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कितने वर्ष का होना चाहिए मेयर का कार्यकाल? चंडीगढ़ में 19 राज्यों से 40 मेयर की मौजूदगी में होगा मंथन

Published: Sun, 04 Oct 2026 08:06 PM (IST)

चंडीगढ़ में ऑल इंडिया मेयर्स काउंसिल की बैठक में 19 राज्यों के 40 मेयर मेयर हिस्सा लेंगे। बैठक में मेयर ...और पढ़ें

मेयर सौरभ जोशी ने यूटी स्टेट गेस्ट हाउस में प्रेस काॅन्फ्रेंस में सम्मेलन की जानकारी दी।

मेयर सौरभ जोशी ने यूटी स्टेट गेस्ट हाउस में प्रेस काॅन्फ्रेंस में सम्मेलन की जानकारी दी।

HighLights

  1. मेयर कार्यकाल में एकरूपता लाने पर होगा मंथन।

  2. शहरी निकायों को अधिक वित्तीय और प्रशासनिक अधिकार देने पर जोर।

  3. नौ केंद्र शासित प्रदेशों के लिए अलग मंच बनाने का प्रस्ताव।

मेयर कार्यकाल में एकरूपता, नौ यूटी के लिए अलग प्लेटफार्म पर मंथन
चंडीगढ़ सम्मेलन की कर रहा मेजबानी
आल इंडिया मेयर्स काउंसिल में 19 राज्यों के 40 मेयर जुटेंगे
अभी चंडीगढ़ में एक तो गुजरात, हरियाणा जैसे राज्यों में पांच वर्ष मेयर कार्यकाल

बलवान करिवाल, चंडीगढ़। चंडीगढ़ में सोमवार और मंगलवार को होने वाली ऑल इंडिया मेयर्स काउंसिल की 118वीं नेशनल एग्जीक्यूटिव मीटिंग में देश के 19 राज्यों से करीब 40 मेयर जुटेंगे। यूटी प्रशासक गुलाब चंद कटारिया सम्मेलन का उद्घाटन करेंगे।

बैठक में मेयर के कार्यकाल समेत शहरी निकायों को अधिक वित्तीय और प्रशासनिक अधिकार देने, ग्रांट में आबादी के साथ क्षेत्रफल को भी आधार बनाने के साथ देश के नौ केंद्र शासित प्रदेशों के नगर निकायों के लिए अलग प्लेटफार्म बनाने के प्रस्ताव पर मंथन होगा।

यूटी के नगर निकायों की अलग जरूरतों और समस्याओं को साझा मंच पर उठाने के लिए यह प्लेटफार्म तैयार करने की बात सामने आई है। यूटी में प्रशासन का हस्तक्षेप अधिक रहता है जबकि राज्यों में राजनीतिक प्रभाव रहने से मेयर के पास ज्यादा अधिकार रहते हैं। कार्यकाल में एकरूपता लाने का भी प्रस्ताव है।

अभी चंडीगढ़ जैसे शहर में एक वर्ष और गुजरात सहित कई राज्यों में मेयर का कार्यकाल पांच वर्ष होता है। चंडीगढ़ के मेयर सौरभ जोशी ने रविवार को यूटी स्टेट गेस्ट हाउस में प्रेस काॅन्फ्रेंस में सम्मेलन की जानकारी दी। उनके साथ आल इंडिया मेयर्स काउंसिल के राष्ट्रीय सचिव मनोज कुमार मौजूद रहे।

मेयर कार्यकाल एकरूपता के लिए माॅडल एक्ट पर मंथन

मेयर सौरभ जोशी ने बताया कि अलग-अलग राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में मेयर का कार्यकाल भी अलग-अलग रहता है। केंद्र सरकार ने राज्यों और यूटी से मॉडल एक्ट पर सुझाव मांगे हैं।

केंद्र सरकार भी यह मानती है कि मेयर का एक वर्ष कार्यकाल काफी कम है और पांच वर्ष अधिक है। कोई बीच का कार्यकाल जो सभी के लिए एक जैसा हो उस पर मंथन होगा। यूटी प्रशासक गुलाब चंद कटारिया पहले ही चंडीगढ़ मेयर का कार्यकाल बढ़ाए जाने के लिए प्रस्ताव केंद्र सरकार को भेज चुके हैं। ढाई वर्ष करने का प्रस्ताव भेजा गया है।

इन राज्यों से पहुंचे हैं मेयर

मेयर ने बताया कि सिक्किम, केरल, तमिलनाडु, असम, महाराष्ट्र, छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, बिहार, हरियाणा, चंडीगढ़, पंजाब, हिमाचल प्रदेश, दिल्ली और गुजरात सहित विभिन्न राज्यों से मेयरों के आने की पुष्टि हुई है। नार्थ ईस्ट, दक्षिण, पश्चिम और मध्य भारत से भी प्रतिनिधित्व रहेगा।

आबादी के साथ क्षेत्रफल को भी मिले महत्व

सौरभ जोशी ने कहा कि कई नगर निगमों का क्षेत्रफल काफी अधिक है, लेकिन आबादी कम होने के कारण उन्हें आबादी के आधार पर अपेक्षाकृत कम फंड मिल पाता है। जबकि बड़े क्षेत्र में सड़क, सफाई, पानी और अन्य नागरिक सुविधाओं पर खर्च अधिक होता है। ऐसे नगर निगमों के लिए फंडिंग तय करते समय क्षेत्रफल को भी महत्वपूर्ण आधार बनाने की जरूरत है।

यह मुद्दा राष्ट्रीय स्तर पर उठाया जाएगा। उन्होंने कहा कि ऑल इंडिया मेयर्स काउंसिल केंद्र सरकार और नगर निगमों के बीच संपर्क का महत्वपूर्ण माध्यम है। नगर निगमों को अधिक वित्तीय और प्रशासनिक अधिकार देकर उन्हें मजबूत और आत्मनिर्भर बनाने पर भी चर्चा होगी।

सशक्त नगर-विकसित भारत थीम पर सम्मेलन

दो दिवसीय सम्मेलन का थीम सशक्त नगर-विकसित भारत रखा गया है। इसमें शहरी स्थानीय निकायों को मजबूत करने, निर्वाचित प्रतिनिधियों और अधिकारियों के बीच बेहतर समन्वय, नागरिक भागीदारी और स्वच्छ, हरित, स्मार्ट व आत्मनिर्भर शहरों के विकास पर चर्चा होगी। चंडीगढ़ अपने नियोजित शहरी विकास, स्वच्छता, हरित क्षेत्रों, जल प्रबंधन और डिजिटल गवर्नेंस से जुड़ी व्यवस्थाएं भी साझा करेगा।

मेयर्स के लिए हनुमान अंश मूवी का स्पेशल शो

विभिन्न शहरों से पहुंचे मेयर्स को चंडीगढ़ में हनुमान अंश फिल्म दिखाई जाएगी। एलांते माल में यह शो होगा। मेयर सम्मेलन के लिए फायर फाइटिंग स्टाफ और निगम के कई अन्य विभागों में छुट्टियां भी रद की गई हैं।