जागरण संवाददाता, चंडीगढ़। फेस्टिवज सीजन शुरू होने वाला है। ऐसे में हर बार की तरह इस बार भी बाजार भीड़ उमड़ने की उम्मीद है। व्यापारियों को इस फेस्टिवल में काफी कारोबार बढ़ने की उम्मीद है। ऐसे में बाजारों में जाम की स्थिति के साथ साथ पार्किंग की दिक्कत भी आएगी। लेकिन नगर निगम इस दिक्कत से लोगों को निजात दिलाने के लिए प्लान तैयार कर लिया है। निगम शहर की 21 मार्केट की पार्किंग एसोसिएशनों को सौंपने की तैयारी कर रहा है। इन पार्किंग्स को मार्केट एसोसिएशनें नो प्रोफिट नो लॉस पर चलाएगी।

इसके साथ ही इस बार भी पार्किंग की दिक्कत दूर करने के लिए जहां ट्रैफिक पुलिस अपनी जिम्मेदारी संभालेगी, वहीं शहर के कम्युनिटी सेंटर और सरकारी स्कूल की पार्किंग भी लोगों के वाहनों के लिए खोली जाएगी।  नगर निगम के अनुसार करवा चौथ और दिवाली पर बाजारों में काफी भीड़ होती है।ऐसे में लोगों को बाजारों की पार्किंग में वाहन पार्क करने की जगह नहीं मिलती। इसलिए नगर निगम ने बाजारों के पास जो कम्युनिटी सेंटर बने हुए हैं उनके गेट लोगों के वाहनों के लिए खोलने का निर्णय लिया है। नगर निगम के मेयर रविकांत शर्मा की इस संबंध में उनकी अधिकारियों से बात हो चुकी है। मालूम हो कि प्रशासन बाजारों के पास बने सरकारी स्कूलों के गेट भी हर साल दिवाली से पहले लोगों की पार्किंग के लिए खोल देते हैं।

ऐसे में शहरवासियों को काफी राहत मिल जाती है। बावजूद भी पार्किंग की काफी दिक्कत रहती है क्योंकि जो वेंडर्स होते हैं वह बाजारों की पार्किंग में फड़ी लगा देते हैं। फासवेक के चेयरमैन बलजिंदर सिंह बिट्टू का कहना है कि फेस्टिवल सीजन में पार्किंग में फड़ी लगाने की मंजूरी न दी जाए और न ही किसी को स्टाल लगाने की मंजूरी दी जाए। फेस्टिवल सीजन में बाजारों के बरामदे खाली रखे जाएं ताकि लोगों को पैदल चलने में कोई परेशानी का सामना ना करना पड़े।

व्यापार मंडल के महासचिव संजीव चड्ढा का कहना है कि पिछले दो साल से व्यापारियों का कारोबार नहीं है। व्यापारियों को इस फेस्टिवल सीजन से काफी उम्मीद है।ऐसे में प्रशासन को बाजारों में कारोबार बढ़ाने का माहौल बनाना चाहिए। बाजारों को ब्यूटीफाइ करने के साथ साथ लाइटिंग भी की जानी चाहिए।कांग्रेस के जिला महासचिव विक्रम कपूर का कहना है कि शहर में अब मेट्रो की जरूरत है।इस पर भी प्रशासन को तेजी से काम करना चाहिए।

Edited By: Ankesh Thakur