जागरण संवाददाता, चंडीगढ़। चंडीगढ़ हाउसिंग बोर्ड के शहर में करीब 20 हजार से ज्यादा सरकारी मकान हैं। स्माल फ्लैट के अलाटी और कोअलाटी की मौत हो गई है तो इस फ्लैट के आगे ट्रांसफर का रास्ता साफ हो गया है। फाइनेंस डिपार्टमेंट की एस्टेट ब्रांच ने इसके लिए मंजूरी दे दी है। यहां आपको बताया चाहते हैं कि आखिर इस स्थिति में कैसे आपका फ्लैट आगे ट्रांसफर होगा। यह फ्लैट के असली लाइसेंसी आगे कौन होंगे इसको लेकर इस खबर में स्थिति पूरी स्पष्ट हो जाएगी।

स्माल फ्लैट स्कीम-2006 में चंडीगढ़ हाउसिंग बोर्ड ने जो फ्लैट आवंटित किए थे। इनका लाइसेंस ट्रांसफर तभी होगा जब अलाटी और कोअलाटी की मौत हो चुकी होगी। फाइनेंस डिपार्टमेंट एस्टेट ब्रांच-2 के दिशानिर्देशों पर यह ट्रांसफर होगी। इसके लिए नियम व शर्ताें का पालन करना जरूरी होगा।

नियम व शर्तों के मुताबिक फ्लैट ट्रांसफर करवाने के लिए आवेदन पत्र के सभी पेज और दस्तावेजों को हस्ताक्षर और तिथि के साथ इसे जमा कराना होगा। एप्लीकेंट और कोएप्लीकेंट का मृत्यु प्रमाण की ओरिजनल कापी जमा होगी। अगर संबंधित अथारिटी के रिकार्ड में मृत्यु प्रमाण पत्र उपलब्ध नहीं है तो दो शपथ पत्र दावा करने वाले को देने होंगे। यह शपथ पत्र मृत्यु संबंधी सभी तथ्यों को बताने वाले होंगे। पहचान पत्र और फोटो भी इसके साथ लगानी होगी।

सीएचबी लाइसेंस अलाटी के बच्चों के नाम ट्रांसफर करेगा जो वर्तमान में उस मकान में रह रहे होंगे। नियमित पते का प्रूफ भी साथ देना होगा। स्माल फ्लैट किसी भी तरह के कानूनी मामले में न हो, बिल्डिंग वायलेशन नहीं होनी चाहिए, मेंटेनेंस संबंधी मामलों को देखने के बाद यह हो सकेगी। सभी तरह के बकाया क्लीयर होने चाहिए। सीएचबी के रिसेप्शन काउंटर पर 200 रुपये प्रोसेसिंग फीस और जीएसटी जमा कराना होगा। इसके अलावा प्रकाशन के चार्ज दस हजार रुपये और जीएसटी अलग से जमा कराना होगा। इसके बाद कोई भी इन नियम व शर्तों के आधार पर लाइसेंस ट्रांसफर हो सकेगा।

Edited By: Ankesh Thakur