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सुप्रीम कोर्ट के फैसले से 2015 में भर्ती हुए चंडीगढ़ के शिक्षकों को बड़ी राहत, छठे और सातवें पे स्केल का एरियर मिलेगा

By Sumesh ThakurEdited By: Prince Sharma
Published: Wed, 23 Sep 2026 04:27 PM (IST)

सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बाद चंडीगढ़ में 2015 में भर्ती हुए 862 शिक्षकों को छठे और सातवें पे स्केल ...और पढ़ें

सुप्रीम कोर्ट के फैसले से 2015 में भर्ती हुए चंडीगढ़ के शिक्षकों को बड़ी राहत (फाइल फोटो)

सुप्रीम कोर्ट के फैसले से 2015 में भर्ती हुए चंडीगढ़ के शिक्षकों को बड़ी राहत (फाइल फोटो)

HighLights

  1. 862 शिक्षकों को मिलेगा छठे और सातवें पे स्केल का एरियर

  2. सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर शिक्षा विभाग ने दिए आदेश

  3. 2015 में भर्ती शिक्षकों को पेपर लीक मामले में मिली जीत

सुमेश ठाकुर, चंडीगढ़। 21 अप्रैल 2026 को सुप्रीम कोर्ट के जारी निर्देशानुसार स्कूल शिक्षा विभाग के 862 शिक्षकों को छठे और सातवें पे स्केल का एरियर मिलेगा। यह निर्देशक बुधवार को स्कूल शिक्षा विभाग नितिश सिंगला ने किए। गौरतलब है कि स्कूल शिक्षा विभाग ने अगस्त 2015 में 1149 पदों पर एनटीटी, जेबीटी, टीजीटी शिक्षकों की भर्ती की थी।

भर्ती के बाद मई 2017 में पेपर लीक होने की जानकारी सामने आई जिसके बाद भर्ती को प्रशासन ने रद्द कर दिया। शिक्षकों ने कैट में याचिका लगाई जहां पर प्रशासन के फैसले पर स्टे लगा दी गई।

स्टे के विरूद्ध शिक्षा विभाग पहले पंजाब एंड हरियाणा हाई कोर्ट और अंत में सुप्रीम कोर्ट गया जहां पर फैसला शिक्षकों के पक्ष में रहा। सुप्रीम कोर्ट ने 21 अप्रैल को पेपर लीक होने के मामले में कोई भी सबूत या गवाह पेश नहीं करने के कारण भर्ती को बहाल रखने के निर्देश दिए थे।

निदेशक स्कूल शिक्षा विभाग की तरफ से जारी निर्देश में स्पष्ट किया गया है कि शिक्षकों को एक जनवरी 2016 से छठे पे स्केल के अनुसार एरियर मिलेगा और एक अप्रैल 2022 से शिक्षकों को सातवें पे स्केल का लाभ पाएंगे।

पेपर लीक होने की जानकारी के बाद छोड़ गए शिक्षक

स्कूल शिक्षा विभाग ने 1149 पदों पर भर्ती की थी। भर्ती के बाद पेपर लीक होने में पहले तीन और उसके बाद 49 नाम पुलिस जांच में सामने आए थे। जिन्हें कैट, हाई और उसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने बहाल रखने से इनकार कर दिया था।

उसी दौरान कानूनी कार्रवाई के चलते विभिन्न शिक्षक देश के दूसरे राज्यों या फिर विदेश में जाकर सेटल हो गए जिसके कारण शिक्षकों के पद खाली होते गए। इस स्कूल शिक्षा विभाग में 862 वर्किंग है जिन्हें विभाग ने छठे और सातवें पे स्केल का लाभ देने की घोषणा की है।


प्रशासन का फैसला स्वागत योग्य है। 2015 के भर्ती शिक्षकों ने पहले अदालत और उसके बाद प्रशासन में लंबे समय तक लड़ाई लड़ी है जिसके बाद जीत मिली है। प्रशासन का आभार जातते है कि शिक्षकों को राहत दी है।
प्रवीण कुमार राव, प्रेसिडेंट टीचर्स एसोसिएशन ऑफ सिटी ब्यूटीफुल