जागरण संवाददाता, चंडीगढ़: 2014 से अब तक चंडीगढ़ रेल बजट की ट्रेन पटरी पर वापस नहीं आई है। वर्ष 2014 के रेल बजट में केंद्र सरकार ने चंडीगढ़ से हाईस्पीड ट्रेन चलाने की घोषणा की थी। घोषणा को छह साल बीत चुके हैं। लेकिन अभी तक चंडीगढ़ से कोई भी सेमी या हाईस्पीड ट्रेन शुरू नहीं हुई। वर्ष 2016 के रेल बजट में चंडीगढ़ से तेजस ट्रेन शुरू करने की घोषणा की गई थी। अभी तक तेजस भी नहीं चली। यहां तक की चंडीगढ़-नई दिल्ली के बीच चलने वाली शताब्दी ट्रेन की स्पीड तक नहीं बढ़ सकी। रेल बजट से चंडीगढ़ को हैं यह उम्मीदें

-चंडीगढ़-लखनऊ सद्भावना सुपरफास्ट ट्रेन को वाराणसी या प्रयागराज तक चलाए जाने का मुद्दा कई बार उठाया गया। अभी तक इस ट्रेन का रूट नहीं बढ़ाया गया।

-चंडीगढ़-नई दिल्ली की स्पीड अभी 100 से 108 किलोमीटर प्रति घंटा है, इसे 130 किलोमीटर प्रति घंटा तक स्पीड बढ़ाए जाने की उम्मीद है। ताकि कम समय में सफर तय हो सके।

-चंडीगढ़ रेलवे स्टेशन पर चार मंजिला का निर्माण किया जाना है। इस पर 140 करोड़ रुपये खर्च होंगे। टेंडर अलॉट हो चुका है। लेकिन बीते 10 सालों में अब तक व‌र्ल्ड क्लास रेलवे स्टेशन की चार मंजिला बिल्डिग बनकर तैयार नहीं हुई।

-चंडीगढ़-बद्दी रेल लाइन प्रोजेक्ट का काम अभी तक लटका हुआ है। हिमाचल में इस रेल लाइन प्रोजेक्ट के लिए अभी तक जमीन एक्वायर नहीं की जा सकी है।

-चंडीगढ़ को वर्ष 2014 के रेल बजट के बाद से लेकर अब तक कोई नहीं ट्रेन नहीं मिली।

-चंडीगढ़ रेलवे स्टेशन पर वाहनों के लिए 16,663 स्क्वायर मीटर एरिया में पार्किग नहीं बनी।

-चंडीगढ़ रेलवे स्टेशन पर इस समय छह प्लेटफार्म हैं जिनकी संख्या बढ़ाकर 8 की जाएगी।

-रेलवे स्टेशन पर एस्केलेटर की संख्या बढ़ाकर 12 की जाएगी। -हाईस्पीड ट्रेन शुरू की जाएंगी। -एयरपोर्ट के तर्ज पर रेलवे स्टेशन पर पैसेंजर्स की खरीदारी के लिए दुकानें खोली जाएंगी।

Posted By: Jagran

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