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ब्रिटेन के डाॅक्टर से प्यार और शादी के सपने, फिर एयरपोर्ट कस्टम के नाम पर लाखों की ठगी; चंडीगढ़ की युवती से धोखा

Published: Tue, 07 Jul 2026 07:05 AM (IST)

चंडीगढ़ की एक युवती साइबर ठगी का शिकार हो गई, जहां ब्रिटेन के डॉक्टर बनकर एक ठग ने उससे 7.23 ...और पढ़ें

सेक्टर-23 निवासी युवती के साथ हुआ धोखा।

सेक्टर-23 निवासी युवती के साथ हुआ धोखा।

HighLights

  1. चंडीगढ़ की युवती से 7.23 लाख रुपये की ठगी।

  2. स्नैपचैट पर दोस्ती कर शादी का झांसा दिया।

  3. बैंकिंग ट्रेल और डिजिटल साक्ष्यों की जांच जारी।

मनोज बिष्ट, चंडीगढ़। सोशल मीडिया पर हुई दोस्ती, शादी के वादे और विदेश से भारत आने की कहानी... इन सबके ताने-बाने में फंसकर सेक्टर-23 की एक युवती साइबर ठगों के ऐसे जाल में उलझी कि देखते ही देखते उसके खाते से 7.23 लाख रुपये निकल गए। ठग ने पहले खुद को ब्रिटेन में रहने वाला डाॅक्टर बताया, फिर प्यार और शादी का सपना दिखाया।

जब भरोसा पूरी तरह जीत लिया तो एयरपोर्ट कस्टम अधिकारी बनकर गिरफ्तारी और कस्टम क्लियरेंस का ड्रामा रच दिया। आखिर में दो लाख रुपये और मांगे गए तो युवती को एहसास हुआ कि वह अंतरराष्ट्रीय साइबर ठगी का शिकार हो चुकी है।

साइबर थाना सेक्टर-17 पुलिस ने शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर बैंक खातों, मोबाइल नंबरों और डिजिटल ट्रेल की जांच शुरू कर दी है। जांच में सामने आया है कि पीड़िता से रकम समी सईद खान, धरमजीत गोवाला, कांग जोएल और कृष्णा पाल के नाम से संचालित बैंक खातों में ट्रांसफर कराई गई।

पुलिस अब इन खातों के लाभार्थियों, मोबाइल नंबरों, बैंकिंग ट्रेल और डिजिटल साक्ष्यों की जांच कर रही है। पुलिस को दी शिकायत में सेक्टर-23 निवासी युवती ने बताया कि वह एक निजी कंपनी में कार्यरत हैं और लंबे समय से स्नैपचैट का इस्तेमाल करती हैं।

मई 2026 में उसे दिवेकर पाठक नाम की आईडी से फ्रेंड रिक्वेस्ट मिली। कुछ दिन तक चैटिंग हुई और फिर बातचीत वाट्सएप पर पहुंच गई। आरोपित ने खुद को मूल रूप से पुणे का रहने वाला, लेकिन पिछले कई वर्षों से ब्रिटेन में रहने वाला डाॅक्टर बताया।

उसने कहा कि वह बचपन से विदेश में रह रहा है, अब भारत आकर शादी करना चाहता है। रोजाना घंटों बातचीत से उसने युवती का पूरा विश्वास जीत लिया। साइबर अपराध की दुनिया में इसे लव बाम्बिंग कहा जाता है।

फर्जी पासपोर्ट और टिकट भेजा

भरोसा मजबूत करने के लिए आरोपित ने अपने नाम का कथित ब्रिटिश पासपोर्ट, लंदन से मुंबई की फ्लाइट टिकट और अन्य दस्तावेज वाट्सएप पर भेज दिए। उसने बताया कि वह 23 जून को लंदन के हीथ्रो एयरपोर्ट से उड़ान भर रहा है और 24 जून को मुंबई पहुंच जाएगा।

अगले दिन युवती के पास एक महिला का फोन आया, जिसने खुद को एयरपोर्ट कस्टम विभाग की अधिकारी मेघा डे बताया। महिला ने कहा कि डाक्टर के पास भारी मात्रा में विदेशी मुद्रा और ट्रैवलर्स चेक हैं, जिन्हें रिलीज कराने के लिए 67,500 रुपये जमा कराने होंगे। युवती ने बिना संदेह किए रकम ट्रांसफर कर दी।

हर काॅल पर नया बहाना

पहली रकम मिलने के बावजूद ठगों का सिलसिला नहीं रुका। कुछ देर बाद फिर फोन आया कि अब करेंसी सर्टिफिकेट बनवाना होगा। इसके बाद टैक्स, कन्वर्जन चार्ज, क्लीयरेंस फीस और अन्य सरकारी औपचारिकताओं के नाम पर लगातार पैसे मांगे जाते रहे।

हर बार युवती को अलग-अलग बैंक खातों में रकम ट्रांसफर करने को कहा गया। युवती ने कुल मिलाकर करीब 7.23 लाख रुपये चार अलग-अलग खातों में भेजे।

ऐसे हुआ युवती को शक

जब आरोपित ने आखिरी बार दो लाख रुपये और जमा कराने का दबाव बनाया और कहा कि पैसा नहीं दिया तो डाक्टर को डिपोर्ट कर दिया जाएगा, तब युवती को शक हुआ। उसने कथित डाक्टर से संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन उसका फोन बंद मिला और वाट्सएप पर भी उसने ब्लाक कर दिया। इसके बाद उसे एहसास हुआ कि वह सुनियोजित साइबर ठगी का शिकार हो चुकी है।