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देश के सबसे प्लान्ड सिटी चंडीगढ़ के अस्तित्व को खतरा, पैदल चलने के लिए बनाए रास्तों पर कारों का कब्जा

Published: Sat, 17 Oct 2026 07:00 AM (IST)

चंडीगढ़ की सुनियोजित पहचान खतरे में है क्योंकि सेक्टर-17 प्लाजा में पैदल रास्तों पर वाहनों का कब्जा हो गया है ...और पढ़ें

जहां वाहनों का प्रवेश पूरी तरह वर्जित वहीं पर कारें खड़ी हो रही।

जहां वाहनों का प्रवेश पूरी तरह वर्जित वहीं पर कारें खड़ी हो रही।

HighLights

  1. चंडीगढ़ के मास्टर प्लान का भी किया जा रहा उल्लंघन।

  2. सेक्टर-7 में स्लिप रोड हटाने से मध्य मार्ग पर जाम।

  3. जहां वाहनों की नो एंट्री वहीं पर कारों का कब्जा।

बलवान करिवाल, चंडीगढ़। देश के सबसे प्लान्ड सिटी चंडीगढ़ के अस्तित्व को खतरा है। वजह यह है कि हार्ट ऑफ द सिटी कहे जाने वाले सेक्टर-17 प्लाजा में पैदल घूमने के लिए बनाए रास्तों पर कारों का कब्जा है।

यहां वाहनों की एंट्री पूरी तरह प्रतिबंधित है। प्लाजा और आसपास के क्षेत्र को इस तरह डिजाइन किया गया था कि लोग पैदल शाॅपिंग करने के साथ आराम से घूम सकें। यह व्यवस्था चंडीगढ़ की विशिष्ट पहचान का हिस्सा है।

लेकिन डेथ एंड बर्थ रजिस्ट्रेशन कार्यालय के बाहर प्लाजा के बड़े हिस्से पर वाहनों ने कब्जा कर लिया है। यहां वाहनों का प्रवेश पूरी तरह वर्जित होने के बावजूद कारें खड़ी हो रही हैं। प्लाजा के अन्य हिस्सों में भी कई जगह इसी तरह वाहन पार्क किए जा रहे हैं।

मध्य मार्ग पर स्लिप रोड की जगह पार्किंग

ट्रैफिक का दबाव कम करने, सेक्टरों में प्रवेश, निकास, चौराहों पर ट्रैफिक संचालन और पैदल यात्रियों की सुरक्षा जैसे पहलुओं को देखते हुए मुख्य मार्गों के साथ स्लिप रोड की प्लानिंग कर इन्हें बनाया गया। अब ये स्लिप रोड भी खत्म किए जाने लगे हैं।

सेक्टर-7 से इसकी शुरुआत हो चुकी है, जिसका परिणाम आए दिन मध्य मार्ग पर लगने वाला लंबा ट्रैफिक जाम है। सेक्टर-7 के ब्लाॅक सी में कारों के लिए पार्किंग स्पेस बढ़ाने के लिए स्लिप रोड को खत्म कर पार्किंग में मिलाया गया था।

लेकिन यह निर्णय शहर के अस्तित्व पर ही सवाल बनने लगा है। अगर यही प्रथा आगे बढ़ी तो शहर में स्लिप रोड खत्म होते चले जाएंगे। अब मध्य मार्ग से सेक्टर-7 में जाने वाले ट्रैफिक को पार्किंग के बीच से होकर गुजरना पड़ता है।

रोड पर चलने का पहला अधिकार पैदल यात्री का

ली कार्बूजिए सेंटर की पूर्व डायरेक्टर दीपिका गांधी का कहना है कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश हैं कि रोड पर चलने का पहला अधिकार पैदल यात्री का है। अगर सब जगह वाहन पार्क होंगे तो लोग कहां चलेंगे। सेक्टर-17 प्लाजा जैसी व्यवस्था शहर में है तो उसे खराब नहीं करना चाहिए। रही बात स्लिप रोड हटने की तो ऐसा होने से मेन रोड चोक होना शुरू होंगे।

मास्टर प्लान को स्टडी कर निर्णय लेना चाहिए

मध्य मार्ग जैसे मेन रोड पर हाई ट्रैफिक रहता है। यह रोड चोक होने से हादसे बढ़ने का डर रहेगा। स्लिप रोड स्लो मूविंग ट्रैफिक के लिए है। किसी को मार्केट में जाना है, वह स्लिप रोड पर जाता है। पार्किंग की जगह न मिले तो भी स्लिप रोड पर ही ट्रैफिक रहेगा। मुख्य मार्ग जाम नहीं होगा। मास्टर प्लान को स्टडी कर कोई भी निर्णय लेना चाहिए। फिर इंपेक्ट स्टडी कर परिणाम भी देखना जरूरी है।