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चंडीगढ़ के लोग शुक्रवार तक निपटा लें काम, 26 सितंबर से 5 दिन ठप रहेंगी बैंकिंग सेवाएं

By Balwan SinghEdited By: Prince Sharma
Published: Wed, 23 Sep 2026 04:42 PM (IST)

बैंक कर्मचारी 28 से 30 सितंबर तक तीन दिवसीय हड़ताल पर रहेंगे, जिससे 26 सितंबर से लगातार पांच दिनों तक बैंकिंग सेवाएं प्रभावित होंगी।

चंडीगढ़ के लोग शुक्रवार तक निपटा लें काम (फाइल फोटो)

चंडीगढ़ के लोग शुक्रवार तक निपटा लें काम (फाइल फोटो)

HighLights

  1. बैंक कर्मचारी 28 से 30 सितंबर तक तीन दिवसीय हड़ताल करेंगे

  2. 26 सितंबर से लगातार पांच दिन बैंकिंग सेवाएं बाधित रहेंगी

  3. ग्राहकों को शुक्रवार तक अपने सभी जरूरी बैंक काम निपटाने की सलाह

बलवान करिवाल, चंडीगढ़। अगर बैंक से जुड़ा कोई जरूरी काम लंबित है तो उसे इसी सप्ताह शुक्रवार तक निपटा लें। इसके बाद बैंक ग्राहकों को लगातार पांच दिन तक परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।

28, 29 और 30 सितंबर को देशभर के बैंक कर्मचारियों की ओर से तीन दिन की हड़ताल का ऐलान किया गया है। इससे ठीक पहले 26 सितंबर को चौथा शनिवार और 27 सितंबर को रविवार होने के कारण बैंक शाखाओं की नियमित सेवाएं लगातार पांच दिन प्रभावित रहने की स्थिति बन रही है।

हड़ताल को लेकर बैंक यूनियनों और सरकार के बीच बातचीत का दौर जारी है, लेकिन पांच दिवसीय बैंकिंग सप्ताह सहित अन्य मांगों पर अभी सहमति नहीं बन पाई है। ऐसे में बैंक यूनियनों ने 28 से 30 सितंबर तक प्रस्तावित हड़ताल को जारी रखने का फैसला किया है। हड़ताल देशव्यापी होने के कारण इसका असर सरकारी बैंकों की शाखाओं में बैंकिंग सेवाओं पर पड़ने की संभावना है।

पांच दिन लगातार प्रभावित रहेगा बैंकिंग कामकाज

26 सितंबर को चौथा शनिवार होने के कारण बैंक शाखाओं में अवकाश रहेगा। इसके बाद 27 सितंबर रविवार है। 28 सितंबर सोमवार, 29 सितंबर मंगलवार और 30 सितंबर बुधवार को हड़ताल प्रस्तावित है। इस तरह शनिवार से बुधवार तक लगातार पांच दिन शाखा स्तर पर नियमित बैंकिंग कामकाज प्रभावित हो सकता है।

इस दौरान बैंक शाखाओं में नकद जमा और निकासी, चेक से जुड़े काम, दस्तावेज जमा करने, खाते से संबंधित कार्य और अन्य शाखा आधारित सेवाओं में परेशानी हो सकती है।

एटीएम, यूपीआई, इंटरनेट बैंकिंग और मोबाइल बैंकिंग जैसी डिजिटल सेवाएं सामान्य रूप से उपलब्ध रहने की उम्मीद है, हालांकि किसी सेवा की उपलब्धता संबंधित बैंक की व्यवस्था पर निर्भर करेगी।

पांच दिवसीय बैंकिंग सप्ताह की मांग

बैंक यूनियनों की प्रमुख मांग पांच दिवसीय बैंकिंग सप्ताह लागू करने की है। यूनियनें चाहती हैं कि सोमवार से शुक्रवार तक ही बैंकिंग कामकाज हो और शनिवार तथा रविवार को साप्ताहिक अवकाश दिया जाए। इसके बदले बैंकिंग के बाकी कार्यदिवसों में काम के समय में आवश्यक बढ़ोतरी किए जाने का प्रस्ताव है।

अभी महीने के दूसरे और चौथे शनिवार को बैंक बंद रहते हैं, जबकि पहले और तीसरे शनिवार को बैंक खुलते हैं। यूनियनों की मांग है कि सभी शनिवार और रविवार को अवकाश घोषित किया जाए।

बैंक कर्मचारियों का कहना है कि लंबे समय से पांच दिवसीय बैंकिंग सप्ताह की मांग की जा रही है, लेकिन इस पर अभी तक अंतिम निर्णय नहीं हुआ है। इसी के चलते यूनियनों ने आंदोलन का रास्ता अपनाया है।

