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चंडीगढ़ रेलवे स्टेशन कब बनेगा वर्ल्ड क्लास? 5 डेडलाइन खत्म, PM मोदी का ड्रीम प्रोजेक्ट 4 साल बाद भी अधूरा

Published: Tue, 22 Sep 2026 05:16 PM (IST)

चंडीगढ़ रेलवे स्टेशन को विश्वस्तरीय बनाने का प्रधानमंत्री मोदी का ड्रीम प्रोजेक्ट पांच डेडलाइन चूकने के बाद भी अधूरा है। अब नई समयसीमा दिसंबर 2026 तय की गई है।

HighLights

  1. अनुबंध के मुताबिक 15 माह में काम पूरा होना था।

  2. करीब 462 करोड़ से चल रहे री-डेवलपमेंट प्रोजेक्ट।

  3. निर्माण कार्य से प्लेटफार्म बंद होने जैसी असुविधाएं।

अंकेश ठाकुर, चंडीगढ़। रेलवे स्टेशन चंडीगढ़ को विश्वस्तरीय ट्रांजिट हब बनाने का सपना समय सीमाओं के फेर में उलझ गया है। चंडीगढ़ रेलवे स्टेशन को वर्ल्ड क्लास बनाने का यह प्रोजेक्ट प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का ड्रीम प्रोजेक्ट भी है।

करीब 462 करोड़ रुपये की लागत से चल रहे री-डेवलपमेंट प्रोजेक्ट को अनुबंध के मुताबिक 15 माह में पूरा होना था, लेकिन काम शुरू होने के करीब चार साल बाद भी स्टेशन पूरी तरह तैयार नहीं हो पाया है।

अब तक निर्माण पूरा करने की पांच समयसीमाएं खत्म हो चुकी हैं और नई समयसीमा 31 दिसंबर 2026 तय की गई है। इस बीच निर्माण कार्य का सबसे ज्यादा असर रोजाना सफर करने वाले हजारों यात्रियों पर पड़ रहा है।

रेलवे लैंड डेवलपमेंट अथॉरिटी (आरएलडीए) की ओर से कराए जा रहे इस प्रोजेक्ट की पहली डेडलाइन 10 अप्रैल 2024 थी। इसके बाद 31 दिसंबर 2024, 31 अक्टूबर 2025, 18 मार्च 2026 और 31 जुलाई 2026 तक काम पूरा करने की समयसीमा दी गई, लेकिन इनमें से कोई भी समयसीमा पूरी नहीं हो सकी।

36 दिन का महाब्लाॅक, प्लेटफार्म बंद

री-डेवलपमेंट के कारण यात्रियों की परेशानी अभी भी जारी है। इन दिनों कालका की ओर प्लेटफार्म के ऊपर थ्रू रूफ (स्थायी शेड) बनाने का काम चल रहा है। इसके लिए 36 दिन का महाब्लाॅक लिया गया है, जो 15 अक्टूबर तक चलेगा।

काम के चलते प्लेटफार्म नंबर 3 और 4 को अगले 12 दिन के लिए पूरी तरह बंद किया गया है। कई ट्रेनों को दूसरे प्लेटफार्मों पर भेजा जा रहा है, जबकि कुछ ट्रेनें रद भी की गई हैं। निर्माण के दौरान यात्रियों को प्लेटफार्म बदलने, रास्तों में बदलाव और बारिश के दौरान पानी टपकने जैसी दिक्कतों का भी सामना करना पड़ा है।

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90 प्रतिशत काम पूरा होने का दावा

अधिकारियों के अनुसार परियोजना का करीब 90 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है। चंडीगढ़ और पंचकूला दोनों तरफ की मुख्य संरचनाएं, एयर कानकोर्स और फुटओवर ब्रिज तैयार हैं। परियोजना पूरी होने के बाद यात्रियों को एयरपोर्ट जैसी सुविधाएं, आधुनिक पार्किंग, रूफ प्लाजा, लिफ्ट, एस्केलेटर, फूड कोर्ट, डिजिटल सूचना प्रणाली, बेहतर वेटिंग हाल और दिव्यांग अनुकूल सुविधाएं मिलेंगी।

चंडीगढ़ रेलवे स्टेशन प्रमुख सुविधाएं

  • पंचकूला की तरफ नया प्रवेश द्वार और बड़ी पार्किंग तैयार।
  • चंडीगढ़ और पंचकूला को जोड़ने वाला चौड़ा फुटओवर ब्रिज लगभग पूरा।
  • 28 लिफ्ट, 12 एस्केलेटर और करीब 1400 यात्रियों के बैठने की व्यवस्था।
  • दोनों ओर वीआईपी लाउंज, फूड कोर्ट और रिटेल शाप्स।
  • पंचकूला की ओर डोरमिटरी और रिटायरिंग रूम।
  • सोलर पैनल, एसटीपी, डिजिटल सूचना प्रणाली और दिव्यांग अनुकूल सुविधाएं।
  • ऊपरी मंजिलों पर यात्री सुविधाएं विकसित कर प्लेटफार्म पर भीड़ कम करने की योजना।