चंडीगढ़, जेएनएन। चंडीगढ़ शिक्षा विभाग में टीचर्स की लगातार कमी हो रही है। क्योंकि शिक्षकों की रिटायरमेंट के बाद पद भरने के लिए नई भर्ती नहीं हो रही है। 30 अप्रैल तक शिक्षा विभाग के पास 1250 टीचर्स की कमी थी, अब यह संख्या 1350 पहुंच चुकी है।

वहीं, अब चंडीगढ़ शिक्षा विभाग ने स्कूलों में कांट्रेक्ट पर काम कर रहे 113 स्कूल काउंसलर की भी छुट्टी कर दी है। स्कूल काउंसलर कांट्रेक्ट पर शिक्षा विभाग में सेवाएं दे रहे थे। 30 अप्रैल को काउंसलर का एक साल का कांट्रेक्ट पूरा हो गया, जिसके बाद शिक्षा विभाग ने काम नहीं होने की दुहाई देते हुए उक्त 113 काउंसलर को कार्यमुक्त कर दिया है। टीचर्स को कार्यमुक्ति के साथ आश्वासन दिया गया है कि गर्मियों की छुट्टियों बाद उन्हें दोबारा से बहाल कर दिया जाएगा। इससे पहले कांट्रेक्ट पर काम कर रहे कंप्यूटर टीचर्स को भी इसी तरह काम से निकाला गया था। 

स्टूडेंट्स की काउंसलिंग करते थे काउंसलर

स्कूलों में नियुक्त किए गए काउंसर (टीचर्स) का काम उन्हें बच्चों को पढ़ाई के साथ विभिन्न एक्टीविटी के लिए मोटिवेट करना था। किसी भी क्लास टीचर्स को किसी स्टूडेंट्स में कोई परेशानी लगती है या फिर अभिभावकों की तरफ से स्टूडेंट्स को लेकर कोई दिक्कत रहती थी तो काउंसलर उसमें स्टूडेंट की काउंसलिंग करते थे और उन्हें आगे बढ़ने के लिए मोटिवेट करते थे।

10 मई से आठ जून तक रहेंगी स्कूलों में छुट्टियां

कोरोना महामारी के प्रकोप को देखते हुए चंडीगढ़ शिक्षा विभाग ने गर्मियों की छुट्टियों को इस बार जून के बजाय  मई से शुरू कर दी है। इस बार गर्मियों की छुट्टियां 10 मई से आठ जून तक होंगी। इस दौरान स्कूलों में टीचिंग की प्रक्रिया पूरी तरह से बंद कर दी गई है। स्कूल में दसवीं का परिणाम बनाने वाले सात टीचर्स, एडमिशन करने वाले टीचर्स जरूरत के अनुसार, फोर्थ क्लास और तकनीकी कर्मचारी जरूरत के अनुसार बुलाए जा सकते है। वहीं चंडीगढ़ प्रशासन की तरफ से कुछ टीचर्स की डिजास्टर मैनेजमेंट एक्ट के तहत कोरोना में ड्यूटी लगाई हुई है। इसके अलावा अन्य सभी टीचर्स की स्कूलों में छुट्टी चल रही है।