जागरण संवाददाता, चंडीगढ़।  चंडीगढ़ प्रशासन के गलियारों में पिछले डेढ़ महीने से हो रहे बदलाव की हलचल अभी थमी भी नहीं है। फिर से वही दौर आ गया है, जब बड़े स्तर पर बदलाव की तैयारी हो गई है। लगभग एक तिहाई पदों पर अधिकारियों का फेरबदल होने जा रहा है। यह फेरबदल अगस्त से ही शुरू हो रहा है। अधिकतर अधिकारी अपना तीन साल का कार्यकाल पूरा करने के बाद वापस लौटने वाले हैं।

सबसे पहले नंबर पर प्रिंसिपल सेक्रेटरी होम अरुण कुमार गुप्ता डेपुटेशन पीरियड पूरा होने के बाद तीन महीने की एक्सटेंशन पर हैं। उनका एक्सटेंशन पीरियड भी अगस्त के आखिर में पूरा हो रहा है। इसके बाद वह वापस हरियाणा लौटेंगे। उनकी जगह हरियाणा कैडर के 2000 बैच के अधिकारी नितिन कुमार यादव नए होम सेक्रेटरी का कार्यभार संभालेंगे। केंद्र सरकार उनके नाम को मंजूरी दे चुकी है। अरुण गुप्ता के कार्यकाल में स्वास्थ्य क्षेत्र में बेहतर काम हुआ। कई प्रोजेक्ट का काम चल रहा है।

आनंदिता मित्रा को एमसी की जिम्मेदारी

नगर निगम कमिश्नर कमल किशोर यादव का कार्यकाल 24 मई को पूरा हो गया था। वह तभी से तीन महीने की एक्सटेंशन पर हैं। उनका एक्सटेंशन पीरियड अगस्त में पूरा हो रहा है। उनकी जगह पंजाब कैडर की अधिकारी आनंदिता मित्रा ज्वाइन करेंगे। केके यादव ने नगर निगम में कई तरह के सुधार किए। स्मार्ट सिटी के प्रोजेक्ट को आगे बढ़ाने में अहम जिम्मेदारी निभाई।

पंचकूला के डीसी चंडीगढ़ का डीसी बनने की दौड़ में

चंडीगढ़ में डीसी का पद हरियाणा कोटे में आता है। हरियाणा सरकार ही इसके लिए अधिकारी को डेपुटेशन पर भेजती है। डीसी मनदीप सिंह बराड़ का तीन साल का कार्यकाल अक्तूबर में पूरा हो रहा है। बराड़ 2005 बैच के आईएएस अधिकारी हैं। बराड़ अक्तूबर में वापस लौट जाएंगे। उनकी जगह हरियाणा सरकार तीन अधिकारियों का पैनल भेज चुकी है। इनमें एक नाम पंचकूला के मौजूदा डीसी 2010 बैच के विनय प्रताप सिंह, 2010 बैच के मुकुल कुमार और तीसरा नाम 2010 बैच के आइएएस प्रभजोत सिंह का शामिल है।

Edited By: Ankesh Thakur