लॉरेंस, गोल्डी बराड़ और अब मनमेहर प्रीत...पुलिस वालों के बेटे चुन रहे अपराध का रास्ता; भटक रहा यूथ
चंडीगढ़ में 17 वर्षीय नैतिक खंडेलवाल की हत्या के मामले में पुलिस ने शूटर मनमेहर प्रीत को गिरफ्तार किया है, ...और पढ़ें

शूटर मनमेहर सिंह ने जंगल में छिपाई थी पिस्टल, पुलिस ने की बरामद।
HighLights
17 वर्षीय नैतिक की हत्या में शूटर और उसका भाई गिरफ्तार।
पंजाब इंटेलिजेंस विंग में तैनात पुलिसकर्मी के बेटे हैं दोनों।
पिस्टल बरामदगी के दौरान मनमेहर ने पुलिस पर चलाई गोली।
डिजिटल डेस्क, चंडीगढ़। चंडीगढ़ में सेंट जोसफ कॉन्वेंट स्कूल के पूर्व छात्र 17 वर्षीय नैतिक खंडेलवाल की हत्या में पुलिस ने शूटर मनमेहर प्रीत को गिरफ्तार किया है। मनमेहर पंजाब इंटेलिजेंस विंग में तैनात पुलिसकर्मी का बेटा है और गैंगस्टर लक्की पटियाल के गैंग से जुड़ा है। उसने अपने छोटे भाई अर्श के साथ हुई मारपीट का वीडियो वायरल करने की रंजिश में नैतिक को गोली मारी।
इस वारदात ने यूथ के भविष्य पर सवाल खड़े कर दिए हैं। साथ ही यह भी चर्चा का विषय बना है कि आखिर पुलिसकर्मियों के बेटे अपराध का रास्ता क्यों चुनते हैं। मनमेहर ने भी अपनों की खातिर लॉरेंस बिश्नोई और गोल्डी बराड़ की तरह हत्या जैसी वारदात को अंजाम दिया। लॉरेंस और गोल्डी बराड़ के पिता भी पुलिस विभाग में सेवाएं दे चुके हैं।
लॉरेंस और गोल्डी बराड़ अब अपराध की दलदल में पूरी तरह फंस चुके हैं, जहां से निकलने का कोई रास्ता अभी दिखाई नहीं दे रहा है। मनमेहर जैसे युवा भी दूसरों के घर उजाड़ कर अपनी जिंदगी से खिलवाड़ कर रहे हैं। पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि मनमेहर का नाम पहले भी मोहाली सेक्टर-67 के सामने हेडमास्टर सैलून पर हुई फायरिंग में भी आ चुका है।
जानिये पूरी वारदात के बारे में
वीरवार रात नैतिक अपने एक दोस्त के साथ सेक्टर-44 में घूम रहा था। यहां सेक्टर-43 निवासी एक नाबालिग और उसके साथी अर्श के साथ झगड़ा हुआ। आरोप है कि नैतिक और उसके साथी ने नाबालिग से मारपीट की और वीडियो बना लिया।
इस दौरान अर्श के साथ भी मारपीट हुई। बाद में नैतिक ने वीडियो इंटरनेट मीडिया पर डाल दिया। अर्श को इस बात पर बेइज्जती महसूस हुई और उसने अपने बड़े भाई मनमेहर को खरड़ से बुलाया।
बुलेट बाइक पर पहुंचे, सीने में मारी गोली
मनमेहर, अर्थ और उसका नाबालिग साथी बुलेट बाइक पर सेक्टर-22 में नैतिक के घर के पास स्थित सनातन धर्म मंदिर के बाहर पहुंचे। कुछ देर बाद नैतिक अपने साथी के साथ ऑटो में वहां पहुंचा।
अर्थ को देख नैतिक ने ऑटो चालक सिकंदर से ऑटो भगाने को कहा। इसी दौरान मनमेहर ने फायरिंग की। एक गोली नैतिक के सीने में लगी, जबकि दूसरी सिकंदर के कंधे को छूकर निकल गई। नैतिक ऑटो से उतरकर कुछ दूर जाकर गिर पड़ा। अस्पताल में इलाज के दौरान उसने दम तोड़ दिया।
पिस्टल बरामदगी के दौरान पुलिस पर फायरिंग
चंडीगढ़ ऑपरेशन सेल के डीएसपी रनजोत सिंह के मुताबिक, अर्श और मनमेहर को शुक्रवार ही गिरफ्तार कर लिया गया था। शनिवार सुबह इंस्पेक्टर सेखों की अगुवाई में पुलिस पिस्टल बरामदगी के लिए दोनों आरोपितों को लेकर सेक्टर-50 के जंगल में पहुंची। पुलिस रिकवरी कर रही थी तभी अर्श ने अपनी छिपाई पिस्टल की जगह बताई, जिसे पुलिस ने कब्जे में ले लिया।
मनमेहर ने चलाई गोली, एएसआई की जान बची
डीएसपी के मुताबिक, दूसरी पिस्टल की रिकवरी के दौरान मनमेहर ने छिपाई हुई पिस्टल निकालकर पुलिस टीम पर फायरिंग कर दी। एएसआई प्रदीप के सीने में गोली लगी, लेकिन बुलेटप्रूफ जैकेट पहने होने के कारण बचाव हो गया। जवाबी कार्रवाई में पुलिस ने दो फायर किए। मनमेहर के पैर में गोली लगी, जिससे वह घायल हो गया।
अपराध का एक उदाहरण यह भी
25 सितंबर को 19 वर्षीय अरमान ने अपने पिता चंडीगढ़ पुलिस के हेड कॉन्स्टेबल नितिन सिंह की हत्या कर दी थी। नितिन अपने कमरे में सो रहा था और तभी अरमान ने उनकी कनपटी पर गोली मारी। पुलिस ने अरमान को गिरफ्तार कर लिया था।
अरमान नशे का आदी है और लिव इन रिलेशनशिप में रह रही युवती के साथ शादी करना चाहता था। उसने बिजनेस शुरू करने के लिए पिता से 10 लाख रुपये मांगे थे। नितिन शादी के लिए तैयार थे, लेकिन रुपये देने से मना करने पर अरमान ने उनकी हत्या कर दी।
