विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

पुजारियों के बजाय भक्त खुद करेंगे कान्हा का अभिषेक, चंडीगढ़ में जन्माष्टमी पर पहली बार हाेगी ऐसी व्यवस्था

Published: Fri, 28 Aug 2026 07:00 PM (IST)

चंडीगढ़ में जन्माष्टमी पर भक्त पहली बार स्वयं कान्हा का अभिषेक कर सकेंगे, जिसके लिए वृंदावन से 30 हजार करवे ...और पढ़ें

सेक्टर-20 स्थित श्री चैतन्य गौड़ीय मठ मंदिर में जन्माष्टमी उत्सव में श्रद्धालुओं की सीधी भागीदारी बढ़ेगी।

सेक्टर-20 स्थित श्री चैतन्य गौड़ीय मठ मंदिर में जन्माष्टमी उत्सव में श्रद्धालुओं की सीधी भागीदारी बढ़ेगी।

HighLights

  1. चार सितंबर को मनाई जाने वाली जन्माष्टमी की तैयारियां तेज।

  2. गौड़ीय मठ में वृंदावन झांकियों संग बाबा बर्फानी के दर्शन।

  3. द्रौपदी चीरहरण का हाईटेक लाइट एंड साउंड शो होगा।

जागरण संवाददाता, चंडीगढ़। श्रीकृष्ण जन्माष्टमी को लेकर शहर के मंदिरों और धार्मिक स्थलों पर तैयारियां हो रही हैं। सेक्टर-20 स्थित श्री चैतन्य गौड़ीय मठ मंदिर में इस बार भक्तों को भगवान श्रीकृष्ण का स्वयं अभिषेक करने का अवसर भी मिलेगा।

मंदिर प्रबंधन के अनुसार इसके लिए वृंदावन से करीब 30 हजार करवे विशेष रूप से मंगवाए गए हैं। पहली बार पुजारियों के बजाय भक्त खुद कान्हा का अभिषेक कर सकेंगे। इससे जन्माष्टमी उत्सव में श्रद्धालुओं की सीधी भागीदारी बढ़ेगी।

चार सितंबर को मनाई जाने वाली जन्माष्टमी पर इस बार भक्तों को भगवान श्रीकृष्ण की लीलाओं के साथ धार्मिक और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों का विशेष अनुभव मिलेगा। सेक्टर-20 स्थित गौड़ीय मठ मंदिर में वृंदावन की झांकियों के साथ बाबा बर्फानी के दर्शन की भी व्यवस्था की जा रही है।

मंदिर परिसर में फाइबर से बाबा बर्फानी की विशेष झांकी तैयार की जा रही है। अमरनाथ यात्रा का रक्षाबंधन पर समापन होने के बाद शहर में ही बाबा बर्फानी के दर्शन का अवसर भक्तों को मिलेगा। जन्माष्टमी के लिए गौड़ीय मठ मंदिर में वृंदावन की तर्ज पर विशेष सजावट और झांकियां तैयार की जा रही हैं।

इसके साथ ही भगवान श्रीकृष्ण की लीलाओं को आधुनिक तकनीक के माध्यम से प्रस्तुत करने की तैयारी है। मंदिर प्रबंधन की ओर से इस बार लाइट एंड साउंड शो के साथ आफलाइन मंचन का मिश्रण किया गया है।

हाईटेक अंदाज में दिखेगा द्रौपदी चीरहरण

मंदिर में द्रौपदी चीरहरण का दृश्य भी विशेष आकर्षण रहेगा। इसमें द्रौपदी और साड़ी तथा भगवान श्रीकृष्ण की लीला को हाईटेक शो के माध्यम से प्रदर्शित किया जाएगा, जबकि दुर्योधन की भूमिका कलाकार आफलाइन निभाएगा। इसके माध्यम से श्रद्धालुओं को श्रीकृष्ण की लीला का जीवंत अनुभव कराने का प्रयास किया जाएगा।

ढाई घंटे में श्रीकृष्ण जन्म से कंस वध तक की लीला

सेक्टर-32 स्थित सनातन धर्म मंदिर में भी जन्माष्टमी पर विशेष कार्यक्रम होगा। शाम सात बजे से करीब ढाई घंटे के शो में भगवान श्रीकृष्ण के जन्म से पहले मां देवकी के विवाह, कारावास, श्रीकृष्ण जन्म और उनकी विभिन्न लीलाओं का मंचन किया जाएगा।

कार्यक्रम का समापन कंस वध के साथ होगा। वहीं, सेक्टर-45 स्थित गौशाला में जन्माष्टमी के अवसर पर भजन गायिका तेजस्वनी शर्मा भगवान श्रीकृष्ण के भजनों की प्रस्तुति देंगी। शहर के विभिन्न मंदिरों और धार्मिक संस्थानों में भी जन्माष्टमी को लेकर सजावट, झांकियों और सांस्कृतिक कार्यक्रमों की तैयारियां चल रही हैं।