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चंडीगढ़ में जिगाना और ग्लाक पिस्टलों के साथ पकड़े बदमाश; अत्याधुनिक हथियारों ने बढ़ाई सुरक्षा एजेंसियों की चिंता

Published: Tue, 19 May 2026 08:17 PM (IST)

चंडीगढ़ में पुलिस ने डोनी बाल और मोहब्बत रंधावा गैंग के तीन शूटरों को मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार किया है। ...और पढ़ें

शूटरों की गिरफ्तारी के बाद बरामद गोल्ड प्लेटेड पिस्टल।

शूटरों की गिरफ्तारी के बाद बरामद गोल्ड प्लेटेड पिस्टल।

HighLights

  1. चंडीगढ़ में मुठभेड़ के बाद तीन शूटर गिरफ्तार।

  2. विदेशी हथियार और कारतूस बरामद हुए।

  3. विदेश में बसाने का लालच देकर बनाया शूटर।

जागरण संवाददाता, चंडीगढ़। सेक्टर-43 बस स्टैंड के पीछे सोमवार रात हुई मुठभेड़ में विदेश में बैठे गैंगस्टर डोनी बल और मोहब्बत रंधावा गैंग के तीन शूटरों की गिरफ्तारी ने सुरक्षा एजेंसियों को सतर्क कर दिया है। शूटरों से एक जिगाना पिस्टल (.30 बोर), एक ग्लाक 9 एमएम पिस्टल, एक .32 बोर पिस्टल, कारतूस और खाली खोल बरामद हुए हैं।

शुरुआती जांच में सामने आया है कि इन विदेशी हथियारों की कीमत लाखों रुपये में है और इन्हें हासिल करना सामान्य अपराधियों के बस की बात नहीं मानी जाती। जांच एजेंसियों का मानना है कि इतनी आसानी से अत्याधुनिक विदेशी हथियारों का गैंगस्टरों तक पहुंचना इस बात का संकेत है कि उनका नेटवर्क न केवल भारत में बल्कि बार्डर पार तक मजबूत हो चुका है।

पुलिस अधिकारियों के अनुसार जिगाना और ग्लाक जैसी पिस्टलें आमतौर पर संगठित अपराधी गिरोहों और पेशेवर गैंगस्टरों द्वारा इस्तेमाल की जाती हैं। ऐसे हथियारों की सप्लाई बिना मजबूत अंतरराज्यीय और अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क के संभव नहीं मानी जाती।

अब पुलिस जांच का मुख्य केंद्र इस बात पर है कि आरोपितों तक ये विदेशी हथियार आखिर पहुंचे कैसे। जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि हथियार पंजाब, राजस्थान या किसी अन्य राज्य के नेटवर्क से आए या फिर इनके तार विदेश में सक्रिय हथियार तस्करी गिरोहों से जुड़े हैं।

मलेशिया से लौटकर बना गैंग का शूटर

जांच में सामने आया है कि 19 वर्षीय प्रभजोत सिंह इसी वर्ष फरवरी में मलेशिया से भारत लौटा था। मलेशिया में काम करने के दौरान उसकी मुलाकात तरनतारन निवासी अर्शदीप से हुई, जिसने उसकी पहचान गैंगस्टर मोहब्बत रंधावा और डोनी बल से करवाई। इसके बाद प्रभजोत गैंग के संपर्क में आ गया और धीरे-धीरे उसे अपराध की दुनिया में धकेल दिया गया।

विदेश में बसाने का दिया गया लालच

पुलिस सूत्रों के अनुसार गोपी निज्जर की हत्या के बदले आरोपितों को विदेश में बसाने और अच्छी कंट्री में पनाह दिलाने का लालच दिया गया था। जांच में सामने आया कि प्रभजोत और जोबनप्रीत हत्या के मुख्य शूटर थे, जबकि गौरव उर्फ गोला को पुलिस पहले ही गिरफ्तार कर चुकी है। वहीं अजय पाल सिंह ने हथियार उपलब्ध कराए और पूरी साजिश में अहम भूमिका निभाई।

पिता की मौत के बाद गैंग के जाल में फंसा जोबनप्रीत

पुलिस के मुताबिक 18 वर्षीय जोबनप्रीत सिंह अपने पिता की मौत के बाद आर्थिक और सामाजिक रूप से कमजोर स्थिति में था। वह अमृतसर में अजय के साथ फूड स्टाल पर काम करता था। इसी दौरान वह गैंगस्टरों के संपर्क में आया। पुलिस का कहना है कि गैंग ने उसे बेहतर जिंदगी और विदेश भेजने के सपने दिखाकर अपने लिए इस्तेमाल किया।

एन्क्रिप्टेड एप के जरिए मिलते थे आदेश

पूछताछ में खुलासा हुआ है कि तीनों आरोपित विदेश में बैठे गैंगस्टर डोनी बल और मोहब्बत रंधावा के संपर्क में एन्क्रिप्टेड मैसेजिंग ऐप के जरिए रहते थे। इन्हीं के निर्देश पर 30 अप्रैल 2026 की सुबह कपूरथला में गैंगस्टर सुक्खा काहलवां हत्याकांड के मुख्य गवाह गुरप्रीत उर्फ गोपी निज्जर की हत्या को अंजाम दिया गया था।

हत्या के बाद डोनी बल गैंग ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए इसकी जिम्मेदारी भी ली थी। पुलिस का कहना है कि आरोपित पहले भी गैंगस्टरों के कहने पर अन्य शूटरों तक हथियार पहुंचाने का काम कर चुके हैं। अब जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि इस नेटवर्क में और कौन-कौन शामिल हैं और विदेशी हथियारों की सप्लाई कहां से हो रही थी।

कैसे काबू किए गए आरोपित

18 मई को ऑपरेशन सेल के इंस्पेक्टर सतविंदर को गुप्त सूचना मिली थी कि डोनी बल और मोहब्बत रंधावा गैंग के सदस्य सेक्टर-43 बस स्टैंड के पास किसी बड़ी वारदात की योजना बना रहे हैं। सूचना थी कि आरोपित हथियारों के बल पर कार लूटने की फिराक में हैं। सूचना मिलते ही इंस्पेक्टर सतविंदर के नेतृत्व में पुलिस टीम ने इलाके में जाल बिछा दिया।

जैसे ही पुलिस ने आरोपितों को घेरने का प्रयास किया, वे जंगल की तरफ भागने लगे और पुलिस पर फायरिंग शुरू कर दी। आरोपितों ने लगातार तीन राउंड गोलियां चलाईं, जबकि जवाबी कार्रवाई में पुलिस ने दो राउंड फायर किए। इस दौरान एक गोली ऑपरेशन सेल के एक सदस्य की बुलेटप्रूफ जैकेट पर लगी। इसके बाद पुलिस ने पूरे इलाके को घेर लिया। खुद को चारों तरफ से घिरा देख आरोपितों ने आखिरकार हथियार डाल दिए।