जागरण संवाददाता, चंडीगढ़। ऑनलाइन शॉपिंग कंपनियों का लोगों को गलत सामान डिलिवर करने का सिलसिला जारी है। ऐसा ही मामला चंडीगढ़ जिला उपभोक्ता आयोग में आया है। जिस पर आयोग ने संबंधित कंपनी पर पांच हजार रुपये हर्जाना लगाया। ऑनलाइन शापिंग कंपनी फ्लिपकार्ट के खिलाफ यह शिकायत आई थी।

चंडीगढ़ सेक्टर-7 राजीव शर्मा ने साल 2020 में शिकायत दर्ज की थी। राजीव शर्मा ने फ्लिपकार्ट से ऑनलाइन जेबीएल पल्स 3 पोर्टेबल आईपीएक्स7 वाटरप्रूफ ब्लूटूथ स्पीकर ऑनलाइन मंगवाए थे। तीन मार्च 2018 को कंपनी के डिलीवरी बॉय ने पैकेट डिलिवर किया। उन्होंने डिलिवरी बॉय को 14 हजार 500 रुपये की राशि आनलाइन दी थी। शिकायतकर्ता ने बताया कि जब उन्होंने पैकेट खोला तो वह यह देखकर चौंक गया कि उसमें जेबीएल पल्स 3 पोर्टेबल आइपीएक्स7 वाटरप्रूफ ब्लूटूथ स्पीकर की जगह टूटा हुआ मोबाइल फोन था।

पुलिस में शिकायत दर्ज करने पर हुआ था केस दर्ज

शिकायतकर्ता ने बताया कि उन्होंने इस संबंध में कंपनी के खिलाफ चंडीगढ़ पुलिस में शिकायत दी और इसकी एक कॉपी कंपनी को ईमेल के माध्यम से भी भेजी। चंडीगढ़ पुलिस ने भी कंपनी को नोटिस जारी किया था। कंपनी की ओर से भेजे गए दोनों नोटिस का जवाब नहीं दिया गया। वहीं चंडीगढ़ पुलिस, साइबर क्राइम इन्वेस्टिगेशन सेल ने सीआरपीसी की धारा 160 के तहत नोटिस जारी किया था। जिसके बाद भी न तो राशि वापस की और न ही शिकायत का निवारण किया।

कंपनी जवाब से आयोग नहीं हुआ संतुष्ट

आयोग की ओर से भेजे गए नोटिस के बाद कंपनी की ओर से लिखित में जवाब दिया कि कंपनी की भूमिका और भागीदारी केवल एक मध्यस्थ है जो संबंधित खरीदारों और विक्रेताओं के बीच। वह उनके बीच विभिन्न सामानों के लिए इलेक्ट्रॉनिक कॉमर्स लेनदेन की सुविधा के लिए उत्पाद के विक्रेताओं और खरीदारों को बाज़ार प्रदान करता है। कंपनी ने कहा कि वे फ्लिपकार्ट प्लेटफॉर्म पर प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से कोई उत्पाद नहीं बेचते हैं बल्कि फ्लिपकार्ट प्लेटफॉर्म पर सभी उत्पाद तीसरे पक्ष के विक्रेताओं द्वारा बेचे जाते हैं। कंपनी ने कहा कि उन्होंने शिकायतकर्ता की शिकायत विक्रेता तक पहुंचाई। लेकिन आयोग ने कंपनी की दलील को खारिज करते हुए उसे नौ फीसद प्रति वर्ष ब्याज के साथ 14 हजार 500 रुपये वापस करने का आदेश दिया। साथ ही 5500 रुपये केस खर्च के रूप में देने को भी कहा।

Edited By: Ankesh Thakur