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फिर विदेश में नीलाम हुआ चंडीगढ़ का हेरिटेज फर्नीचर, फ्रांस में कुर्सी, डेस्क और सोफे की लगी बोली; FIR करने की मांग

Published: Tue, 27 Oct 2026 12:03 PM (IST)

फ्रांस में चंडीगढ़ के विरासत फर्नीचर की नीलामी हुई। 25 अक्टूबर को सात लाॅट 1.68 करोड़ रुपये में बिके। हेरिटेज ...और पढ़ें

चंडीगढ़ का हेरिटेज फर्नीचर फ्रांस में हुआ नीलाम। (सांकेतिक फोटो)

चंडीगढ़ का हेरिटेज फर्नीचर फ्रांस में हुआ नीलाम। (सांकेतिक फोटो)

HighLights

  1. 25 अक्टूबर को हुई नीलामी में 9 चिह्नित लाॅट पहुंचे।

  2. नीलामी में सात लाॅट 1.68 करोड़ रुपये में बिके।

  3. अजय जग्गा ने एफआईआर दर्ज करने की मांग की।

जागरण संवाददाता, चंडीगढ़। चंडीगढ़ की ऐतिहासिक विरासत से जुड़े फर्नीचर की विदेशों में नीलामी का सिलसिला जारी है। फ्रांस के चैंटिली में 25 अक्टूबर को हुई नीलामी में प्रसिद्ध डिजाइनर पियरे जेनरे से जुड़े 9 चिह्नित लाॅट में से सात बिक गए, जबकि दो बिना बिके रहे।

सात लाॅट की कुल हैमर प्राइस करीब 1.58 लाख यूरो यानी लगभग 1.68 करोड़ रुपये बताई गई। नीलामी की जानकारी प्रशासन को पहले से थी, फिर भी वह इसे रोक नहीं पाया।

हेरिटेज आइटम्स की सुरक्षा और वापसी के लिए एडवोकेट तथा हेरिटेज प्रोटेक्शन सेल के सदस्य अजय जग्गा ने चंडीगढ़ के प्रशासक गुलाब चंद कटारिया, मुख्य सचिव, केंद्रीय संस्कृति मंत्रालय, विदेश मंत्रालय और प्रशासन के संस्कृति विभाग को पत्र लिखकर तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है।

उन्होंने कहा कि यदि एफआईआर दर्ज नहीं हुई है तो इसे तत्काल दर्ज किया जाए। साथ ही, नीलामी संस्था से संपर्क कर बिके फर्नीचर की डिलीवरी और विदेश भेजने की प्रक्रिया रोकने तथा दो बिना बिके लाॅट को फिर नीलामी में आने से बचाने का प्रयास किया जाए।

नीलामी के परिणामों के अनुसार, पियरे जेनरे के डिजाइन से जुड़ा विशेष प्रशासनिक डेस्क (लाॅट नंबर 283) 40,000 यूरो में बिका। इसकी अनुमानित कीमत 20,000 से 25,000 यूरो थी।

दो ऑफिस केन चेयर 5,800 यूरो, विशाल फाइलिंग कैबिनेट 30,000 यूरो, काला टीकवुड सोफा 20,000 यूरो और दो आर्मचेयर 20,000 यूरो में बिके। लाॅट नंबर 245 और 279 ‘पाॅस्ड’ यानी बिना बिके दर्ज हुए। जग्गा ने इन्हें तत्काल सुरक्षित करने की मांग की है।

जग्गा के अनुसार, प्रशासन के संस्कृति विभाग ने एफआईआर की प्रक्रिया शुरू की थी, लेकिन नीलामी से पहले मामला दर्ज नहीं हो सका। उन्होंने कहा कि 10 अक्टूबर की नीलामी में भी ऐसी स्थिति बनी थी। पत्र में एफआईआर दर्ज होने की मौजूदा स्थिति की पुष्टि नहीं है।

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रिकॉर्ड सुरक्षित रखने की मांग

जग्गा ने नीलामी संस्था से खरीदारों-विक्रेताओं का ब्योरा, वस्तुओं की लोकेशन, प्रोवेनेंस दस्तावेज, तस्वीरें, बोली और भुगतान के रिकॉर्ड सुरक्षित रखने की मांग की।

यदि फर्नीचर की डिलीवरी नहीं हुई है तो उसे रोकने और सौंपे जाने पर कानूनी व कूटनीतिक विकल्प तलाशने की अपील की गई है। जग्गा ने कहा कि पियरे जेनरे का फर्नीचर चंडीगढ़ की वास्तुकला और ऐतिहासिक विकास की महत्वपूर्ण धरोहर है।