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चंडीगढ़ में बुजुर्गों पर बढ़ा अपराध; संकट की घड़ी में कहां मांगे मदद? एल्डरलाइन 14567 बंद होने पर उठे सवाल

Published: Wed, 13 May 2026 10:00 AM (IST)

चंडीगढ़ में बुजुर्गों के खिलाफ अपराध दर देश में सबसे अधिक है, जबकि उनकी मदद के लिए बनी एल्डरलाइन 14567 ...और पढ़ें

एनसीआरबी की रिपोर्ट के अनुसार चंडीगढ़ में बुजुर्गों से अपराध का क्राइम रेट देश में सर्वाधिक। (फोटो AI जनरेटेड)

एनसीआरबी की रिपोर्ट के अनुसार चंडीगढ़ में बुजुर्गों से अपराध का क्राइम रेट देश में सर्वाधिक। (फोटो AI जनरेटेड)

HighLights

  1. चंडीगढ़ में बुजुर्गों के खिलाफ अपराध दर देश में सर्वाधिक।

  2. एल्डरलाइन 14567 दो साल से बंद, नहीं मिल रही मदद।

  3. सामाजिक संगठनों ने हेल्पलाइन तत्काल शुरू करने की मांग की।

मनोज बिष्ट, चंडीगढ़। शहर में बुजुर्गों की सुरक्षा और सहायता को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। हाल ही में जारी नेशनल क्राइम रिकार्ड्स ब्यूरो (एनसीआरबी) की रिपोर्ट के अनुसार चंडीगढ़ में बुजुर्गों से अपराध का क्राइम रेट देश में सबसे अधिक है। 

इस पर प्रशासन पर सवाल उठने लगे हैं, क्योंकि वरिष्ठ नागरिकों की मदद के लिए शुरू की गई विशेष हेल्पलाइन एल्डरलाइन 14567 पिछले लगभग दो वर्षों से बंद पड़ी है।

सामाजिक संगठनों के अनुसार चंडीगढ़ में बड़ी संख्या में ऐसे वरिष्ठ नागरिक रहते हैं जिनके बच्चे विदेशों या दूसरे शहरों में बस चुके हैं। कई बुजुर्ग अकेले या घरेलू सहायकों के भरोसे जीवन गुजार रहे हैं।

ऐसे में आपात स्थिति, स्वास्थ्य संकट, आर्थिक धोखाधड़ी या मानसिक उत्पीड़न के मामलों में तत्काल सहायता के लिए एल्डरलाइन जैसी सेवा बेहद जरूरी मानी जाती है। लेकिन हेल्पलाइन के बंद रहने से जरूरतमंद बुजुर्गों को न तो तत्काल परामर्श मिल पा रहा है और न ही संबंधित विभागों तक त्वरित सहायता पहुंच रही है।

वरिष्ठ नागरिक कल्याण के दावों पर सवाल

वरिष्ठ नागरिक संगठनों और सामाजिक संस्थाओं ने प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि सरकारें एक ओर सक्रिय वृद्धावस्था और सीनियर सिटीजन वेलफेयर जैसे अभियान चलाती हैं, जबकि दूसरी ओर जमीनी स्तर पर सबसे अहम सहायता तंत्र ही ठप पड़ा है।

सामाजिक कार्यकर्ताओं का आरोप है कि यदि हेल्पलाइन लंबे समय से बंद थी तो प्रशासन को इसकी वैकल्पिक व्यवस्था करनी चाहिए थी। बुजुर्गों के लिए हेल्पलाइन सिर्फ शिकायत दर्ज करने का माध्यम नहीं होती, बल्कि यह मानसिक सहयोग, कानूनी सलाह, स्वास्थ्य सहायता और पुलिस हस्तक्षेप का भी महत्वपूर्ण साधन होती है।

उठीं ये प्रमुख मांगें

  • एल्डरलाइन 14567 को तत्काल प्रभाव से दोबारा शुरू किया जाए।
  • हेल्पलाइन की वर्तमान स्थिति और बंद रहने के कारणों पर सार्वजनिक स्पष्टीकरण जारी किया जाए।
  • पुलिस, स्वास्थ्य विभाग और सामाजिक न्याय विभाग के बीच संयुक्त आपात सहायता तंत्र विकसित किया जाए।
  • चंडीगढ़ में वरिष्ठ नागरिकों की सुरक्षा के लिए विशेष कार्य योजना बनाई जाए।
  • अकेले रह रहे बुजुर्गों के नियमित पुलिस वेरिफिकेशन और सुरक्षा ऑडिट शुरू किए जाएं।