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चंडीगढ़ में पंजाब भाजपा के ऑफिस पर ग्रेनेड अटैक मामले में पांच आरोपित गिरफ्तार, पाकिस्तान ने रची थी साजिश

Published: Sat, 04 Apr 2026 06:13 PM (IST)

पंजाब पुलिस की काउंटर इंटेलिजेंस विंग ने चंडीगढ़ पुलिस के साथ मिलकर हैंड ग्रेनेड अटैक में बड़ी कार्रवाई की है। ...और पढ़ें

पंजाब पुलिस की काउंटर इंटेलिजेंस विंग और चंडीगढ़ पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में पकड़े गए आरोपित।

पंजाब पुलिस की काउंटर इंटेलिजेंस विंग और चंडीगढ़ पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में पकड़े गए आरोपित।

HighLights

  1. दो मुख्य आरोपित अभी फरार, छापेमारी जारी।

  2. आईएसआई का समर्थन और विदेशी हैंडलर्स की पहचान।

  3. पुलिस ने एक हैंड ग्रेनेड सहित कारतूस बरामद किए

जागरण संवाददाता, चंडीगढ़। सेक्टर-37 स्थित पंजाब भाजपा कार्यालय पर हुए हैंड ग्रेनेड हमले में पांच आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया गया है और दो आरोपित अभी फरार हैं। यह हमला जर्मनी और पुर्तगाल में बैठे हैंडलर्स के इशारे पर किया गया, जिनकी पहचान कर ली गई है। वहीं, आईएसआई का कनेक्शन भी सामने आया है।

इस मामले में चंडीगढ़ पुलिस और पंजाब पुलिस की काउंटर इंटेलिजेंस विंग ने संयुक्त कार्रवाई की है। पकड़े गए आरोपितों की पहचान नवांशहर के गांव माजरी निवासी बलविंदर लाल उर्फ शामी, गांव भरापुर का जसवीर सिंह उर्फ जस्सी, गांव सुजावलपुर का चरणजीत सिंह उर्फ चन्नी, गांव थाना का रूबल चौहान और संगरूर के धूरी का मनदीप उर्फ अभिजोत शर्मा के रूप में हुई है।

इनसे एक हैंड ग्रेनेड और 15 कारतूस बरामद हुए हैं। अब मुख्य आरोपित गुरतेज सिंह और अमनप्रीत सिंह की गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर छापेमारी की जा रही है। प्रारंभिक जांच में यह स्पष्ट हुआ है कि यह हमला किसी एक व्यक्ति का नहीं बल्कि एक संगठित मॉड्यूल का परिणाम था।

यह मॉड्यूल पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई के समर्थन से संचालित हो रहा था। जांच एजेंसियों के मुताबिक, इस नेटवर्क का संचालन विदेशों में बैठे हैंडलर्स द्वारा किया जा रहा था, जो पुर्तगाल और जर्मनी से निर्देश दे रहे थे।

जांच में सामने आया है कि आरोपियों ने ‘कटआउट’ और सब-मॉड्यूल की रणनीति अपनाई, जिससे मुख्य साजिशकर्ताओं तक सीधे पहुंचना कठिन हो सके। इस तरह की संरचना में प्रत्येक सदस्य को सीमित जानकारी दी जाती है, ताकि पकड़े जाने पर पूरे नेटवर्क का खुलासा न हो सके।

हथियारों की सप्लाई चेन का खुलासा

पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि हमले के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले हथियार और गोला-बारूद एक सुव्यवस्थित सप्लाई चेन के माध्यम से आरोपियों तक पहुंचाए गए। एक स्थान से दूसरे स्थान तक कई ऑपरेटिव्स के जरिए यह खेप पहुंचाई गई, जिससे सुरक्षा एजेंसियों की नजर से बचा जा सके।

सूत्रों के अनुसार, पुर्तगाल में बैठे हैंडलर बलजोत सिंह उर्फ जोत के निर्देश पर इस पूरी साजिश को अंजाम दिया गया। आरोपियों ने आपसी समन्वय से न केवल हथियारों की डिलीवरी सुनिश्चित की, बल्कि हमले की योजना और उसके क्रियान्वयन में भी सक्रिय भूमिका निभाई।

बरामदगी और तकनीकी जांच

संयुक्त पुलिस टीमों ने कार्रवाई के दौरान एक जिंदा हैंड ग्रेनेड और 15 जिंदा .30 बोर कारतूस बरामद किए हैं। इसके अलावा, पुलिस इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस, कॉल डिटेल रिकॉर्ड (सीडीआर) और अन्य तकनीकी साक्ष्यों की भी जांच कर रही है, ताकि पूरे नेटवर्क की गहराई तक पहुंचा जा सके।

फरार आरोपितों की तलाश जारी

दोनों फरार आरोपितों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस ने विशेष टीमें गठित की हैं, जो विभिन्न राज्यों में छापेमारी कर रही हैं। अंतरराष्ट्रीय कनेक्शन को देखते हुए केंद्रीय एजेंसियों के साथ भी समन्वय किया जा रहा है।

आगे की जांच पर फोकस

पुलिस का कहना है कि जांच का मुख्य उद्देश्य अब इस मॉड्यूल की पूरी संरचना को उजागर करना, हथियारों की सप्लाई चेन का पता लगाना और देश-विदेश में फैले इसके नेटवर्क की कड़ियों को जोड़ना है।

इसके साथ ही, यह भी जांच की जा रही है कि क्या इस मॉड्यूल का संबंध अन्य घटनाओं से भी रहा है। सुरक्षा एजेंसियां इस मामले को गंभीरता से लेते हुए हर पहलू की गहन जांच कर रही हैं, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके।