जागरण संवाददाता, चंडीगढ़। स्वास्थ्य सचिव यशपाल गर्ग ने रविवार को कोविड हेल्थ कंट्रोल रूम शुरू होने के कुछ घंटों बाद ही अपने घर से वीडियो काल की। वीडियो काल पर स्वास्थ्य सचिव ने ड्यूटी पर मौजूद डाक्टर और नर्सिंग स्टाफ से यह जानकारी ली कि सुबह से उन्होंने होम आइसोलेशन में कितने संक्रमित मरीजों को वीडियो काल करके उनका हालचाल जाना है। उन्होंने स्टाफ से जाना वह किस प्रकार से मरीजों की मदद कर रहे हैं और उन्हें कंट्रोल रूम के हेल्पलाइन नंबर पर लोगों की किस प्रकार की सहायता के लिए काल आ रहे हैं। 10 से 15 मिनट की वीडियो कॉल पर कोविड कंट्रोल रूम की हर जानकारी लेने के बाद स्वास्थ्य सचिव ने अस्पताल के स्टाफ को निर्देश दिए कि संक्रमित मरीजों की हर संभवत मदद की जाए।

बता दें प्रशासन की ओर से बढ़ते संक्रमित मामलों को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने बीते रोज कोविड हेल्थ कंट्रोल रूम शुरू किया था। यह कंट्रोल रूम 24 घंटे काम करेगा। स्वास्थ्य सचिव यशपाल गर्ग ने बताया कि गवर्नमेंट मल्टी स्पेशिएलिटी हॉस्पिटल (जीएमएसएच-16) में कंट्रोल रूम बनाया गया है। कंट्रोल रूम में 24 घंटे सीनियर डॉक्टर, इंटर्न और हेल्थ स्टाफ मौजूद रहेगा। जोकि लोगों की हर संभव मदद करेगा। कोरोना से जुड़ी जानकारी व समस्या, टीकाकरण, मेडिकल ऑक्सीजन, होम आइसोलेशन, एम्बुलेंस से लेकर अन्य संक्रमित मरीजों को किसी भी प्रकार की स्वास्थ्य संबंधित समस्या आती है, तो लोग इस कंट्रोल रूम के हेल्पलाइन नंबर पर संपर्क कर सकते हैं।

कंट्रोल रूम का हेल्पलाइन नंबर-1075

जीएमएसएच-16 अस्पताल में जो कोविड हेल्थ कंट्रोल रूम शुरू किया है, उसका हेल्पलाइन नंबर-1075 है। कोई भी व्यक्ति कोरोना से जुड़ी समस्या या जानकारी के लिए इस हेल्पलाइन नंबर पर संपर्क कर सकता है। इस हेल्पलाइन नंबर की अब छह पैरलल लाइन शुरू कर दी है। जोकि पूरे शहर में संचालित की जाएगी। कंट्रोल रूम में जिस स्टाफ की ड्यूटी रहेगी, उसका काम रहेगा कि अगर कोई भी व्यक्ति इस हेल्पलाइन नंबर पर कॉल करता है, तो सबसे पहले उसका नाम, पता, मोबाइल नंबर नोट किया जाएगा। उसकी समस्या को जानने के बाद फौरन हेल्थ स्टाफ को उसके निवारण के लिए भेजा जाएगा।

पहले दिन होम आइसोलेशन में 40 संक्रमित मरीजों का जाना हालचाल

पहले दिन रविवार को होम आइसोलेशन में 40 संक्रमित मरीजों को कंट्रोल रूम से संपर्क किया गया। बता दें इस समय 98 फीसद संक्रमित मरीजों को होम आइसोलेशन में रखा गया है। ऐसे में कंट्रोल रूम की यह जिम्मेदारी तय की गई है कि होम आइसोलेशन में जो मरीज हैं, उनसे संपर्क कर स्वास्थ्य संबंधित जानकारी ली जाती रहे। ताकि होम आइसोलेशन में संक्रमित मरीज को किसी इलाज या स्वास्थ्य सेवा की जरूरत पड़ती है, ताे रैपिड रिस्पांस टीम को निर्देश देकर मरीज की मदद की जा सके।

Edited By: Pankaj Dwivedi