वेस्ट मैटीरियल से तैयार की उपयोगी चीजें, चंडीगढ़ सेक्टर-17 प्लाजा में लगी प्रदर्शनी; देखने पहुंच रहे लोग
चंडीगढ़ के सेक्टर-17 प्लाजा में नगर निगम ने 'स्वच्छता से समृद्धि- वेस्ट टू वंडर' प्रदर्शनी लगाई है, जिसमें बेकार सामग्री ...और पढ़ें

सेक्टर-17 प्लाजा में लगी प्रदर्शनी को देखने पहुंचे मेयर सौरभ जोशी।
HighLights
प्रदर्शनी के जरिये रिड्यूस, रीयूज और रिसाइकिल का संदेश।
बेकार सामग्री से उपयोगी और आकर्षक वस्तुएं प्रदर्शित की गईं।
स्कूली बच्चों, स्वयं सहायता समूहों समेत संस्थाएं बनी हिस्सा।
जागरण संवाददाता, चंडीगढ़। कचरे को सिर्फ फेंकने की चीज समझने के बजाय उससे उपयोगी और आकर्षक वस्तुएं तैयार करने का संदेश देने के लिए नगर निगम की ओर से सेक्टर-17 प्लाजा में ‘स्वच्छता से समृद्धि- वेस्ट टू वंडर’ प्रदर्शनी लगाई गई।
स्वच्छता ही सेवा-2026 अभियान के तहत आयोजित प्रदर्शनी में विद्यार्थियों, स्वयं सहायता समूहों और विभिन्न संस्थाओं ने बेकार और दोबारा इस्तेमाल होने वाली सामग्री से तैयार किए गए मॉडल, सजावटी सामान, उपयोगी वस्तुएं और रचनात्मक इंस्टालेशन प्रदर्शित किए।
प्रदर्शनी का मुख्य संदेश तीन आर यानी रिड्यूस, रीयूज और रिसाइकिल रहा। प्रदर्शनी में शहरवासी पहुंच रहे हैं। वीरवार को मेयर सौरभ जोशी ने विद्यार्थियों और प्रतिभागियों से बातचीत कर उनके बनाए उत्पादों की जानकारी ली।
मेयर ने कहा कि स्वच्छता का मतलब केवल कचरे को उठाकर किसी दूसरी जगह पहुंचाना नहीं है। इसके लिए लोगों की सोच और व्यवहार में बदलाव जरूरी है। उन्होंने नगर निगम की ‘प्रारंभ’ पहल का जिक्र करते हुए कहा कि इसका उद्देश्य कचरा प्रबंधन को लेकर जागरूकता बढ़ाने के साथ लोगों की भागीदारी को मजबूत करना है।
उन्होंने विद्यार्थियों और युवाओं से अपील की कि वे रिड्यूस, रीयूज और रिसाइकिल के सिद्धांत को अपनी रोजमर्रा की जिंदगी का हिस्सा बनाएं और अपने परिवार व आसपास के लोगों को भी इसके लिए प्रेरित करें।
स्कूली बच्चों और स्वयं सहायता समूहों ने लिया हिस्सा
प्रदर्शनी में सेंट जोसेफ्स, चितकारा, डीपीएस, श्री अरविंदो, सेक्टर-16 और सेक्टर-37 के गवर्नमेंट मॉडल सीनियर सेकेंडरी स्कूल, माउंट काॅर्मेल स्कूल, धनास के सरकारी स्कूल, स्वयं सहायता समूहों और कला सागर समेत विभिन्न संस्थाओं ने हिस्सा लिया।
प्रतिभागियों ने कागज, प्लास्टिक, कपड़े, बोतल, गत्ते और अन्य बेकार सामग्री का इस्तेमाल कर अलग-अलग उत्पाद तैयार किए। इन मॉडलों के जरिए बताया गया कि घरों और संस्थानों से निकलने वाली कई वस्तुओं को सीधे कूड़े में डालने के बजाय दोबारा उपयोग में लाया जा सकता है।
‘यूज एंड थ्रो’ की आदत को बदलना है मकसद
नगर निगम के अनुसार प्रदर्शनी का उद्देश्य लोगों को ‘यूज एंड थ्रो’ की आदत से बाहर निकालना और कचरे को संसाधन के तौर पर देखने की सोच विकसित करना है। स्वच्छता ही सेवा-2026 के तहत आयोजित कार्यक्रम ने जनभागीदारी और व्यवहार परिवर्तन के संदेश को भी मजबूत किया। साथ ही स्रोत स्तर पर कचरे का अलगाव, टिकाऊ कचरा प्रबंधन और स्वच्छ व हरित चंडीगढ़ के लिए नागरिकों की भूमिका पर जोर दिया गया।
