जागरण संवाददाता, चंडीगढ़। चंडीगढ़ नगर निगम चुनाव के लिए 19 दिसंबर को मतदान होगा। हालांकि इस तारीख की घोषणा चुनाव आयोग नवंबर के पहले सप्ताह में करेगा। नवंबर के अंतिम सप्ताह नामांकन की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी। जबकि कांग्रेस, भाजपा, आम आदमी पार्टी और शिरोमणि अकाली दल अपने उम्मीदवारों की घोषणा 25 नवंबर तक करेगा। सभी दलों ने चुनाव कमेटी का गठन कर दिया है। नगर निगम का वर्तमान कार्यकाल 31 दिसंबर को समाप्त होगा। एक जनवरी 2022 को नए मेयर के लिए मतदान होगा। मेयर चुनाव में पार्षद ही वोट डालेंगे। जिस दल के सबसे ज्यादा पार्षद होंगे उसी का ही मेयर बनेगा। बता दें कि इस बार भारतीय जनता पार्टी, कांग्रेस और आम आदमी पार्टी के बीच मुख्य मुकाबला है। इस समय नगर निगम के 35 वार्ड हैं। जबकि चुनाव आचार संहिता नवंबर के पहले सप्ताह में लग जाएगी। इसके बाद सभी विकास के काम रुक जाएंगे।

नौ मनोनीत पार्षदों की नियुक्त भी प्रशासन की ओर से मतदान के बाद की जाएगी। जबकि मतो की गिनती 25 दिसंबर से पहले होगी। इस समय भाजपा के 20 पार्षद हैं और भाजपा का दावा है कि वह इस बार इससे ज्यादा पार्षद जीताकर मेयर बनाएंगे। जबकि कांग्रेस के इस समय पांच पार्षद हैं। कांग्रेस प्रवक्ता सतीश कैंथ का दावा है कि उनके कम से कम 20 से 22 पार्षद चुनाव जीतेंगे। इस बार भाजपा के खिलाफ माहौल बना हुआ है।

ये स्टार प्रचारक प्रचार के लिए आएंगे चंडीगढ़

चुनाव के लिए उम्मीदवारों के नामांकन के बाद प्रचार जोरों पर शुरू हो जाएगा। हर दल ज्यादा से ज्यादा स्टार प्रचारक यहां पर लाना चाहता है। इसके लिए तीनों प्रमुख दल कांग्रेस, भाजपा और आम आदमी पार्टी ने स्टार प्रचारकों की सूची भी तैयार कर ली है। कांग्रेस से जहां नवजोत सिंह सिद्धू, पंजाब के मुख्यमंत्री चन्नी, पंजाब कांग्रेस के पूर्व प्रभारी हरीश रावत, राहुल गांधी, भूपेंद्र सिंह हुड्डा और कन्हैया कुमार भी प्रचार के लिए शहर आएंगे।। वहीं भाजपा की लिस्ट में हिमाचल के मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर, उत्तराखंड के सीएम धामी सहित पार्टी राष्ट्रीय अध्यक्ष जगत प्रकाश नड्डा, अमित शाह, अनुराग ठाकुर, हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर का नाम शामिल है। अकाली दल के उम्मीदवारों के लिए सुखबीर बादल प्रचार करेंगे। वहीं, आम आदमी पार्टी दिल्ली सीएम अरविंद केजरीवाल और पंजाब के सांसद भगवंत मान को बुलाकर रोड शो की योजना बना रही है।

गुटबाजी उभरेगी

टिकट की घोषणा के साथ साथ ही गुटबाजी भी सामने आएगी। कई नेता बागी होकर निर्दलीय तौर पर मैदान में उतरेंगे जिन्हें नेताओं द्वारा मनाया जाएगा। हर दल से यह बागी उम्मीदवार खड़े होंगे।

Edited By: Ankesh Thakur