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कामरा, वांगचुक, दीपके पर FIR से चंडीगढ़ पुलिस का इनकार, कोर्ट में जवाब-घटना दिल्ली की, जांच भी वहीं हो

Published: Thu, 10 Sep 2026 06:27 PM (IST)

चंडीगढ़ पुलिस ने कॉमेडियन कुणाल कामरा, सोनम वांगचुक और अभिजीत दीपके के खिलाफ धार्मिक भावनाएं आहत करने के आरोप में एफआईआर दर्ज करने से इनकार कर दिया है।

अभिजीत दीपके, काॅमेडियन कुणाल कामरा और सोनम वांगचुक पर चंडीगढ़ में नहीं होगी एफआईआर। (एआई जनरेटेड फोटो)

अभिजीत दीपके, काॅमेडियन कुणाल कामरा और सोनम वांगचुक पर चंडीगढ़ में नहीं होगी एफआईआर। (एआई जनरेटेड फोटो)

HighLights

  1. धार्मिक भावनाएं आहत करने का आरोप।

  2. शिकायत दिल्ली पुलिस भेजने की सिफारिश।

  3. देवी-देवताओं पर आपत्तिजनक टिप्पणी का मामला।

रवि अटवाल, चंडीगढ़। कामेडियन कुणाल कामरा, शिक्षाविद व सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक और काॅकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके के खिलाफ धार्मिक भावनाएं आहत करने के आरोप में एफआईआर दर्ज करने की मांग पर चंडीगढ़ पुलिस ने कार्रवाई से इनकार कर दिया है।

चंडीगढ़ जिला अदालत में दाखिल जवाब में पुलिस ने कहा कि शिकायत में जिस कथित घटना का उल्लेख किया गया है, वह दिल्ली में हुई थी। ऐसे में मामले की जांच का अधिकार दिल्ली पुलिस के पास है। पुलिस ने अदालत से शिकायत को दिल्ली पुलिस को भेजने की सिफारिश की है।

पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के वकील विभु सैनी और मोहित जसुजा ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता(बीएनएसएस) की धारा 175(3) के तहत जिला अदालत में याचिका दायर कर तीनों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग की थी।

याचिका पर ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट अंबिका शर्मा की अदालत ने चंडीगढ़ पुलिस को स्टेटस रिपोर्ट दाखिल करने का नोटिस जारी किया था। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया था कि 15 जुलाई को दिल्ली के जंतर-मंतर पर हुए प्रदर्शन के दौरान कामरा ने मंच से हिंदू धर्म और देवी-देवताओं को लेकर आपत्तिजनक बयान दिया, जिससे धार्मिक भावनाएं आहत हुईं। 

शिकायत में वांगचुक और दीपके को भी आरोपित बनाने की मांग की गई थी। याचिकाकर्ताओं का आरोप था कि दोनों प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे थे और उन्होंने कामरा को कथित आपत्तिजनक बयान देने से नहीं रोका। उनका कहना था कि प्रदर्शन में बड़ी संख्या में लोग मौजूद थे और कामरा का वीडियो इंटरनेट मीडिया पर प्रसारित हुआ।पुलिस शिकायत पर भी नहीं हुई थी कार्रवाई

याचिकाकर्ताओं के मुताबिक उन्होंने पहले एसएसपी और सेक्टर-3 थाना पुलिस को शिकायत देकर कार्रवाई की मांग की थी। कार्रवाई नहीं होने पर उन्होंने अदालत का रुख किया। अब पुलिस ने क्षेत्राधिकार का हवाला देते हुए शिकायत दिल्ली पुलिस को भेजने की सिफारिश की है।

शिकायत में बीएनएस की धारा 299 और 302 के तहत कार्रवाई की मांग की गई थी। धारा 299 धार्मिक भावनाओं को जानबूझकर आहत करने तथा धर्म का अपमान करने से संबंधित है, जबकि धारा 302 धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाले शब्द, संकेत या वस्तु से संबंधित है।