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चंडीगढ़ में प्रशासक कटारिया ने ली प्रिंसिपल की क्लास, बोले-सिंगल शिफ्ट चलाने हैं सरकारी स्कूल

Published: Tue, 01 Sep 2026 08:02 PM (GMT+05:30)

चंडीगढ़ प्रशासक गुलाब चंद कटारिया ने सरकारी स्कूलों को सिंगल शिफ्ट में चलाने और शिक्षकों की कमी की सूची तैयार करने के निर्देश दिए हैं।

स्कूल प्रिंसिपलों के साथ बातचीत करते चंडीगढ़ के प्रशासक गुलाब चंद कटारिया।

स्कूल प्रिंसिपलों के साथ बातचीत करते चंडीगढ़ के प्रशासक गुलाब चंद कटारिया।

HighLights

  1. प्रशासक ने 13 स्कूल प्रिंसिपल की प्रशासक ने ली बैठक।

  2. शिक्षकों की कमी की सूची तैयार करने के निर्देश।

  3. शिक्षा मंत्रालय से भर्ती और नए पद सृजन पर बात।

जागरण संवाददाता, चंडीगढ़। यूटी प्रशासक गुलाब चंद कटारिया ने शिक्षा विभाग को निर्देश दिए हैं कि शहर के सभी सरकारी स्कूल सिंगल शिफ्ट चलने चाहिए। उन्होंने कहा कि विद्यार्थी ज्यादा है और स्कूल भवन छोटे है तो उन्हें बड़ा किया जाएगा।

नया स्कूल भवन बनाने के लिए स्कूल शिक्षा विभाग जमीन तलाश करें। इसी के साथ जिन स्कूल में शिक्षकों की कमी है वह उसकी सूची तैयार करके दें ताकि शिक्षा मंत्रालय से भर्ती की बात की जा सके।

प्रशासक द्वारा स्कूलों में शिक्षकों की कमी और आधारभूत ढांचे को लेकर ली गई बैठक में स्कूल शिक्षा सचिव प्रेरणा पुरी, निदेशक नितिश सिंगला और 13 सरकारी स्कूलों के प्रिंसिपल मौजूद थे।

लोक भवन पंजाब में आयोजित बैठक में गवर्नमेंट माडल सीनियर सेकेंडरी स्कूल कैंबवाला, खुड्डा अलीशेर, आरसी 1 मलोया, सेक्टर-15, सेक्टर-46, करसान, सेक्टर-47, रायपुर खुर्द, बहलाना, मनीमाजरा टाउन और मौलीजागरां के प्रिंसिपल शामिल हुए।

बैठक में प्रशासक ने सभी प्रिंसिपल से स्कूल के आधारभूत ढांचे को लेकर जानकारी हासिल की। गौरतलब है कि शहर के स्लम एरिया में 11वीं और 12वीं कक्षा में पढ़ाई करवाने वाले लेक्चरर की कमी है।

लेक्चरर के अभाव में जेबीटी और टीजीटी शिक्षक विद्यार्थियों को पढ़ाई करवा रहे है। यह मुद्दा 25 मई को मलोया में हुए प्रशासक के समाधान शिविर में अभिभावक गुरदेव यादव ने उठाई थी। मई के बाद जुलाई में प्रशासक दूसरे स्कूल की मरम्मत के लिए दोबारा गए थे जहां पर फिर से अभिभावकों ने शिक्षकों के अभाव में स्कूल द्वारा एडमिशन नहीं देने की बात रखी थी।

1991-92 के बाद नहीं क्रिएट हुए लेक्चरर के पद

11वीं और 12वीं कक्षा को पढ़ाई करवाने वाले 559 लेक्चरर पदों की मंजूरी की अंतिम मंजूरी वर्ष 1991-92 में केंद्र सरकार ने दी थी। उस समय शहर के 11वीं और 12वीं कक्षा के विद्यार्थियों की संख्या करीब 10 हजार थी।

इस समय विभाग के पास 42 सीनियर सेकेंडरी स्कूल है जिनमें 28 हजार विद्यार्थी पढ़ाई कर रहा है लेकिन लेक्चरर के पदों में कभी कोई बढ़ोतरी नहीं हुई।

इसी प्रकार से शहर के स्कूलों में प्रिंसिपलों के पांच पद क्रिएट नहीं है जिसके कारण उन स्कूलों की मान्यता रद्द होने का भी खतरा है। प्रशासक ने आश्वासन दिया है कि वह जल्द ही शिक्षा मंत्रालय से बात करके नए पद क्रिएट करने का प्रयास करेंगे ताकि विद्यार्थियों को बेहतर सुविधा मिल सके।

विद्यार्थियों की संख्या ज्यादा होने के कारण चलते है डबल शिफ्ट स्कूल

शहर के स्लम एरिया में स्थित विभिन्न स्कूलों में विद्यार्थियों की संख्या बहुत ज्यादा है जिसके कारण विभिन्न स्कूल डबल शिफ्ट चलते है। कमरों के अभाव में विभिन्न स्कूलों में विद्यार्थी परीक्षा के समय बरामदे में बैठते है ताकि आपसी गोपनीयता बनी रहे। प्रशासक ने बैठक में स्पष्ट किया कि शिक्षा के साथ कोई भेदभाव नहीं होगा और हर सुविधा सरकारी स्कूलों को प्रदान की जाएगी।