जागरण संवाददाता, चंडीगढ़। नगर निगम की सदन की बैठक 15 अगस्त के बाद होगी। इस बैठक में कांग्रेस और आम आदमी पार्टी ने भाजपा को घेरने की रणनीति बनाई है। विपक्षी दल दक्षिणी सेक्टर में सफाई का काम करने वाली लायंस कंपनी के साथ निगम का अनुबंध खारिज करने का प्रस्ताव लेकर आ रहे हैं।

पिछले माह लायंस कंपनी के सफाई कर्मचारी ने खुदकुशी कर ली थी। सफाई कर्मी कंपनी की तरफ से दो महीने का वेतन न मिलने से परेशान था। कर्मचारी की आत्महत्या मामले में नगर निगम ने लायंस कंपनी को नोटिस भी जारी किया था। ऐसे में विपक्षी दल के पार्षद लायंस कंपनी के खिलाफ माहौल तैयार कर रहे हैं।

30 जुलाई को सदन की बैठक होनी थी, लेकिन उस दिन केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह शहर आए थे, जिस कारण बैठक को स्थगित किया गया था। ऐसे में अब सदन की बैठक 15 अगस्त के बाद बुलाई जा रही है। इस बैठक में आम आदमी पार्टी के पार्षद मनोनीत पार्षदों का मामला भी उठाने जा रहे हैं, क्योंकि प्रशासन की ओर से अभी तक मनोनीत पार्षदों की नियुक्ति नहीं की गई है।

आम आदमी पार्टी के अध्यक्ष प्रेम गर्ग का कहना है कि 7 माह गुजरने के बाद भी मनोनीत पार्षदों की नियुक्ति नहीं की गई। ऐसे में मनोनीत पार्षदों की जरूरत महसूस नहीं हो रही। मनोनीत पार्षदों को नियुक्त करने के बाद नगर निगम का वित्तीय बोझ ही बढ़ेगा। ऐसे में अब मनोनीत पार्षदों की नियुक्ति नहीं की जानी चाहिए। जबकि कांग्रेस अध्यक्ष हरमोहिंदर सिंह लक्की का कहना है कि पंजाब म्यूनिसिपल एक्ट के अनुसार मनोनीत पार्षदों की नियुक्ति होनी चाहिए। अभी तक नियुक्ति नहीं की गई ऐसे में सदन जो चल रहा है वह लीगल नहीं है।

सदन की बैठक में पार्षदों के गोवा स्टडी टूर का प्रस्ताव भी पास किया जाएगा। अधिकारियों ने पार्षदों के गोवा स्टडी टूर का प्रस्ताव तैयार किया है। जिस पर 16 लाख रुपए खर्च होंगे। 2 साल बाद पार्षद अब स्टडी टूर पर जा रहे हैं। प्रस्ताव के अनुसार स्वच्छ सर्वेक्षण के तहत किए जाने वाले कामों को स्टडी किया जाएगा। जबकि स्वच्छ सर्वेक्षण 2022 की रैंकिंग अगले महीने जारी होने वाली है। 

Edited By: Ankesh Thakur