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चंडीगढ़ में Ola, Uber, Rapido और InDrive के एप होंगे ब्लॉक, यात्री मोबाइल फोन से बुक नहीं कर पाएंगे कैब

Published: Mon, 21 Sep 2026 07:00 AM (IST)

चंडीगढ़ में ओला, उबर, रैपिडो और इनड्राइव जैसी कैब कंपनियों के लाइसेंस निलंबित होने के बाद एप भी ब्लॉक किए ...और पढ़ें

लाइसेंस निलंबित होने के बाद चलने वाली कैब कंपनियों की मनमर्जी पर लगेगी लगाम। (सांकेतिक फोटो)

लाइसेंस निलंबित होने के बाद चलने वाली कैब कंपनियों की मनमर्जी पर लगेगी लगाम। (सांकेतिक फोटो)

HighLights

  1. लाइसेंस निलंबित होने के बावजूद सेवा जारी।

  2. जीपीएस आधारित एप ब्लॉकिंग की तैयारी।

  3. यात्रियों को देना पड़ रहा अधिक किराया।

राजेश ढल्ल, चंडीगढ़। चंडीगढ़ में कैब सर्विस वाली एग्रीगेटर कंपनियों ओला, उबर, इनड्राइव और रैपिडो के लाइसेंस छह महीने के लिए निलंबित किए जा चुके हैं। अब इन कंपनियों के एप भी ब्लॉक किए जाएंगे। इसके लिए प्रशासन ने केंद्र सरकार से मदद मांगी गई है। 

भारत टैक्सी सेवा शुरू होने के बाद प्रशासन ने दूसरी एग्रीगेटर कंपनियों से सख्ती से निपटने का निर्णय लिया है। लाइसेंस निलंबित होने के बावजूद सेवाएं जारी रखने पर इन कंपनियों से जुड़े ड्राइवर के धड़ाधड़ चालान भी किए जा रहे हैं।

प्रशासन के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि निलंबित एप्स के माध्यम से कैब चलाने वाले वाहनों के चालान और इंपाउंडिंग की कार्रवाई से चालकों और यात्रियों को इन एप का इस्तेमाल करने से हतोत्साहित किया जा रहा है।

प्रशासन ने केंद्र सरकार के संबंधित मंत्रालय को पत्र लिखकर जीपीएस आधारित तकनीक के जरिए निलंबित कैब एग्रीगेटर एप्स को ब्लाॅक करने में हस्तक्षेप का आग्रह किया है। अधिकारी के अनुसार, जीपीएस आधारित ब्लाकिंग की व्यवस्था होने से निलंबित एग्रीगेटर के खिलाफ कार्रवाई को ज्यादा प्रभावी बनाया जा सकेगा।

सड़क पर चालान, एप पर नहीं रोक

प्रशासन ने पिछले दिनों कई कैब एग्रीगेटर कंपनियों के लाइसेंस निलंबित किए हैं। इसके बाद इन कंपनियों से जुड़ी कैब के खिलाफ सड़क पर कार्रवाई की जा रही है, लेकिन संबंधित एप मोबाइल फोन पर उपलब्ध रहने के कारण उसके जरिये बुकिंग और कैब संचालन की संभावना बनी हुई है।

प्रशासन अपने स्तर पर एप को बंद नहीं कर सकता। ऐसे में वाहन चालकों के खिलाफ कार्रवाई के साथ अब एप स्तर पर रोक लगाने के लिए केंद्र से तकनीकी मदद मांगी गई है। प्रशासन के अनुसार, भारत टैक्सी सेवा शुरू होते ही इसे अच्छा रिस्पाॅन्स मिल रहा है।

यात्रियों की जेब पर बढ़ा बोझ

शहर में प्रमुख कैब एग्रीगेटरों की सेवाओं पर पाबंदियों के बीच यात्रियों को अब अधिक किराया चुकाना पड़ रहा है। यात्रियों का कहना है कि पहले के मुकाबले कैब का किराया करीब 25 प्रतिशत तक बढ़ गया है। इससे रोजाना कैब से सफर करने वाले लोगों की जेब पर सीधा असर पड़ रहा है।

यात्रियों के अनुसार भारत टैक्सी का किराया भी अन्य कैब एग्रीगेटरों की तुलना में खास कम नहीं है। अब दूसरी एग्रीगेटर कंपनियां जिनके लाइसेंस निलंबित हैं उन्होंने ने भी किराया बढ़ा दिया है।

उदाहरण के तौर पर कैब एग्रीगेटर कंपनियों की ओर से पहले सेक्टर-9 से रेलवे स्टेशन के लिए किराया 160 वसूल किया जाता है, लेकिन रविवार को अलग अलग कंपनियों के एप पर देखा गया तो इसमे किराया 260 से 280 बताया जा रहा है।

एग्रीगेटर पाॅलिसी के तहत रेट तय

जारी अधिसूचना के अनुसार प्रशासन ने कैब, ऑटो और बाइक टैक्सी सेवाओं के शुरूवाती तीन किमी के न्यूनतम रेट तय कर दिए हैं।
नए रेट़स के अनुसार 5 (4+1) सीटर एसी एवं नाॅन एसी कैब टैक्सी का न्यूनतम किराया 90 रुपये चार्ज हाेगा।

उसके बाद 25 रुपये प्रति किमी चार्ज होगा। पहले एसी कैब का प्रति किमी किराया 18 रुपये तय था। अब 7(6+1) सीटर एसी और नाॅन एसी कैब टैक्सी का शुरूवाती तीन किमी का 100 रुपये चार्ज होगा जबकि उसके बाद का 28 रुपये प्रति किमी चार्ज किया जाएगा।

पहले इस टैक्सी का प्रति किमी का किराया 21 रुपये प्रति किमी था। ऐसे में अब शहरवासियों को पहले से ज्यादा का भुगतान करना पड़ेगा। पहले एसी और नाॅन एसी का किराया अलग अलग तय था लेकिन अब दोनो तरह की टैक्सी का न्यूनतम किराया एक ही तय कर दिया गया है।

इससे पहले प्रशासन की ओर से शुरूवाती तीन किमी का न्यूनतम दर तय नहीं किया था, इसलिए नई अधिसूचना के बाद अब पहले तीन किमी का न्यूनतम किराया अब लागू होगा। इसी तरह से ऑटो, ई-ऑटो और ई-रिक्शा का भी प्रति किमी के हिसाब से किराया तय कर दिया गया है।

अब इनका पहले तीन किमी का किराया 50 रुपये तक वसूल किया जाएगा। इसके बाद का 13 रुपये प्रति किमी के हिसाब से चार्ज यात्रियों से वसूल किया जाएगा। पहले 19 रुपये पहला किलोमीटर उसके बाद नौ रुपये प्रति किलोमीटर यात्रियों से चार्ज किया जाता था।