चंडीगढ़ से शिक्षक भर्ती का मामला पहुंचा गृह मंत्रालय, रिक्रूटमेंट कमेटी खत्म कर SSC की बहाली की मांग
चंडीगढ़ शिक्षा विभाग में शिक्षक भर्ती का मामला केंद्रीय गृह मंत्रालय तक पहुंच गया है। कर्मचारी यूनियनों ने स्पेशल रिक्रूटमेंट ...और पढ़ें

भर्ती न होने से चंडीगढ़ के स्कूलों में शिक्षकों की कमी। (सांकेतिक फोटो)
HighLights
शिक्षक भर्ती एजेंसी न मिलने से 532 पद खाली।
94 शिक्षक-प्रिंसिपल डेपुटेशन पर बुलाए गए।
यूनियनों ने SSC बहाली और प्रमोशन की मांग की।
सुमेश ठाकुर, चंडीगढ़। स्कूल शिक्षा विभाग में शिक्षक भर्ती के लिए कोई रिक्रूटमेंट एजेंसी नहीं आ रही। एजेंसी नहीं मिलने से विभाग जुलाई 2026 में 532 पदों पर होने वाली भर्ती को करने में असमर्थ है और अब स्कूल चलाने के लिए 94 शिक्षक और प्रिंसिपल डेपुटेशन पर बुलाए है, जिनका इंटरैक्शन 8 और 9 अक्टूबर को है।
केंद्रीय सेवा नियम (सीएसआर) लागू होने के बाद सरकारी स्कूल इस तरह नहीं चल सकते, इसलिए पंजाब राज्यपाल की बनाई स्पेशल रिकरूटमेंट कमेटी का अंत करके स्टाफ सलेक्शन कमीशन (एसएससी) की बहाली हो। यह मांग स्कूल शिक्षा विभाग की विभिन्न कर्मचारी यूनियनों ने गृह मंत्रालय से की है।
गृह मंत्रालय को ईमेल और पोर्टल से भेजी अपील में यूनियन ने स्पष्ट किया है कि एसएससी से भर्ती नहीं होने के कारण विभाग में मतभेद है। चंडीगढ़ कैडर के शिक्षकों की नियमित पदोन्नति करने से पहले डेपुटेशन पर शिक्षकों को बुलाया जा रहा है। इस प्रक्रिया से चंडीगढ़ कैडर के शिक्षकों की प्रमोशन बाधित हो रही है। सैकड़ों शिक्षक बिना प्रमोशन से ही तीन दशक की नौकरी करके सेवानिवृत्त हो रहे हैं।
कोटे बनाए, नहीं होती भर्ती और प्रमोशन
पंजाब राज्यपाल की तरफ से चंडीगढ़ में गृह और वित्त सचिव की अध्यक्षता में स्पेशल रिक्र टमेंट कमेटी बनाई है। कमेटी ने चंडीगढ़ कैडर मंजूर होने के बावजूद गृह मंत्रालय की मंजूरी के बिना शिक्षा विभाग में डेपुटेशन कोटे बनाए हुए हैं।
कोटे की वजह से नियमित भर्ती और प्रमोशन स्थानीय प्रशासन की तरफ से नहीं होती। कमेटी के बनाए कोटे पर पंजाब और हरियाणा से आने वाले शिक्षक या प्रिंसिपल नियमानुसार एक्सटेंशन नहीं लेते और पांच से 30 वर्ष की नौकरी चंडीगढ़ में ही कर जाते है।
शिक्षा इंसान की मूलभूत जरूरत है। 111 स्कूल होने के बावजूद यदि प्रशासन शिक्षक भर्ती नहीं कर पाता तो यह बड़ी चिंता के साथ सवाल चिन्ह है। गृह मंत्रालय से अपील की है कि नियमित भर्ती के लिए एसएसी को लाएं और हमारी नियमानुसार प्रमोशन करें। -रंजीत पाल, सचिव यूटी कैडर एजुकेशनल एम्प्लाइज यूनियन चंडीगढ़
प्रमोशन की उम्मीद में कई शिक्षकों ने अदालत की शरण ली लेकिन लाभ नहीं मिले है। इस समय भी गृह और वित्त सचिव की अध्यक्षता में बनाई रिकरूटमेंट कमेटी प्रमोशन पर आपत्ति जता रही है जो कि गलत है। प्रमोशन पाना सभी का हक है और हमें सभी लाभ सीएसआर नियमानुसार चाहिए इसलिए अब भर्ती के लिए एसएससी का प्रविधान होना चाहिए।- प्रवीण कुमार राव, प्रेसिडेंट टीचर्स एसोसिएशन ऑफ सिटी ब्यूटीफुल
नियमित भर्ती और प्रमोशन की दिक्कत लंबे समय से है, इसलिए ज्वाइंट एक्शन कमेटी ने कैट की शरण ली है। हमने याचिका लगाई है कि प्रमोशन और भर्ती के बजाए डेपुटेशन पर शिक्षकों और प्रिंसिपल को बुलाकर स्कूल चल रहे हैं जो कि गलत है। अदालत के साथ हमारी गृह मंत्रालय से भी मांग है कि वह हस्तक्षेप करे और एसएससी को भर्ती की जिम्मेदारी दे।- शिव मूरत, सचिव ज्वाइंट एक्शन कमेटी ऑफ टीचर्स यूनियन
प्रमोशन के नाम पर लगातार शोषण हुआ है। मेरे साथी अदालत की शरण लेकर भी बिना प्रमोशन के सेवानिवृत्त हुए है जो कि दुखदायी है। हमने गृह मंत्रालय से मांग की है कि वह हस्तक्षेप करें और भर्ती और प्रमोशन प्रक्रिया को अपने अधीन ले।-संतोष ढुल्ल, प्रेसिडेंट गवर्नमेंट टीचर्स यूनियन
