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चंडीगढ़ के स्कूलों में शिक्षकों की कमी कैसे पूरी करेगा प्रशासन? डेपुटेशन पर उठे सवाल, कैट ने मांगा जवाब

By Ravi Atwal Edited By: Sohan Lal
Published: Fri, 18 Sep 2026 08:00 PM (IST)

केंद्रीय प्रशासनिक अधिकरण (कैट) की चंडीगढ़ बेंच ने पंजाब और हरियाणा से शिक्षकों को डेपुटेशन पर लाने के प्रस्ताव पर ...और पढ़ें

चंडीगढ़ के सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की कमी से बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही। (सांकेतिक फोटो)

चंडीगढ़ के सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की कमी से बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही। (सांकेतिक फोटो)

HighLights

  1. कैट ने केंद्र और चंडीगढ़ प्रशासन को नोटिस जारी किया।

  2. पंजाब-हरियाणा से शिक्षकों की डेपुटेशन पर आपत्ति जताई गई।

  3. यूटी कर्मचारियों की पदोन्नति के अवसर प्रभावित होने का आरोप।

जागरण संवाददाता, चंडीगढ़। शहर के सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की कमी के कारण बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। प्रशासन ने इस समस्या के समाधान के लिए जो फॉर्मूला अपनाया है वह सिरे चढ़ता नहीं दिख रहा।

पंजाब और हरियाणा से शिक्षकों व स्कूल प्रिंसिपलों को डेपुटेशन पर चंडीगढ़ लाने के प्रस्ताव को लेकर केंद्रीय प्रशासनिक अधिकरण (कैट) की चंडीगढ़ बेंच ने केंद्र सरकार और चंडीगढ़ प्रशासन को नोटिस जारी किया है।

कैट के ज्यूडिशियल मेंबर सुरेश कुमार बत्रा की अध्यक्षता वाली बेंच ने अंतरिम रोक लगाने की मांग पर भी संबंधित पक्षों से जवाब मांगा है। मामले की अगली सुनवाई 13 अक्टूबर को होगी। यह याचिका ज्वाइंट एक्शन कमेटी आफ टीचर्स की ओर से दायर की गई है।

याचिका में कहा गया कि प्रशासन ने हाल ही में पंजाब और हरियाणा से डेपुटेशन पर प्रिंसिपल, हेडमास्टर/हेडमिस्ट्रेस, लेक्चरर (पीजीटी) और मास्टर/मिस्ट्रेस (टीजीटी) के पैनल मांगे थे। कमेटी का कहना है कि प्रशासन के इस कदम से यूटी शिक्षा विभाग में पहले से कार्यरत कर्मचारियों के प्रमोशन के अवसर प्रभावित होंगे।

याचिका में तर्क दिया गया कि डेपुटेशन पर नियुक्ति से पहले यूटी शिक्षा विभाग में उपलब्ध पदों पर योग्य कर्मचारियों की पदोन्नति पर विचार किया जाना चाहिए। उनका आरोप है कि लंबे समय से डेपुटेशन व्यवस्था जारी रहने के कारण विभाग के मौजूदा कर्मचारियों के करियर और प्रमोशन के अवसर प्रभावित हो रहे हैं।