जागरण संवाददाता चंडीगढ़। ट्राईसिटी (चंडीगढ़, पंचकूला, मोहाली) में मेट्रो पर फिर से बड़ी बहस शुरू हो गई है यह बहस प्रशासक की सलाहकार समिति की मंगलवार को हुई मीटिंग के बाद शुरू हुई है। इस मीटिंग में सांसद किरण खेर ने मेट्रो के विरोध में एक बार फिर अपना पक्ष रखा तो वहीं दूसरी ओर भाजपा के ही दो बड़े नेताओं संजय टंडन और सत्यपाल जैन ने इस मामले में मेट्रो चलाने का सुझाव दिया।

इस मुद्दे पर अब बहस यह छिड़ गई है कि ट्राईसिटी में मेट्रो चाहिए या नहीं। दैनिक जागरण इस मुद्दे पर ट्राईसिटी के सभी वर्गों से अपनी राय लेगा साथ ही हर वर्ग से जुड़े लोगों की राय प्रमुखता से प्रकाशित करेगा और प्रशासन व राजनेताओं के सामने उनका पक्ष जोरदार तरीके से रखने का प्रयास करेगा। आप सभी अपने जरूरी राय मोबाइल नंबर 8591886804 या मेल आईडी balwan.singh@chg.Jagran.com पर भेज सकते हैं। हम सभी लोगों की राय को निर्णय लेने वाले अधिकारियों और राजनेताओं तक पहुंचाएंगे। साथ ही जो भी सही होगा उस के पक्ष में उन पर दबाव भी बनाएंगे और लोगों की सुविधा को देखते हुए उसको लागू कराने के लिए एक अभियान चलाएंगे। 

एक-दो दिन में कंपनी सौंपेगी रिपोर्ट

आपको बता दें कि वर्ष 2006 के आसपास ट्राईसिटी में मेट्रो चलाने के प्रस्ताव पर काम शुरू हुआ था। इसके बाद वर्ष 2013-14 में मेट्रो के प्रोजेक्ट को ठंडे बस्ते में डाल दिया गया। फिर 2021 में एडवाइजर धर्मपाल ने दोबारा से पब्लिक ट्रांसपोर्ट के मजबूत विकल्प के लिए सर्वे करवाने का फैसला लिया। इसके बाद रेल इंडिया टेक्निकल एंड इकोनामिक सर्विस (राइट्स) कंपनी से दोबारा पूरे प्रोजेक्ट की सर्वे रिपोर्ट अपडेट करवाने के लिए दी गई। अब राइट्स में अपने रिपोर्ट अपडेट करके प्रशासन को एक-दो दिनों में सौंपनी है।

मेट्रो प्रोजेक्ट पर खर्च होंगे 18,000 करोड़ रुपये 

बताया जा रहा है कि इस बार भी इस बार भी राइट्स ने मेट्रो को ही सबसे बेहतर विकल्प ट्राईसिटी के लिए बताया है। इसके बाद से अब दोबारा बहस शुरू हो गई है। बता दें कि इस प्रोजेक्ट पर ₹140000000 से अधिक खर्च हो चुके हैं। साथ ही अगर मेट्रो चलाई जाती है तो इसकी लागत भी 10,000 करोड़ रुपये से बढ़कर 18,000 करोड़ रुपये तक पहुंच गई है l

Edited By: Ankesh Thakur

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