चंडीगढ़ में ये कैसे आदेश? एग्रीगेटर कंपनियों के लाइसेंस निलंबित; फिर भी कैब चालकों को एप पर मिल रही सवारी
चंडीगढ़ में चार प्रमुख सवारी सेवा कंपनियों के लाइसेंस निलंबित होने के बावजूद उनके मोबाइल एप से सवारियां बुक हो ...और पढ़ें

चंडीगढ़ में चार प्रमुख सवारी सेवा कंपनियों के लाइसेंस निलंबित। (सांकेतिक फोटो)
HighLights
ओला, उबर, इंड्राइव और रैपिडो के लाइसेंस निलंबित।
निलंबन के बावजूद एप से कैब सवारियां मिल रही हैं।
ट्राईसिटी संघ ने जिम्मेदारी तय करने की मांग की।
जागरण संवाददाता, चंडीगढ़। चंडीगढ़ में चार प्रमुख सवारी सेवा कंपनियों ओला, उबर, इंड्राइव और रैपिडो के लाइसेंस निलंबित होने के बावजूद उनके मोबाइल एप के माध्यम से शहर में सवारियां बुक होने और उठाए जाने की शिकायतों को लेकर ट्राइसिटी कैब चालक कल्याण संघ ने प्रशासन से सवाल उठाए हैं।
संघ ने शुक्रवार को राज्य परिवहन प्राधिकरण के सचिव को ज्ञापन सौंपकर इस मामले में जिम्मेदारी तय करने की मांग की।
संघ ने ज्ञापन की प्रतियां वित्त-सह-परिवहन सचिव, मुख्य सचिव चंडीगढ़, चंडीगढ़ के प्रशासक गुलाबचंद कटारिया, सूचना प्रौद्योगिकी विभाग के निदेशक और सेमीट के प्रमुख को भी भेजी हैं।
संघ का कहना है कि जब संबंधित सवारी सेवा कंपनियों के लाइसेंस चंडीगढ़ में निलंबित हैं तो उनके मोबाइल एप के माध्यम से चंडीगढ़ की सीमा के भीतर सवारी बुक और उठाई कैसे जा रही है। संघ ने प्रशासन से पूछा है कि निलंबन के बावजूद एप के माध्यम से सवारी उपलब्ध होने की स्थिति में इसकी जिम्मेदारी किसकी है।
चालक क्यों भुगतें कंपनी की गलती का खामियाजा
संघ ने मांग की है कि सूचना प्रौद्योगिकी विभाग और सेमीट के तकनीकी सहयोग से भू-घेराबंदी और स्थान-निर्धारण तकनीक लागू की जाए। इसके माध्यम से निलंबित सवारी सेवा कंपनियों के मोबाइल एप को चंडीगढ़ की सीमा में सवारी स्वीकार करने और सवारी उठाने से तत्काल रोका जाए।
संघ के मुताबिक, मोबाइल एप पर सवारी मिलने के कारण चालक चंडीगढ़ में प्रवेश कर रहे हैं या सवारी उठाने पहुंच रहे हैं। इसके बाद उनके चालान किए जा रहे हैं। संघ का कहना है कि जब सवारी स्वयं संबंधित एप से चालक को उपलब्ध कराई जा रही है तो उसका खामियाजा चालक को नहीं भुगतना चाहिए।
संघ के अध्यक्ष वरदीप सिंह ने कहा कि एक ओर प्रशासन ने कंपनियों के लाइसेंस निलंबित किए हैं और दूसरी ओर उन्हीं कंपनियों के एप से चंडीगढ़ में सवारी बुक हो रही है। ऐसे में प्रशासन को पहले ऐप के माध्यम से सवारी स्वीकार करने की व्यवस्था पर रोक लगानी चाहिए और उसके बाद ही चालकों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए।
संघ ने बताया कि इस मामले में वह प्रशासन को पहले भी कानूनी नोटिस भेज चुका है और लगातार इस मुद्दे को उठाता रहा है। संघ ने उम्मीद जताई कि प्रशासन तकनीकी व्यवस्था के माध्यम से निलंबित ऐप की चंडीगढ़ में सवारी बुकिंग और उठाने की गतिविधियों पर तत्काल रोक लगाएगा, ताकि चालकों के अनावश्यक चालान रोके जा सकें।