‘मजबूरी में कर रहे हैं हड़ताल, वेतन कटवाकर भी आंदोलन’

यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस के पदाधिकारी प्रियव्रत ने कहा कि बैंक स्टाफ मजबूरी में हड़ताल कर रहा है। कर्मचारियों को कई वर्षों से आश्वासन मिल रहे हैं, लेकिन उनकी जरूरी मांगों पर अपेक्षित निर्णय नहीं हुआ है। इसलिए अब तीन दिन की हड़ताल का निर्णय लिया गया है।

बैंक कर्मचारी मजबूरी में हड़ताल कर रहे हैं। उन्हें कई वर्षों से सिर्फ आश्वासन ही मिल रहे हैं और उनकी जरूरी मांगों को भी नहीं माना जा रहा। बैंक यूनियनें ऐसी यूनियनें हैं, जो अपना वेतन कटवाने के बाद भी हड़ताल करती हैं। हड़ताल के दौरान कर्मचारियों को वेतन नहीं मिलता, फिर भी मजबूरी में वे अपना वेतन कटवाकर आंदोलन कर रहे हैं। 28 से 30 सितंबर तक हड़ताल रहेगी। अगर सरकार ने अभी भी मांगें नहीं मानीं तो आगे हड़ताल लगातार जारी रखने का निर्णय भी लिया जा सकता है।” — प्रियव्रत, पदाधिकारी, यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस

बुधवार को सेक्टर-17 में जुटेंगे बैंक कर्मचारी

हड़ताल की तैयारियों को लेकर बुधवार शाम पांच बजे यूनाइटेड बैंक फोरम की बैठक सेक्टर-17 स्थित बैंक स्क्वेयर में होगी। इसमें तीन दिवसीय हड़ताल की तैयारियों और आगे की रणनीति पर चर्चा की जाएगी। इसके साथ ही बैंक स्टाफ से हड़ताल में सहयोग करने को लेकर भी बातचीत की जाएगी।

बैठक में कर्मचारियों को हड़ताल के दौरान अपनाई जाने वाली रणनीति की जानकारी देने के साथ ही अलग-अलग बैंक शाखाओं में कर्मचारियों की भागीदारी को लेकर भी चर्चा की जाएगी।

11 सितंबर को भी हुई थी हड़ताल

बैंक यूनियनों की ओर से इससे पहले 11 सितंबर को भी एक दिन की देशव्यापी हड़ताल की गई थी। इसके बाद अब 28 से 30 सितंबर तक तीन दिन की हड़ताल का कार्यक्रम घोषित किया गया है। यूनियनों का कहना है कि यदि उनकी मांगों पर ठोस निर्णय नहीं हुआ तो आंदोलन को आगे भी जारी रखने पर विचार किया जाएगा।

सरकार की ओर से भी बातचीत का दौर जारी

हड़ताल से बैंकिंग सेवाओं पर पड़ने वाले असर को देखते हुए सरकार की ओर से बैंक यूनियनों और बैंक प्रबंधन के साथ बातचीत की जा रही है। बैंकों की ओर से भी ग्राहकों को कम से कम परेशानी हो, इसके लिए जरूरी तैयारियां की जा रही हैं। एटीएम में पर्याप्त नकदी रखने और डिजिटल बैंकिंग सेवाओं को सुचारु बनाए रखने पर भी ध्यान दिया जा रहा है।

हालांकि बातचीत के बावजूद फिलहाल हड़ताल वापस लिए जाने को लेकर कोई सहमति नहीं बनी है। ऐसे में ग्राहकों को सलाह दी जा रही है कि वे बैंक शाखा से संबंधित जरूरी काम हड़ताल से पहले ही निपटा लें।

ग्राहकों के लिए जरूरी सलाह

  • शुक्रवार तक निपटा लें जरूरी काम: बैंक शाखा से संबंधित कोई जरूरी काम लंबित है तो उसे 25 सितंबर तक पूरा कर लें।
  • नकदी की जरूरत है तो पहले व्यवस्था करें: लगातार दो दिन साप्ताहिक अवकाश और तीन दिन हड़ताल के कारण एटीएम पर दबाव बढ़ सकता है।
  • डिजिटल बैंकिंग का इस्तेमाल करें: यूपीआई, इंटरनेट बैंकिंग और मोबाइल बैंकिंग के जरिये उपलब्ध सेवाओं का इस्तेमाल किया जा सकता है।
  • चेक संबंधी काम पहले करें: हड़ताल के दौरान चेक जमा करने और क्लीयरेंस से जुड़े काम प्रभावित हो सकते हैं।
  • बैंक की सूचना देखते रहें: सरकार और बैंक यूनियनों के बीच बातचीत में कोई सहमति बनने पर हड़ताल की स्थिति में बदलाव हो सकता है