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पटाखों की ऑनलाइन बिक्री पर चंडीगढ़ प्रशासन की रोक, दीवाली और गुरुपर्व को लेकर जारी किए दिशा-निर्देश

Published: Mon, 26 Oct 2026 07:13 PM (IST)

चंडीगढ़ प्रशासन ने दिवाली और गुरुपर्व के लिए पटाखों की बिक्री और उपयोग पर सख्त दिशानिर्देश जारी किए हैं। ऑनलाइन ...और पढ़ें

दीवाली और गुरु पर्व को लेकर पटाखों की बिक्री और खरीदारी के लिए दिशा-निर्देश जारी। (सांकेतिक फोटो)

दीवाली और गुरु पर्व को लेकर पटाखों की बिक्री और खरीदारी के लिए दिशा-निर्देश जारी। (सांकेतिक फोटो)

HighLights

  1. चंडीगढ़ में लड़ी वाले पटाखों का उपयोग पूरी तरह वर्जित।

  2. दीवाली पर रात 8 से 10 बजे तक ही चला सकेंगे पटाखे।

  3. गुरुपर्व पर सुबह 4 से 5 बजे, रात 9 से 10 बजे तक।



जागरण संवाददाता, चंडीगढ़। चंडीगढ़ में पटाखों की ऑनलाइन बिक्री नहीं हो सकेगी और सीरीज क्रैकर्स या लड़ी वाले पटाखों पर प्रतिबंध रहेगा। ग्रीन श्रेणी की पटाखों की लड़ियां भी प्रतिबंधित हैं, क्योंकि उनसे वायु और ध्वनि प्रदूषण के साथ ठोस कचरे की समस्या बढ़ती है।  

प्रशासन ने दीवाली और गुरुपर्व पर पटाखों की बिक्री और इस्तेमाल के लिए सख्त दिशा-निर्देश जारी किए हैं। आदेश तत्काल प्रभाव से लागू होकर अगले आदेश तक प्रभावी रहेंगे। उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा सकती है।

शहर में केवल सीएसआईआर-नीरी से प्रमाणित ग्रीन पटाखे ही बेचे और चलाए जा सकेंगे। दीवाली पर रात 8 से 10 बजे तक और गुरुपर्व पर सुबह 4 से 5 बजे तथा रात 9 से 10 बजे तक पटाखे चलाने की अनुमति होगी। तय समय के बाहर पटाखे चलाने या प्रतिबंधित पटाखे बेचने पर कार्रवाई की जाएगी।

लाइसेंसधारकों को ही बिक्री की अनुमति

पटाखे केवल लाइसेंसधारक विक्रेता ही बेच सकेंगे। उन्हें यह सुनिश्चित करना होगा कि बिक्री में प्रशासन से अनुमत पटाखे ही शामिल हों। फ्लिपकार्ट, अमेजन समेत किसी भी ई-कामर्स वेबसाइट को चंडीगढ़ में पटाखों के ऑनलाइन ऑर्डर लेने या बिक्री करने की अनुमति नहीं होगी।

साइलेंस जोन में पटाखे चलाने पर प्रतिबंध

अस्पतालों, नर्सिंग होम, प्राथमिक एवं जिला स्वास्थ्य केंद्रों, शिक्षण संस्थानों, अदालतों और धार्मिक स्थलों के 100 मीटर के दायरे में पटाखे चलाने पर प्रतिबंध रहेगा। प्रशासन की ओर से घोषित अन्य साइलेंस जोन में भी पटाखे नहीं चलाए जा सकेंगे।

पुलिस की होगी जिम्मेदारी

आदेश के पालन की जिम्मेदारी संबंधित सरकारी एजेंसियों, विशेष रूप से पुलिस की होगी। पुलिस को यह सुनिश्चित करना होगा कि पटाखे तय समय में चलें और प्रतिबंधित पटाखों की बिक्री न हो।

उल्लंघन होने पर संबंधित थाने के एसएचओ को व्यक्तिगत रूप से जिम्मेदार ठहराया जाएगा। प्रशासन का जनसंपर्क विभाग पटाखों से होने वाले नुकसान के प्रति जागरूकता अभियान भी चलाएगा।