चंडीगढ़ का हेरिटेज फर्नीचर शिकागो में नीलाम, छह विरासती वस्तुओं 83.07 लाख रुपये लगी बोली
शिकागो स्थित राइट आक्शन हाउस में चंडीगढ़ की छह विरासत वस्तुएं 83.07 लाख रुपये में नीलाम हुईं, जिससे भारत में चिंता बढ़ गई है।

चंडीगढ़ के हेरिटेज फर्नीचर को विदेशों में पहुंचा रहा। (सांकेतिक फोटो)
HighLights
शिकागो में चंडीगढ़ की छह विरासत वस्तुएं नीलाम हुईं।
नीलामी से कुल 83.07 लाख रुपये की राशि मिली।
अधिवक्ता जग्गा ने वस्तुओं की वापसी की मांग की।
जागरण संवाददाता, चंडीगढ़। चंडीगढ़ के हेरिटेज फर्नीचर को विदेशों में नीलाम किए जाने का मामला गंभीर हो गया है। शिकागो स्थित राइट आक्शन हाउस में हुई नीलामी में चंडीगढ़ और पंजाब से संबंधित आठ विरासत वस्तुओं में से छह नीलाम हो गईं।
इनसे कुल 87,040 डाॅलर यानी करीब 83.07 लाख रुपये मिले। इनका अनुमानित मूल्य 42.95 से 55.35 लाख रुपये था। विरासत संरक्षण से जुड़े अधिवक्ता व एचआईपीसी सदस्य अजय जग्गा ने 14 अगस्त को प्रशासक गुलाब चंद कटारिया को पत्र भेजकर तत्काल हस्तक्षेप की मांग की।
उन्होंने कहा कि अगर नीलाम वस्तुओं की डिलीवरी और अमेरिका से शिपमेंट अभी नहीं हुआ है तो उसे रुकवाकर विरासत को भारत वापस लाने की कार्रवाई की जानी चाहिए।
नीलाम वस्तुओं में एडमिनिस्ट्रेटिव बिल्डिंग का फाइल रैक 9,600 डाॅलर, जीसीजी की डेस्क-चेयर 10,880 डाॅलर, पंजाब यूनिवर्सिटी की आठ डाइनिंग चेयर 23,040 डाॅलर, पीएसईबी की दो कुर्सियां 11,520 डाॅलर, एमएलए हाॅस्टल की लिनेन चेस्ट 16,640 डालर और डीपीआई की डेस्क-चेयर 15,360 डालर में बिकीं।
दो वस्तुएं नीलाम नहीं हुईं। इनमें पंजाब यूनिवर्सिटी की राइटिंग चेयर और पीजीआईएमईआर की डे बेड शामिल हैं। जग्गा ने दोनों को सुरक्षित रखने तथा छह नीलाम वस्तुओं की डिलीवरी रोककर उनके स्वामित्व व प्रोवेनेंस की जांच कराने की मांग की है। उन्होंने पिछली सफल कार्रवाइयों की तर्ज पर कूटनीतिक और कानूनी प्रयासों से इन्हें भारत वापस लाने की मांग की।
