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चंडीगढ़ में स्नैचिंग हाटस्पाॅट चिह्नित, सुरक्षा घेरा बढ़ेगा; 2 हजार CCTV से 24 घंटे निगरानी रखेगी पुलिस

Published: Sun, 13 Sep 2026 07:05 AM (IST)

चंडीगढ़ पुलिस शहर में बढ़ती झपटमारी की घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए 2000 से अधिक नए एआई-सक्षम सीसीटीवी कैमरे ...और पढ़ें

चंडीगढ़ पुलिस 2000 से अधिक नए एआई-सक्षम सीसीटीवी कैमरे लगाने जा रही। (सांकेतिक फोटो)

चंडीगढ़ पुलिस 2000 से अधिक नए एआई-सक्षम सीसीटीवी कैमरे लगाने जा रही। (सांकेतिक फोटो)

HighLights

  1. पुलिस 2000 नए एआई-सक्षम सीसीटीवी कैमरे लगाएगी।

  2. कैमरा नेटवर्क 2130 से बढ़कर 4200 तक पहुंचाया जाएगा।

  3. छोटे चौराहों और संवेदनशील स्थानों पर भी निगरानी बढ़ेगी।

जागरण संवाददाता, चंडीगढ़। शहर में बढ़ती स्नैचिंग की घटनाओं पर नियंत्रण पाने के लिए पुलिस 2000 से अधिक नए एआई-सक्षम सीसीटीवी कैमरे लगाने जा रही है। पुलिस ने उन स्थानों को प्राथमिकता के आधार पर चिह्नित किया है, जहां झपटमारी की घटनाएं अधिक होती हैं और निगरानी के लिए पर्याप्त कैमरे नहीं हैं।

नए कैमरे लगने के बाद शहर में सीसीटीवी कैमरों का मौजूदा नेटवर्क 2130 से बढ़कर 4200 तक पहुंच जाएगा। पुलिस की सूची में मंदिर, गुरुद्वारे और पार्क शामिल हैं, जहां दिनभर लोगों की आवाजाही रहती है। खासकर सुबह और शाम के समय बड़ी संख्या में बुजुर्ग इन स्थानों पर पहुंचते हैं।

पुलिस के आकलन के अनुसार, भीड़भाड़ और बुजुर्गों की अधिक आवाजाही वाले स्थान झपटमारों के लिए आसान निशाना बन सकते हैं। ऐसे स्थानों पर कैमरों का नेटवर्क मजबूत किया जाएगा। एआई कैमरों की मदद से केवल वारदात की निगरानी ही नहीं, बल्कि आरोपितों की गतिविधियों पर नजर रखने में भी मदद मिलेगी।

स्नैचिंग के बाद बदमाश किस रास्ते से भागे, किस दिशा में गए और आगे कहां पहुंचे, इसका पता लगाने में कैमरों की फुटेज महत्वपूर्ण साबित होगी। पुलिस का प्रयास संवेदनशील स्थानों को आसपास के कैमरा नेटवर्क से जोड़ने का भी है।

शहर के बड़े और प्रमुख चौराहे पहले से ही सीसीटीवी कैमरों की निगरानी में हैं। अब बचे हुए छोटे चौराहों और संवेदनशील स्थानों को भी कैमरा नेटवर्क से जोड़ा जाएगा। पुलिस का लक्ष्य शहर को 100 प्रतिशत सीसीटीवी कवरेज देना है।

2000 से अधिक नए कैमरे लगने के बाद चंडीगढ़ में निगरानी का दायरा काफी बढ़ जाएगा। पुलिस को उम्मीद है कि एआई आधारित निगरानी से स्नैचिंग के साथ अन्य आपराधिक घटनाओं की रोकथाम और आरोपितों की पहचान में भी मदद मिलेगी।

जहां ज्यादा वारदात, वहां पहले लगेंगे कैमरे

पुलिस ने शहर में स्नैचिंग के हाटस्पाट का आकलन कर कैमरे लगाने की प्राथमिकता तय की है। पहले उन इलाकों में निगरानी व्यवस्था मजबूत की जाएगी, जहां लगातार झपटमारी की शिकायतें सामने आती रही हैं। अधिकारियों का फोकस केवल वारदात के बाद आरोपितों तक पहुंचने पर नहीं, बल्कि कैमरों की मौजूदगी से पहले ही बदमाशों पर दबाव बनाने पर है।