यूटी बिजली विभाग के कर्मचारी की आर्मी ट्रक से टक्कर में गई जान, परिवार को मिलेगा 84.12 लाख मुआवजा
चंडीगढ़ मोटर एक्सीडेंट क्लेम ट्रिब्यूनल ने यूटी बिजली विभाग के कर्मचारी रणजीत सिंह के परिवार को 84.12 लाख रुपये का ...और पढ़ें

मोटर एक्सीडेंट क्लेम ट्रिब्यूनल का फैसला। (सांकेतिक फोटो)
HighLights
दो साल पहले सेक्टर-18/19 के चौक पर हुआ था हादसा।
परिवार को 7.5% ब्याज के साथ मुआवजा मिलेगा।
चंडीगढ़ ट्रिब्यूनल ने मुआवजा देने का फैसला सुनाया।
जागरण संवाददाता, चंडीगढ़। सड़क हादसे में जान गंवाने वाले यूटी बिजली विभाग के कर्मचारी रणजीत सिंह के परिवार को मोटर एक्सीडेंट क्लेम ट्रिब्यूनल, चंडीगढ़ ने 84.12 लाख रुपये मुआवजा देने का फैसला सुनाया है।
दो साल पहले सेक्टर-18/19 के चौक पर हुए एक सड़क हादसे में रणजीत की मौत हो गई थी। उनके परिवार ने हादसे के लिए सेना के ट्रक के चालक को जिम्मेदार बताया था। परिवार की याचिका को मंजूर करते हुए 7.5 प्रतिशत ब्याज के साथ मुआवजा अदा करने के निर्देश दिए।
परिवार का केस लड़ने वाले एडवोकेट ठाकुर करतार सिंह ने बताया कि 22 मई 2024 को सुबह करीब 9:35 बजे रणजीत सिंह अपनी एक्टिवा पर सेक्टर-18 स्थित बिजली कार्यालय से सेक्टर-21 स्थित अपने घर जा रहे थे।
सेक्टर-18/19/20/21 के चौक के पास सेना के ट्रक ने उनकी एक्टिवा को टक्कर मार दी। आरोप था कि चालक तेज रफ्तार और लापरवाही से ट्रक चला रहा था। हादसे में रणजीत सिंह गंभीर रूप से घायल हो गए। उन्हें सेक्टर-16 स्थित जनरल अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।
परिवार ने की 90 लाख मुआवजे की मांग
एडवोकेट ठाकुर करतार सिंह ने याचिका में कहा कि रणजीत बिजली विभाग में कार्यरत थे और उनकी उम्र 59 वर्ष थी। उनकी मासिक आय 1.24 लाख रुपये थी और सभी कटौती के बाद उन्हें करीब 87 हजार रुपये वेतन मिलता था।
परिवार की पूरी जिम्मेदारी उन्हीं पर थी। ऐसे में उनके निधन से परिवार का जीवन बेहद मुश्किल हो गया है। इसलिए उन्होंने परिवार को 90 लाख रुपये मुआवजा दिए जाने की मांग की। ट्रिब्यूनल ने सभी पक्षों को सुनने के बाद 84.12 लाख रुपये मुआवजा दिए जाने का फैसला सुनाया।
