विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

पांच साल-पांच मेयर... चंडीगढ़ निगम चुनाव में PM मोदी ही होंगे भाजपा का चेहरा, कांग्रेस रणनीति में जुटी

Published: Wed, 21 Oct 2026 07:00 AM (IST)

चंडीगढ़ नगर निगम चुनाव में भाजपा प्रधानमंत्री मोदी के चेहरे और केंद्र की योजनाओं के सहारे उतरेगी, स्थानीय मुद्दों से ...और पढ़ें

दिसंबर में प्रस्तावित निगम चुनाव को लेकर राजनीतिक गतिविधियां तेज। (सांकेतिक फोटो)

दिसंबर में प्रस्तावित निगम चुनाव को लेकर राजनीतिक गतिविधियां तेज। (सांकेतिक फोटो)

HighLights

  1. भाजपा चंडीगढ़ निगम चुनाव में पीएम मोदी के चेहरे पर लड़ेगी।

  2. केंद्र की योजनाओं और राष्ट्रीय मुद्दों को बनाएगी मुख्य आधार।

  3. इन चुनावों का असर पंजाब विधानसभा चुनाव पर भी दिखेगा।

बलवान करिवाल, चंडीगढ़। दिसंबर में प्रस्तावित नगर निगम चुनाव को लेकर राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। कांग्रेस जहां रणनीति बनाने और चुनावी घोषणा पत्र का तैयारी कर रही है। वहीं, भाजपा एक बार फिर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के चेहरे को आगे करके चुनाव लड़ेगी।

इस बार के चुनाव पुरानी परंपराओं से हट कर होगा। क्योंकि नीट परीक्षा को लेकर जेन-जी के प्रदर्शन और एसआइआर के बाद चंडीगढ़ में पहला निगम चुनाव होना है। कांग्रेस और आम आदमी पार्टी लगातार एसआईआर का विरोध कर रही है।

यूटी में होने वाले चुनाव भले ही निगम के हो लेकिन इसका असर पंजाब में भी देखने को मिलता है। पंजाब में जनवरी 2027 में विधान सभा का चुनाव होने है। चंडीगढ़ में पांच साल के कार्यकाल के दौरान भले ही शहर को पांच मेयर मिले हों लेकिन भाजपा चुनाव में प्रधानमंत्री के चेहरे को आगे रखेगी।

यही कारण है कि पार्टी स्थानीय मुद्दों से ज्यादा राष्ट्रीय स्तर पर हुए विकास कार्यों, केंद्र सरकार का योजनाओं और उनके लाभार्थियों के सहारे जनता के बीच जाने का तैयारी में है। भाजपा का रणनीति के पीछे स्थानीय स्तर पर पार्टी में रहे विवाद और गुटबाजी भी अहम वजह माने जा रहे है।

पिछले चुनाव में इन मतभेदों का असर पार्टी के प्रदर्शन पर पड़ा था। पार्षदों के बीच आपसी खींचतान और कुछ पार्षदों का प्रदेश अध्यक्ष के साथ मनमुटाव का स्थिति ने भी संगठन का एकजुटता पर सवाल खड़े किए थे।

अध्यक्ष जितेंद्र पाल मल्होत्रा तो ज्यादातर नए चेहरे को मौका देने के पक्ष में है। ऐसे में इस बार पार्टी चुनाव को स्थानीय नेताओं का लोकप्रियता के बजाय प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व और केंद्र सरकार के कामकाज से जोड़ना चाहती है। विकसित भारत 2047 के संकल्प भी केंद्र रहेगा।

संदेश दूर तक जाएगा

भाजपा मान रही है कि चंडीगढ़ नगर निगम से मिलने वाला संदेश दूर तक जाएगा। क्योंकि काकरोज जनता पार्टी और एसआइआर के बाद यह पहला चुनाव है। नीट-परीक्षा में हुई धांधली का विरोध चंडीगढ़ में भी हुआ था।

जबकि विरोधी पार्टियां एसआइआर का विरोध भी कर रही है। ऐसे में चंडीगढ़ चुनाव के परिणाम का असर पंजाब विधान सभा के अगले साल होने वाले चुनाव पर भी पड़ेगा।

घर-घर तक जनसंपर्क अभियान

पार्टी ने इसी दिशा में पिछले सप्ताह राज्य कार्यकारिणी का बैठक में पारित संकल्प को भी सामने रखा। इसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में 2001 से 2026 तक का राजनीतिक यात्रा, सुशासन और विकास कार्यों को प्रमुखता दी गई।

चंडीगढ़ में स्मार्ट सिटी मिशन के तहत इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर, डड्डूमाजरा में पुराने कचरे का निस्तारण, स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार और सार्वजनिक परिवहन जैसे कार्यों को भी उपलब्धियों के रूप में पेश किया गया।

भाजपा अब इन उपलब्धियों और केंद्र सरकार का कल्याणकारी योजनाओं को शहर के सभी 35 वार्डों और 22 ग्रामीण क्षेत्रों तक पहुंचाने के लिए जनसंपर्क अभियान चलाने का तैयारी में है।