक्षर किए, जिसमें उपरोक्त सुविधाएं प्रदान करने की समय सीमा पर सहमति हुई और बदले में 50 प्रतिशत सीएएम (सामान्य क्षेत्र रखरखाव शुल्क) पर सहमति हुई। निवासी अब तक 50 प्रतिशत सीएएम का भुगतान कर रहे हैं लेकिन सहमत सुविधाएं कहीं नहीं हैं। सतीखसन सूद बनाम राज्य उपभोक्ता आयोग के आदेश के बाद भी ओमेक्स न्यू चंडीगढ़ एक्सटेंशन डेवलपर्स प्रा. लिमिटेड ने स्पष्ट रूप से निर्देश दिया है कि जब तक सुविधाएं पूरी नहीं हो जाती हैं, तब तक कोई सीएएम देय नहीं है।

ओमेक्स और इसकी आउटसोर्स कंपनी फैसिलिटी प्लस निवासियों को सीएएम का भुगतान करने की धमकी दे रही है या वे सेवाएं बंद कर देंगे। कंपनी सेवा बंद करने के लिए नोटिस जारी करती है और निवासियों की सेवा भी बंद कर देती है। समय-समय पर निर्दोष निवासियों से पैसे निकालने के लिए यह हाथ घुमा देने वाली रणनीति का उपयोग किया जाता है। इससे पहले उन्होंने निवासियों को बिजली काटनी शुरू कर दी थी, जिसे उपयुक्त अदालतों के आदेश के बाद रोक दिया गया था। निवासियों की मांग है कि बिक्री के समय 10 साल पहले की प्रतिबद्धता के अनुसार सुविधाएं और बुनियादी ढांचा प्रदान किया जाना चाहिए। हमने जो भुगतान किया है वह हमें मिलना चाहिए। चार जून को निवासियों ने सड़क पर विरोध करने के बाद, बैठक का एक दौर हुआ, जिसमें कुछ गतिविधियों की समयसीमा परस्पर थी।

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