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चंडीगढ़ में ईवी पर नकद सब्सिडी का खेल खत्म, 1.50 लाख रुपये तक का मिलता था लाभ

Published: Fri, 25 Sep 2026 05:14 PM (IST)

चंडीगढ़ प्रशासन ने इलेक्ट्रिक वाहनों पर नकद सब्सिडी योजना को पूरी तरह समाप्त कर दिया है। अब केवल गैर-नकद प्रोत्साहन ...और पढ़ें

इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने के लिए शुरू की गई नकद सब्सिडी योजना बंद। (सांकेतिक फोटो)

इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने के लिए शुरू की गई नकद सब्सिडी योजना बंद। (सांकेतिक फोटो)

HighLights

  1. चंडीगढ़ प्रशासन ने इलेक्ट्रिक वाहन नकद सब्सिडी योजना खत्म की।

  2. ई-कार पर 1.50 लाख रुपये तक का लाभ मिलता था।

  3. अब केवल गैर-नकद प्रोत्साहन चंडीगढ़ में खरीद पर मिलेंगे।

राजेश ढल्ल, चंडीगढ़। इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने के लिए चंडीगढ़ प्रशासन की ओर से शुरू की गई नकद सब्सिडी योजना अब पूरी तरह खत्म हो गई है। यानी डेढ़ लाख रुपये तक का लाभ अब नहीं मिलेगा। विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी तथा नवीकरणीय ऊर्जा विभाग ने वीरवार को इसकी अधिसूचना जारी कर दी है।

ई-कार खरीदारों को पिछले करीब डेढ़ साल से नकद सब्सिडी नहीं मिल रही थी, क्योंकि निर्धारित कोटा पूरा हो चुका था। अब प्रशासन ने इलेक्ट्रिक वाहन नीति-2022 में चौथा संशोधन कर नकद प्रोत्साहन का प्रावधान ही समाप्त कर दिया है। 

खास बात यह है कि पिछले साल सब्सिडी का कोटा खत्म होने के बाद प्रशासन ने इसे बढ़ाने पर भी विचार किया था। ईवी एडवाइजरी कमेटी की सिफारिश के आधार पर व्यक्तिगत ई-कारों के लिए सब्सिडी वाले वाहनों की संख्या 2000 से बढ़ाकर 3500 करने का प्रस्ताव सामने आया था।

इससे उम्मीद जगी थी कि ई-कार खरीदारों को दोबारा नकद प्रोत्साहन मिल सकेगा। हालांकि अब प्रशासन ने नकद प्रोत्साहन को ही नीति से बाहर कर दिया है।

डेढ़ लाख रुपये तक मिलती थी सब्सिडी

ईवी नीति के तहत शुरुआती 2000 व्यक्तिगत ई-कारों को बैटरी क्षमता के आधार पर 5000 रुपये प्रति किलोवाॅट घंटा की दर से नकद प्रोत्साहन दिया जाता था। इसकी अधिकतम सीमा 1.50 लाख रुपये प्रति वाहन थी। यानी अधिक बैटरी क्षमता वाली पात्र ई-कार खरीदने वाले उपभोक्ता को अधिकतम डेढ़ लाख रुपये तक का सीधा लाभ मिल सकता था।

इसी तरह ई-टू-व्हीलर पर 5000 रुपये प्रति किलोवाॅट घंटा की दर से अधिकतम 30 हजार रुपये और ई-साइकिल पर वाहन की कीमत का 25 प्रतिशत, अधिकतम 4000 रुपये तक प्रोत्साहन का प्रविधान था।

अब केवल गैर-नकद प्रोत्साहन

नए संशोधन के बाद नीति के क्लॉज-4 के तहत मिलने वाली नकद सब्सिडी बंद कर दी गई है। हालांकि क्लॉज 4.1.2 के तहत मिलने वाले अन्य गैर-नकद प्रोत्साहन जारी रहेंगे। प्रशासन ने इनके लिए पात्रता की शर्त भी सख्त कर दी है।

अब गैर-नकद प्रोत्साहन का लाभ लेने के लिए ईवी चंडीगढ़ से ही खरीदना और उसका पंजीकरण भी चंडीगढ़ में ही कराना अनिवार्य होगा। दूसरे शहर या राज्य से खरीदे गए इलेक्ट्रिक वाहन पर यह लाभ नहीं मिलेगा।

लंबित आवेदन होंगे मंजूर

प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि पोर्टल पर पहले से लंबित नकद सब्सिडी के आवेदनों का निपटारा किया जाएगा। यानी नई व्यवस्था भविष्य में होने वाली खरीद पर लागू होगी, जबकि पहले से आवेदन कर चुके पात्र उपभोक्ताओं के मामलों को लंबित आवेदनों के रूप में निपटाया जाएगा।

 किस वाहन पर कितनी थी सब्सिडी

वाहन सब्सिडी अधिकतम सब्सिडी
ई-कार 5,000 रुपये प्रति किलोवाट घंटा 1.50 लाख रुपये
ई-टू-व्हीलर 5,000 रुपये प्रति किलोवाट घंटा 30,000 रुपये
ई-साइकिल वाहन की लागत का 25 प्रतिशत 4,000 रुपये
ई-कार का सब्सिडी कोटा पहले 2,000 वाहन बाद में 3,500 करने पर विचार