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चंडीगढ़ में वन्यजीवों के सुरक्षित गलियारे, इन्हें बनाए रखना बड़ी जिम्मेदारी; वॉकाथॉन के जरिये प्रशासन का संदेश

Published: Fri, 02 Oct 2026 06:45 PM (IST)

चंडीगढ़ में वन्यजीव सप्ताह 2026 की शुरुआत 'कनेक्टिंग हैबिटैट्स, थ्राइविंग वाइल्डलाइफ' थीम के साथ वॉकाथॉन से हुई। इसका उद्देश्य प्राकृतिक ...और पढ़ें

वन्यजीव सप्ताह 2026 की शुरुआत वॉकाथॉन के साथ हुई।

वन्यजीव सप्ताह 2026 की शुरुआत वॉकाथॉन के साथ हुई।

HighLights

  1. वन्यजीव सप्ताह 2026 की शुरुआत वॉकाथॉन से हुई।

  2. थीम 'कनेक्टिंग हैबिटैट्स, थ्राइविंग वाइल्डलाइफ' पर केंद्रित है।

  3. वन्यजीव सर्वेक्षण रिपोर्ट और 'पहल' पत्रिका जारी की गई।

जागरण संवाददाता, चंडीगढ़। वन एवं वन्यजीव विभाग ने शुक्रवार को वन्यजीव सप्ताह 2026 की शुरुआत वॉकाथॉन के साथ की। इस वर्ष वन्यजीव सप्ताह की थीम “कनेक्टिंग हैबिटैट्स, थ्राइविंग वाइल्डलाइफ” रखी गई है। इसके तहत प्राकृतिक आवासों को आपस में जोड़ने, वन्यजीवों के लिए सुरक्षित गलियारे बनाए रखने और संरक्षण में लोगों की भागीदारी बढ़ाने पर जोर दिया गया।

वॉकाथॉन सुखना झील के रेगुलेटरी एंड से शुरू होकर लेक रिजर्व फॉरेस्ट से होते हुए चंडीगढ़ बर्ड पार्क के पास संपन्न हुई। इसमें एनएसएस स्वयंसेवकों, विद्यार्थियों, प्रकृति प्रेमियों, गैर-सरकारी संगठनों के प्रतिनिधियों, नागरिक समाज और चंडीगढ़ प्रशासन के अधिकारियों समेत बड़ी संख्या में लोगों ने भाग लिया।

मुख्य सचिव, यूटी चंडीगढ़, एच. राजेश प्रसाद ने कहा कि चंडीगढ़ की प्राकृतिक विरासत को सुरक्षित रखने के लिए प्राकृतिक आवासों का संरक्षण और पारिस्थितिक संतुलन बनाए रखना जरूरी है। प्राकृतिक गलियारों को आपस में जोड़ने के साथ स्थानीय लोगों की भागीदारी बढ़ाना भी महत्वपूर्ण है, ताकि शहर में वन्यजीव और मानव आबादी के बीच संतुलित सह-अस्तित्व कायम रह सके।

वन्यजीव सर्वेक्षण रिपोर्ट जारी

कार्यक्रम में यूटी चंडीगढ़ की वन्यजीव सर्वेक्षण रिपोर्ट जारी की गई। रिपोर्ट में चंडीगढ़ में किए गए वन्यजीव सर्वेक्षण के निष्कर्ष और वन्यजीवों की विविधता व उनके वितरण से जुड़ी जानकारी शामिल है। विभाग के अनुसार रिपोर्ट भविष्य में वन्यजीव संरक्षण की योजना बनाने, प्राकृतिक आवासों के प्रबंधन और वन्यजीवों की निगरानी में संदर्भ दस्तावेज के रूप में उपयोगी होगी।

इस मौके पर विभाग की ‘पहल’ पत्रिका और चंडीगढ़ प्रदूषण नियंत्रण समिति का बुलेटिन भी जारी किया गया। ‘पहल’ में स्वस्थ जीवनशैली, पर्यावरण जागरूकता और सतत जीवन पद्धतियों पर फोकस किया गया है।

वन्यजीव संरक्षण में योगदान देने वालों का सम्मान

वन्यजीव संरक्षण और पर्यावरण जागरूकता के क्षेत्र में योगदान के लिए गीतांजलि कंवर, सीनियर कोऑर्डिनेटर, डब्ल्यूडब्ल्यूएफ, कुलभूषण कंवर और विक्रमजीत सिंह को सम्मानित किया गया।

सप्ताहभर होंगी कई गतिविधियां

वन्यजीव सप्ताह के दौरान शहर में विभिन्न प्रकृति आधारित और जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। बटरफ्लाई पार्क में बटरफ्लाई वॉक, सिटी फॉरेस्ट और सुखना चो फॉरेस्ट में बर्ड वॉचिंग, बॉटनिकल गार्डन में पेंटिंग, ड्राइंग और क्विज प्रतियोगिताएं, नुक्कड़ नाटक तथा जागरूकता शिविर आयोजित होंगे। इन कार्यक्रमों के जरिए विद्यार्थियों और आम लोगों को वन्यजीवों और उनके प्राकृतिक आवासों के संरक्षण से जोड़ा जाएगा।

ये रहे मौजूद

कार्यक्रम में पंजाब के मुख्य सचिव केएपी सिन्हा विशेष अतिथि और वन सचिव मंदीप सिंह बराड़ विशिष्ट अतिथि के रूप में शामिल हुए। वित्त सचिव दिप्रवा लाकड़ा, मुख्य वन संरक्षक सौरभ कुमार, नगर निगम आयुक्त अमित कुमार, वन संरक्षक एवं मुख्य वन्यजीव वार्डन अनुप कुमार सोनी, सचिव कार्मिक स्वप्निल नाइक और उप वन संरक्षक सत्येंद्र मौर्य समेत प्रशासन के अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे।