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    चंडीगढ़ में गारबेज कलेक्शन चार्जेस को लेकर बनेंगे नए नियम, दुकानदारों को कूड़े के हिसाब से करना होगा भुगतान

    By Ankesh ThakurEdited By:
    Updated: Tue, 24 May 2022 09:30 AM (IST)

    व्यापार मंडल के महासचिव संजीव चड्ढा का कहना है कि शहर में कई कामर्शियल इमारतें है जिनके यहां से मुश्किल से 100 ग्राम ही कचरा निकलता है। ऐसे में उनसे 500 रुपये कलेक्शन चार्जेस लेना सही नहीं है।

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    पूरे शहर में निगम की 399 गाड़ियां डोर टू डोर गारबेज इकट्ठा करती हैं।

    जागरण संवाददाता, चंडीगढ़। चंडीगढ़ नगर निगम ने गारबेज कलेक्शन चार्जेस में पांच फीसद का इजाफा किया है। वहीं, निगम ने अब बिजनेस की अलग-अलग कैटगरी के लिए अलग-अलग गारबेज कलेक्शन रेट तय करने का फैसला लिया है, जबकि इस समय हर तरह के बिजनेस ट्रेड पर 500 रुपये का फ्लैट रेट चार्ज किया जाता है। बिजनेस ट्रेड में जनरल, होटल रेस्टोरेंट और सैलून अलग-अलग कैटेगरी है, जिनकी प्रापर्टी साइज भी अलग-अलग है। ऐसे में अब अलग-अलग साइज के बिजनेस प्वांइट से अलग-अलग गारबेज कलेक्शन चार्जेस लिया जाएगा। यह प्रस्ताव इस माह होने वाली सदन की बैठक में लाया जाएगा।

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    व्यापार मंडल ने इस संबंध में कमिश्नर को ज्ञापन सौंपा था। व्यापार मंडल के महासचिव संजीव चड्ढा का कहना है कि शहर में कई कामर्शियल इमारतें है जिनके यहां से मुश्किल से 100 ग्राम ही कचरा निकलता है। ऐसे में उनसे 500 रुपये कलेक्शन चार्जेस लेना सही नहीं है। दुकानों से निकलने वाले कचरे के अनुसार रेट तय होने चाहिए।नगर निगम इस तरह से कैटेगरी तय करेगा, जिनका कचरा ज्यादा निकलता है उनसे ज्यादा चार्जेस और जिनका कचरा कम निकलता है उनके चार्जेस कम होंगे।

    नगर निगम कामर्शियल ट्रेड को तीन अलग-अलग कैटेगरी में डिवाइड करेगा। जिनका प्रापर्टी साइज के हिसाब से प्रस्ताव बनाया जा रहा है। यहां से निकलने वाले सूखा और गीला कचरे के हिसाब से रेट तय किया जाएगा। नगर निगम कमिश्नर आनिंदिता मित्रा का कहना है कि जो दुकानें खाने पीने की नहीं हैं वहां पर गीला कचरा न के बराबर निकलता है। जबकि खाने पीने और फास्ट फूड और  रेस्टोरेंट की दुकानों पर गीला कचरा ज्यादा निकलता है। ऐसे में गारबेज कलेक्शन चार्जेस भी अलग अलग ट्रेड के हिसाब से होने चाहिए। इसी तरह से सैलून में ज्यादा गीला कचरा निकलता है ऐसे में उनका रेट भी अलग होना चाहिए। सदन में यह प्रस्ताव पास होने के बाद कैटेगरी के हिसाब से रेट लागू होंगे। एक अप्रैल से शहर में डोर टू डोर गारबेज कलेक्शन चार्जेस बढ़ गए हैं। शहर में गीला और सूखा कचरा डोर टू डोर इकट्ठा करने के लिए नगर निगम 399 गाड़ियां चल रही हैं।   

    साल 2019 में जारी हुई थी अधिसूचना

    नगर निगम ने गारबेज कलेक्शन चार्जेस की अधिसूचना साल 2019 में 18 मार्च को जारी की थी। ऐसे में अब हर कैटेगरी के गारबेज कलेक्शन चार्जेस बढ़ गए हैं। नगर निगम की ओर से रेजिडेंशियल एरिया में किचन की संख्या के आधार पर कलेक्शन चार्जेस लिए जा रहे हैं। शहर में डेढ़ लाख इमारतें हैं जिनसे गारबेज कलेक्शन चार्जेस वसूल किया जाता है। अब यह नियम है कि अगर कोई अपने घर का कचरा नगर निगम के कर्मचारी को नहीं भी देता है तो भी उसे गारबेज कलेक्शन के चार्ज का भुगतान करना होगा।