चंडीगढ़ [राजेश ढल्ल]। स्वच्छता सर्वेक्षण लीग 2020 के क्वार्टर माह की रैकिंग में चंडीगढ़ का 27वें नंबर पर आने से नगर निगम की किरकिरी हो रही है। वहीं कांग्रेस  पार्टी ने इसके लिए भाजपा को जिम्मेदार बताया है।

कांग्रेस अध्यक्ष प्रदीप छाबड़ा ने कहा कि भ्रष्टाचार, भाई-भतीजावाद व भाजपा नेताओं की आपसी लड़ाई की वजह से चंडीगढ़ की स्थिति बदहाल हुई है। छाबड़ा का कहना है कि हर साल नगर निगम की ओर से करोड़ों रुपये सफाई पर खर्च किया जा रहा है। दक्षिणी सेक्टरों की सफाई का काम लायंस कंपनी को दिया गया है जिसे हर माह सवा चार करोड़ रुपये का भुगतान नगर निगम की ओर से किया जा रहा है इसके बावजूद शहर की सफाई व्यवस्था ठीक नहीं है।

सीबीआइ जांच  की करेंगे मांगः छाबड़ा

प्रदीप छाबड़ा का कहना है कि वह इस मामले के खिलाफ सीबीआइ जांच को लेकर जल्द शिकायत दर्ज करवाएंगे। छाबड़ा ने कहा कि पिछले तीन साल में नगर निगम लायंस कंपनी को 150 करोड़ से ज्यादा की राशि का भुगतान कर चुकी है। उनका कहना है कि कुछ पार्षदों और अफसरों की मिलीभगत से चंडीगढ़ की स्वच्छता रैकिंग पिछड़ी है।

फाइनल रैकिंग में होगा सुधारः मेयर

मालूम हो कि स्वच्छता सर्वेक्षण 2019 में चंडीगढ़ की रैकिंग 20 वें नंबर पर आई थी लेकिन स्वच्छत सर्वेक्षण 2020 की फाइनल रैकिंग अगल साल मार्च माह में आएगी। नगर निगम कमिश्नर केके यादव का कहना है कि शुरूवाती क्वार्टर में वेस्ट मनैजमेंट के लिए उठाए गए कदम कुछ कमजोर रहे हैं लेकिन उसके बाद काफी अच्छे कदम उठाए गए है जिसका असर फाइनल रैकिंग में देखने को मिलेगी।

 

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Posted By: Vikas Kumar

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