गैर जमानती वारंट निकले तो चंडीगढ़ कोर्ट पहुंचे इंस्पेक्टर रामरत्न, 9 साल पुराने सरपंच हत्याकांड में बयान दर्ज
चंडीगढ़ के नौ साल पुराने सरपंच सतनाम सिंह हत्याकांड में इंस्पेक्टर रामरत्न शर्मा ने कोर्ट में गवाही दी। गैर जमानती ...और पढ़ें

सरपंच सतनाम सिंह हत्याकांड में सेकंड इन्वेस्टिगेटिंग ऑफिसर इंस्पेक्टर रामरत्न कोर्ट में गवाही देने पहुंचे। (एआई जनरेटेड फोटो)
HighLights
सेक्टर-38 में 2017 में दिनदहाड़े हुई थी सरपंच की हत्या।
गुरुद्वारा साहिब में माथा टेकने आया था सतनाम सिंह।
गैंगस्टर दिलप्रीत बाबा और मंजीत ने जेल में रची थी साजिश।
जागरण संवाददाता, चंडीगढ़। नौ साल पुराने शहर के चर्चित सरपंच हत्याकांड में सोमवार को इंस्पेक्टर रामरत्न शर्मा की गवाही हुई। वह इस केस के सेकंड इन्वेस्टिगेटिंग ऑफिसर थे। हालांकि उन्हें पिछले महीने समन भेजे गए थे, लेकिन वह पेश नहीं हुए।
उनके खिलाफ जिला कोर्ट ने जमानती वारंट जारी किए। अगली तारीख पर वह फिर कोर्ट नहीं पहुंचे तो उनके खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी कर दिए गए। अब मामले की सुनवाई सोमवार की थी तो वह अदालत में पेश हो गए।
अप्रैल 2017 को सेक्टर-38 के गुरुद्वारे के बाहर दिनदहाड़े बीच सड़क सतनाम सिंह नामक शख्स की गोलियां मारकर हत्या कर दी गई थी। इस केस में कुख्यात गैंग्स्टर दिलप्रीत सिंह ढाहां उर्फ बाबा और हरजिंदर सिंह वाला आरोपित हैं।
एक आरोपित मंजीत सिंह उर्फ बाॅबी की मौत हो चुकी है। दिलप्रीत बाबा पर पंजाब में भी कई केस चल रहे हैं। उसका नाम चर्चित गायक परमीश वर्मा पर फायरिंग करने के मामले में भी सामने आया था।
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जेल में रची थी हत्या की थी साजिश
मंजीत सिंह उर्फ बाॅबी और गैंगस्टर दिलप्रीत सिंह बाबा की मुलाकात होशियारपुर जेल में हुई थी। वहां दोनों के बीच नजदीकियां बढ़ीं और उन्होंने खुर्दा गांव के पूर्व सरपंच सतनाम सिंह की हत्या की योजना बनाई। मंजीत की सतनाम से दुश्मनी थी और वह हत्या के मामले में गवाही न दे सके, इसलिए उसे रास्ते से हटाया गया था।
जब सतनाम सिंह संगत के साथ चंडीगढ़ सेक्टर-38 स्थित गुरुद्वारा साहिब में माथा टेकने आया था, तो वहां घात लगाए बैठे दिलप्रीत सिंह बाबा और उसके साथियों ने ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी। उन्होंने सतनाम पर तलवारों से भी हमला किया था। सतनाम को सात गोलियां लगी थी और पीजीआई में उसने दम तोड़ दिया था।
