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SIR के बाद चंडीगढ़ में छोटी हुई मतदाता सूची, निगम चुनाव में बदलेंगे समीकरण; समझें कैसे बदलेगा गणित

Published: Sun, 20 Sep 2026 07:05 AM (IST)

एसआईआर के बाद मतदाता सूची में भारी कमी आई है, जिससे आगामी नगर निगम चुनाव में जीत का गणित बदल ...और पढ़ें

दिसंबर माह में प्रस्तावित हैं नगर निगम चुनाव। (सांकेतिक फोटो)

 दिसंबर माह में प्रस्तावित हैं नगर निगम चुनाव। (सांकेतिक फोटो)

HighLights

  1. मतदाता सूची में 1.83 लाख वोट कम।

  2. वार्डों में कहीं 50 प्रतिशत से अधिक वोटर कम।

  3. कम वोटों से जीत का गणित पूरी तरह बदलेगा।


राजेश ढल्ल, चंडीगढ़। विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के बाद अब दिसंबर माह में होने वाले नगर निगम चुनाव में मुकाबला सिर्फ टिकट और आरक्षण का नहीं रहेगा, बल्कि वोटर लिस्ट के बदले गणित का भी होगा।

लोकसभा चुनाव 2024 के समय शहर में 6,59,805 मतदाता थे, एसआईआर की ड्राफ्ट सूची में यह आंकड़ा घटकर 4,50,282 रह गया था। प्रशासन की ओर से 22 सितंबर को अंतिम मतदाता सूची जारी की जाएगी, जिसके बाद चुनाव के लिए वास्तविक मतदाता संख्या सामने आएगी।

वोट कम होने से राजनीतिक दलों की टेंशन बढ़ गई है कि एसआईआर में उनके वोट कटे हैं या फिर विपक्ष के। जबकि साल 2021 के नगर निगम चुनाव में शहर में 6 लाख 33 हजार मतदाता थे। ऐसे में पांच साल हुए नगर निगम चुनाव के मुकाबले में एक लाख 83 हजार वोट कम हो गए हैं।

कहीं आधे से ज्यादा वोटर कम, कहीं 15 प्रतिशत ही छंटे

एसआईआर के ड्राफ्ट आंकड़ों में 35 वार्डों में मतदाताओं की कमी एक समान नहीं रही। वार्ड-6 में सबसे ज्यादा 52.76 प्रतिशत मतदाता कम हुए। इसके बाद वार्ड-24 में 46.08 प्रतिशत, वार्ड-30 में 45.48, वार्ड-12 में 42.93 और वार्ड-18 में 42.89 प्रतिशत की कमी दर्ज हुई।

इसके विपरीत वार्ड-5 में कमी 15.38 प्रतिशत रही। इससे साफ है कि एसआईआर का असर अलग-अलग वार्डों में अलग रहा है। राजनीतिक विशेषज्ञों के अनुसार वार्ड में जितने वोटर कम होते हैं चुनाव उतना ही टफ हो जाता है। उम्मीदवार के लिए मतदाता को बार-बार संपर्क करना आसान रहता है।

जिस वार्ड में सबसे ज्यादा वोट पड़े, वहां अब क्या होगा?

साल 2021 के नगर निगम चुनाव के आंकड़े इस बार खास संदर्भ बनेंगे। पिछले निगम चुनाव में वार्ड नंबर-1 में सबसे ज्यादा 73.31 प्रतिशत मतदान हुआ था। वहीं पूरे शहर में मतदान करीब 60.5 प्रतिशत रहा था।

इसके मुकाबले वार्ड-23 में सबसे कम 42.66 प्रतिशत मतदान हुआ था। साल 2021 के नगर निगम चुनाव में 3 लाख 86 हजार लोगों ने मतदान किया था।

छोटे अंतर से जीत वाले वार्डों पर भी नजर

साल 2021 में कई वार्डों में जीत का अंतर बेहद कम रहा था। वार्ड-34 में सिर्फ 9 वोट, वार्ड-2 में 11 और वार्ड-4 में 12 वोट से परिणाम तय हुआ था। ऐसे में नई मतदाता सूची के बाद इन वार्डों में बूथवार समीकरण पर राजनीतिक दलों की नजर रहना स्वाभाविक है।

राजनीतिक दलों के अनुसार चुनाव में मतदान प्रतिशत, उम्मीदवार की स्थानीय पकड़, चुनावी मुद्दे और बूथ स्तर का संगठन भी परिणाम में अहम भूमिका निभाएंगे।

22 सितंबर को खुलेगा पूरा चुनावी पत्ता

फिलहाल करीब 4.60 लाख मतदाताओं का आंकड़ा सामने है। 22 सितंबर को अंतिम मतदाता सूची जारी होने के बाद ही पता चलेगा कि एसआईआर के बाद 35 वार्डों में कितने मतदाता वास्तव में मतदान के लिए दर्ज हैं।

इसके बाद पार्टियों को आरक्षण के साथ-साथ वार्डवार मतदाता संख्या, पिछले मतदान प्रतिशत और जीत के अंतर का नया हिसाब लगाना होगा। यानी इस बार निगम चुनाव में मुकाबला सिर्फ 35 वार्डों का नहीं, बल्कि हर वार्ड में बचे वोटरों के नए गणित का भी होगा।


पिछले निगम चुनाव का मतदान

विवरण आंकड़ा
सबसे ज्यादा मतदान वार्ड-1 — 73.31%
सबसे कम मतदान वार्ड-23 — 42.66%
पूरे शहर का मतदान करीब 60.5%
2021 में कुल मतदाता करीब 6.33 लाख
एसआईआर के बाद मौजूदा मतदाता करीब 4.60 लाख