स्कूल सरकारी, माता-पिता करते हैं मेहनत और मजदूरी; चंडीगढ़ के तीन स्टूडेंट्स के भाषण से गूंजा संसद का सेंट्रल हॉल
चंडीगढ़ के डड्डूमाजरा स्थित सरकारी स्कूल के तीन छात्रों ने संसद भवन के सेंट्रल हॉल में महात्मा गांधी और लाल ...और पढ़ें

चंडीगढ़ के सरकारी स्कूल के तीन विद्यार्थियों ने संसद के सेंट्रल हाउस में दिया भाषण। (एआई जनरेटेड फोटो)
HighLights
डड्डूमाजरा स्थित सरकारी स्कूल के बच्चों ने बढ़ाया मान।
महात्मा गांधी, लाल बहादुर शास्त्री की जयंती पर कार्यक्रम।
लोकसभा अध्यक्ष ने विद्यार्थियों की प्रतिभा को सराहा।
जागरण संवाददाता, चंडीगढ़। मेहनत-मजदूरी करने वाले माता-पिता के सरकारी स्कूल में पढ़ने वाले बच्चे संसद में भाषण दे तो यह उनके लिए गर्व की बात है। साथ ही दूसरों के लिए एक प्रेरणा भी। इसी का उदाहरण पेश किया है डड्डूमाजरा के गवर्नमेंट मॉडल हाई स्कूल में आठवीं कक्षा में पढ़ने वाली काव्या, दसवीं के दिला डांग और सूरज ने।
महात्मा गांधी और लाल बहादुर शास्त्री की जयंती पर 2 अक्टूबर को नई दिल्ली स्थित संसद हाउस के सेंट्रल हॉल में आयोजित ‘नो योर लीडर्स’ कार्यक्रम में देशभर से 36 स्टूडेंट्स को आमंत्रित किया गया था। इनमें से 12 स्टूडेंट्स को नेताओं के जीवन और विचारों पर स्पीच देने के लिए चुना गया।
खास बात यह रही कि स्पीच के लिए चयनित 12 स्पीकर्स में तीन स्टूडेंट्स चंडीगढ़ के सरकारी स्कूल से रहे। काव्या, दिला डांगी और सूरज ने महात्मा गांधी और लाल बहादुर शास्त्री के जीवन, विचारों, मूल्यों और देश के लिए योगदान पर अपने विचार रखे। उन्होंने अपने संबोधन में सत्य, सादगी, साहस, सेवा, अनुशासन और जिम्मेदारी जैसे मूल्यों को प्रमुखता से रखा।
चंडीगढ़ से एकमात्र स्कूल, चार स्टूडेंट्स हुए शामिल
डड्डूमाजरा का गवर्नमेंट मॉडल हाई स्कूल इस कार्यक्रम में चंडीगढ़ का प्रतिनिधित्व करने वाला एकमात्र स्कूल रहा। स्कूल के चार स्टूडेंट्स को कार्यक्रम में शामिल होने का अवसर मिला। इनमें काव्या, दिला डांगी और सूरज ने स्पीच दी, जबकि कक्षा आठ की खुशी आमंत्रित स्टूडेंट के तौर पर कार्यक्रम में शामिल हुईं।
शिक्षकों ने तैयार करवाई स्पीच
कार्यक्रम के लिए स्टूडेंट्स को स्कूल के सोशल साइंस के टीजीटी भारत भूषण ने तैयार करवाया। उन्होंने स्पीच तैयार करने से लेकर प्रस्तुति तक स्टूडेंट्स का मार्गदर्शन किया और पूरे कार्यक्रम में उनके साथ रहे। साइंस की टीजीटी प्रीति भी स्टूडेंट्स के साथ मौजूद रहीं और कार्यक्रम में उनकी भागीदारी में सहयोग किया।
संसद हाउस को करीब से जाना
कार्यक्रम के दौरान स्टूडेंट्स को पार्लियामेंट हाउस जैसे देश के महत्वपूर्ण लोकतांत्रिक संस्थान को करीब से देखने और समझने का अवसर मिला। साथ ही उन्होंने महात्मा गांधी और लाल बहादुर शास्त्री के जीवन, विचारों और योगदान से जुड़े मूल्यों को अपनी पढ़ाई और व्यावहारिक अनुभव से जोड़कर समझा।
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लोकसभा अध्यक्ष ने की पोशाक की तारीफ
कार्यक्रम में काव्या महाराष्ट्र की पारंपरिक पोशाक पहनकर गई थी। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने उनकी पोशाक की तारीफ की। उन्होंने काव्या से तैयारी के बारे में पूछा तो उन्होंने आत्मविश्वास के साथ जवाब दिया कि तैयारी बहुत अच्छी है।
