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चंडीगढ़ में चलती ई-बस का पहिया निकला, ड्राइवर की सूझबूझ से बची 15 यात्रियों की जान

Published: Sat, 11 Jul 2026 09:11 AM (IST)

चंडीगढ़ में एक चलती इलेक्ट्रिक बस के दोनों टायर अचानक निकल गए, लेकिन ड्राइवर की सूझबूझ से बस में सवार ...और पढ़ें

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HighLights

  1. चलती इलेक्ट्रिक बस के दोनों टायर अचानक निकले

  2. ड्राइवर की सूझबूझ से 15 यात्रियों की जान बची

  3. इलेक्ट्रिक बसों की सुरक्षा और रखरखाव पर सवाल उठे

जागरण संवाददाता, चंडीगढ़। शहर में प्रदूषण कम करने के उद्देश्य से संचालित की जा रही इलेक्ट्रिक बसों की सुरक्षा एक बार फिर सवालों के घेरे में आ गई है। शनिवार सुबह सेक्टर-46 / 47 के बीच एक चलती इलेक्ट्रिक बस के दोनों टायर एक साथ निकल गए।

उस समय बस में करीब 15 यात्री सवार थे जो कि रामदरबार से मलोया की तरफ जा रहे थे। चालक की सूझबूझ से बस को तुरंत नियंत्रित कर रोक लिया गया, जिससे बड़ा हादसा टल गया। घटना में किसी यात्री के घायल होने की सूचना नहीं है।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, बस सामान्य गति से चल रही थी कि अचानक तेज आवाज के साथ उसका एक टायर निकल गया। चालक ने तत्काल ब्रेक लगाकर बस को सड़क किनारे रोक दिया। यदि बस तेज रफ्तार में होती या चालक समय पर नियंत्रण नहीं कर पाता तो गंभीर दुर्घटना हो सकती थी। 

पहली बार नहीं हुआ ऐसा

यह पहला मौका नहीं है जब शहर में इलेक्ट्रिक बसों को लेकर सुरक्षा संबंधी सवाल उठे हों। इससे पहले भी चलती इलेक्ट्रिक बसों के पलटने और तकनीकी खराबी के मामले सामने आ चुके हैं। लगातार सामने आ रही घटनाओं के कारण यात्रियों में भी चिंता बढ़ रही है।

उधर, इसी सप्ताह यूटी के प्रशासक गुलाब चंद कटारिया ने शहर के सार्वजनिक परिवहन को मजबूत बनाने के लिए नई इलेक्ट्रिक बसें शामिल करने को लेकर अधिकारियों के साथ बैठक की थी। अधिकारियों का कहना है कि बसों की संख्या बढ़ने से शहर के अधिकांश प्रमुख मार्गों पर हर 15 मिनट में बस सेवा उपलब्ध कराई जा सकेगी, जिससे निजी वाहनों पर निर्भरता कम होगी और प्रदूषण नियंत्रण में मदद मिलेगी।

बसो की फिटनेस पर खड़े हुए सवाल

हालांकि शनिवार की घटना ने यह सवाल खड़ा कर दिया है कि नई बसों की संख्या बढ़ाने के साथ-साथ उनकी तकनीकी गुणवत्ता, नियमित फिटनेस जांच और रखरखाव पर कितना ध्यान दिया जा रहा है।

यात्रियों का कहना है कि पर्यावरण के अनुकूल सार्वजनिक परिवहन तभी सफल होगा, जब उसमें सफर करने वाले लोगों की सुरक्षा भी पूरी तरह सुनिश्चित हो। अब लोगों की निगाहें प्रशासन की कार्रवाई पर हैं कि इस घटना की तकनीकी जांच कर जिम्मेदारी तय की जाती है या नहीं, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकी जा सके।