जागरण संवाददाता, चंडीगढ़। नगर निगम में आज सदन की बैठक हो रही है। सेक्टर-17 स्थित नगर निमग कार्यालय में बैठक शुरू हो गई है। भाजपा मेयर सरबजीत कौर का कार्यकाल लगभग एक महीने का बचा है। यह मेयर के कार्यकाल की यह अंतिम दूसरी बैठक है। अंतिम बैठक अगले महीने होगी। आज बैठक में कई प्रस्ताव पास होने के लिए आ रहे हैं।

शहर में केबल आपरेटरों की तरफ शहर में लगाई गई केबल तार को लेकर सदन की बैठक में हंगामा शुरू हो गया है। आम आदमी पार्टी के पार्षदों ने केबल ऑपरेटर के समर्थन में कहा कि उन्हें केबल की तारे अंडरग्राउंड करने का समय दिया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि 2 दिन पहले हुई वित्त एवं अनुबंध कमेटी की बैठक में निर्णय लिया है कि अभी जो केबल के तार शहर में लटक रहे हैं उन्हें अभी जब्त न किया जाए। आपरेटरों को केबल के तार अंडरग्राउंड करने का समय दिया जाना चाहिए। बावजूद निमग कमिश्नर आनिंदिता मित्रा ने इस फैसले को नहीं माना।

बैठक में आम आदमी पार्टी के पार्षद दल के नेता योगेश ढींगरा ने कहा कि कमेटी के निर्णय पर अफसरशाही हावी है। उन्होंने कहा कि केबल के तार हटाने से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। भाजपा पार्षद कनवर जीत राणा ने भी कहा कि उनके एरिया में केबल और इंटरनेट के तार काटने से लोगों को परेशानी हो रही है। बच्चों की पढ़ाई का नुकसान हो रहा है।

निगम कमिश्नर मित्रा ने कहा कि उन्होंने किसी भी फैसले का उल्लंघन नहीं किया है। उन्होंने कहा कि फरवरी 2020 में सदन का निर्णय था कि शहर की सभी केबल और इंटरनेट के तार को अंडरग्राउंड किया जाए और उसी फैसले को उन्होंने लागू करवाया है। उन्होंने कहा है कि केबल एजेंसी पर कार्रवाई की जा रही है। तभी नगर निगम को रेवेन्यू आ रहा है। केबल ऑपरेटर तार डालने के लिए नगर निगम में आवेदन कर रहे हैं। इसी कारण नगर निगम को अब 6 से 8 करोड़ रुपये की कमाई हो रही है।

कांग्रेस पार्षद गुरप्रीत सिंह गोपी ने कहा कि बच्चों के पेपर चल रहे हैं। इसलिए अभी जो शहर में इंटरनेट और केबल की तार लटक रह हैं उन्हें नहीं हटाया जाना चाहिए। ऑपरेटर्स को केबल की तार अंडरग्राउंड करने का समय दिया जाना चाहिए।

कमिश्नर ने कहा कि अगर नगर निगम कार्रवाई नहीं करता है तो केवल ऑपरेटर की कंपनियों की ओर आवेदन नहीं किया जाता। उन्हें दुख है कि इस कार्रवाई के लिए आज सदन में उन्हें तानाशाह भी कहा गया, जबकि वह भी नहीं चाहती कि किसी बच्चे की पढ़ाई का नुकसान हो। कमिश्नर ने कहा कि उन्होंने ओवरहेड लटक रही तारों को हटाने का निर्णय नगर निगम और शहर की भलाई के लिए लिया है। अभी तक सिर्फ एक फास्टवे कंपनी में लिखित में अंडरग्राउंड लाइनें करने के लिए आवेदन मांगा है। कंपनियां एक बार पैसे जमा करवा कर आवेदन करें उसके बाद उन्हें लाइन अंडरग्राउंड करने का समय दिया जा सकता है।

Edited By: Ankesh Thakur

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