चंडीगढ़, जेएनएन/एएनआइ। शिक्षा के लिए काम कर रही स्वयंसेवी संस्था ओपन आइज फाउंडेशन के संचालक संदीप कुमार ने सरकार से मदद की मांग की है। रविवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मन की बात में ओपन आइज फाउंडेशन के कार्य की सराहना की थी। समाचार एजेंसी एएनआइ के साथ बातचीत में संदीप कुमार का कहना है कि अगर हमें सरकार से मदद मिलती है तो हम अपनी लाइब्रेरी को और बड़ा कर सकते हैं, जिससे और किताबें रखी जा सकेंगी।

ओपन आइज फाउंडेशन बीते तीन वर्षो से शिक्षा के लिए काम कर रही है। फाउंडेशन की शुरुआत एनएसएस के पूर्व वॉलंटियर संदीप कुमार ने की थी। शहर के सरकारी कॉलेज से ग्रेजुएशन पास करने के बाद संदीप कुमार ने जेबीटी का कोर्स पूरा किया हुआ है। जिसके बाद वह समाज सेवा में जुटे है। लोगों के घरों से बेकार हो चुकी पुस्तकों को यह रद्दी के रेट में उठाते हैंं और उसके बाद उनकी मरम्मत करके स्कूल और कॉलेजों में जरूरतमंद बच्चों तक पहुंचाते हैं।

अब तक संदीप तीस हजार के करीब स्कूल और कॉलेज के स्टूडेंट्स को किताबें और स्टेशनरी का सामान दान कर चुके हैं। ज्यादा से ज्यादा स्टूडेंट्स तक संदीप पहुंच सके, इसके लिए उन्होंने एक स्पेशल बैन भी शुरू की हुई है जिसमें वह किताबें रखकर किसी भी स्कूल या फिर जरूरत वाले स्थान पर पहुंचकर बच्चों को फ्री में पुस्तकें देते हैं।

किताबें रखने के लिए बनाई है लाइब्रेरी

संदीप ने पुस्तकों को रखने के लिए शहर खुड्डा लाहौरा में लाइब्रेरी भी बना रखी है। जिसमें वह पुस्तकों को रखते है और जरूरतमंद स्टूडेंट्स तक पहुंचाते है। इस लाइब्रेरी में संदीप के पास करीब पांच हजार के करीब स्कूली और अन्य जरूरत की किताबें है। पंजाब के मुख्यमंत्री भी कर चुके है तारीफ संदीप के प्रयास की तारीफ पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरेंद्र सिंह भी कर चुके है। शहर में संदीप को बुकमैन के नाम से जाना जाता है। प्रधानमंत्री द्वारा तारीफ करने पर स्टेट लाइजन ऑफिसर विक्रम राणा ने कहा कि संदीप की मेहनत और लगन के चलते उसे यह मुकाम मिला है, जिसके लिए वह मुबारक का हकदार है।

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